वैश्विक तेल उत्पादक समूह को बड़ा झटका: यूएई ने ओपेक और ओपेक+ छोड़ा
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मंगलवार को कहा कि वह ओपेक पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और ओपेक+ से अलग हो रहा है. तेल निर्यातक समूहों और उनके वास्तविक नेता सऊदी अरब के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब ईरान युद्ध के कारण ऐतिहासिक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिर है. ओपेक के पुराने सदस्य यूएई का इस तरह अचानक अलग होना समूह के भीतर अव्यवस्था पैदा कर सकता है और उसे कमजोर कर सकता है. यह समूह आमतौर पर भू-राजनीति से लेकर उत्पादन कोटा जैसे कई मुद्दों पर आंतरिक मतभेदों के बावजूद एक एकजुट मोर्चा दिखाने की कोशिश करता रहा है. ओपेक के खाड़ी उत्पादक पहले से ही हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से निर्यात करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
‘जिसका खाता है, उसे लेकर आओ’: ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स
क्योंझर जिले के डियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा (50) की बड़ी बहन कलारा मुंडा (56) की मृत्यु 26 जनवरी 2026 को हो गई थी. कलारा के बैंक खाते में ₹20,000 जमा थे. आर्थिक रूप से बेहद कमजोर जीतू मुंडा अपनी बहन की जमा पूंजी निकालने के लिए कई बार ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा गया. जीतू का आरोप है कि उसने बैंक कर्मचारियों को बार-बार बताया कि उसकी बहन की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन बैंक वालों ने एक न सुनी. उन्होंने कथित तौर पर शर्त रख दी कि ‘पैसे तभी मिलेंगे जब खाताधारक खुद बैंक आएगा
अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव: ट्रंप की टिप्पणी, भारत की चुप्पी और उठते बड़े सवाल
हरकारा डीप डाइव के एक ऑडियो संस्करण में वरिष्ठ विश्लेषक श्रवण गर्ग के साथ भारत-अमेरिका संबंधों पर विस्तृत बातचीत की गई. इस चर्चा में मुख्य रूप से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी और भारत सरकार की प्रतिक्रिया या कहें, चुप्पी, पर सवाल उठाए गए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माइकल सैवेज की एक टिप्पणी साझा की, जिसमें भारत को “नर्क” कहा गया और भारतीयों को “गैंगस्टर्स विद लैपटॉप्स” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया.
“धार्मिक पहचान के कारण बनाया निशाना”, एमपी में हिरासत में लिए गए 155 मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों का आरोप
मध्यप्रदेश के कटनी में सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा "बाल श्रम" के संदेह में 155 मुस्लिम छात्रों और आठ शिक्षकों को हिरासत में लिए जाने के बाद, अभिभावकों ने मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बच्चों को उनकी धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया और माता-पिता के कटनी पहुँचने के बाद भी अधिकारियों ने उनकी रिहाई में जानबूझकर देरी की.
बंगाल चुनाव में आलू का भी दर्द; भाजपा को क्यों दिख रही है उम्मीद
पश्चिम बंगाल के हुगली और बर्धमान जिलों में, जो राज्य की आलू अर्थव्यवस्था का केंद्र हैं, किसानों के बीच गहरी हताशा और अनिश्चितता का माहौल है. जिस आलू ने कभी इन क्षेत्रों को समृद्धि दी थी, वही आज बंपर पैदावार के कारण किसानों के लिए 'श्राप' बन गया है. कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर, भतार विधानसभा सीट के छोर पर, आलू किसान एक चाय की दुकान पर बैठकर अपने अस्तित्व के संघर्ष पर चर्चा कर रहे थे. उन्हें उन एसयूवी की कोई परवाह नहीं थी जो हाईवे पर तेज़ी से गुज़र रही थीं—जिनमें से कुछ पर्यटकों को बीरभूम ले जा रही थीं और कुछ चुनाव आयोग के अधिकारियों को बंगाल में ड्यूटी पर.
इतने करीब कैसे पंहुच गया बंदूकधारी ट्रंप के पास?
वाशिंगटन के हिल्टन होटल में शनिवार रात व्हाइट हाउस करेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी ने अमेरिकी राजनीतिक और मीडिया जगत को हिला दिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और अन्य अधिकारियों को तुरंत वहाँ से निकाल लिया गया. कोई भी मेहमान हताहत नहीं हुआ, लेकिन एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा — हालाँकि उनकी बुलेटप्रूफ़ जैकेट ने उनकी जान बचाई और वे अगली सुबह अस्पताल से छुट्टी पा गए.पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने रविवार को सीबीएस, एबीसी और एनबीसी को दिए साक्षात्कारों में बताया कि संदिग्ध की प्रारंभिक जाँच के आधार पर क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों का मानना है कि वह प्रशासनिक अधिकारियों को — "संभवतः राष्ट्रपति समेत" — निशाना बनाने की फ़िराक़ में था. संदिग्ध फ़िलहाल जाँचकर्ताओं के साथ सहयोग नहीं कर रहा.
किसका पलड़ा भारी है दो माह से जारी जंग के बाद..
बीजिंग में 26 अप्रैल को चाइना एंड ग्लोबलाइज़ेशन फ़ोरम में बोलते हुए निंगशिया विश्वविद्यालय के उपकुलपति और मध्यपूर्व विशेषज्ञ नियू शिनचुन ने कहा, "अमेरिका और ईरान, दोनों को लगता है कि पलड़ा उनकी तरफ़ भारी है." उनके अनुसार अमेरिका सैन्य रूप से श्रेष्ठ है, लेकिन उसने अपने दो प्रमुख लक्ष्य — ईरान की परमाणु क्षमता और सैन्य शक्ति को नष्ट करना — हासिल नहीं किए हैं. दूसरी तरफ़ ईरान भारी नुकसान उठाने के बाद भी टिका हुआ है. "शासन बचा रहा, सेना बची रही, इसलिए ईरान मानता है कि समय उसके पक्ष में है," नियू ने कहा.
डीप डाइव विद श्रवण गर्ग | ममता की हार का मतलब देश के लिए क्या होगा?
पश्चिम बंगाल का 2026 का विधानसभा चुनाव अब सिर्फ एक राज्य की सत्ता का संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे देश की राजनीति और लोकतंत्र की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक ‘कुरुक्षेत्र’ बन चुका है. ‘हरकारा डीप डाइव’ पर ऑडियो पॉडकास्ट में में, वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने इस चुनाव के उन अनछुए पहलुओं पर रोशनी डाली, जो इसे आज़ाद भारत के सबसे जटिल और अभूतपूर्व चुनावों में से एक बनाते हैं.
बिरयानी के बाद तरबूज खाया और फिर 4 मौतें: मुंबई में एक त्रासदी जो 12 घंटों के भीतर घटित हुई
दक्षिण मुंबई में अपने घर पर एक पारिवारिक मिलन समारोह में भोजन के बाद एक दंपति और उनकी दो नाबालिग बेटियों की मौत हो गई, पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी. परिवार ने रात के खाने के बाद तरबूज का सेवन किया था, और उनकी मौत का कारण 'फूड पॉइजनिंग' (खाद्य विषाक्तता) होने का संदेह है.
आकार पटेल: भाजपा मुस्लिमों का पूर्ण बहिष्कार चाहती है
ख़ासकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाले अपने मौजूदा स्वरूप में, इस तथ्य के बारे में स्पष्ट है कि वह भारत के सबसे बड़े अल्पसंख्यक वर्ग का पूर्ण बहिष्कार चाहती है, जिसके ख़िलाफ़ वह ऐतिहासिक नाराज़गी रखती है. हमें इस भावना के गुण-दोषों में जाने की ज़रूरत नहीं है, सिवाय यह स्वीकार करने के कि पार्टी और उसके कई समर्थक ऐसा ही महसूस करते हैं. विचार करने वाला मुद्दा कुछ और है: जब भाजपा—और विशेष रूप से प्रधानमंत्री—इस बहिष्कार को बढ़ावा देने को लेकर इतने स्पष्ट हैं, तो फिर हम 'सबका साथ, सबका विश्वास' जैसे नारे और '140 करोड़ भारतीयों' के संदर्भ क्यों सुनते हैं?
बंगाल: मछली और झींगा भी मुद्दा; डेल्टा क्षेत्र के बड़े दांव वाले चुनाव में जीविका और वफादारी का असर
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में 'मछली' मुख्य केंद्र बिंदु रही है. इसकी शुरुआत तब हुई जब तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा को एक 'बोहिरागतो' (बाहरी) शक्ति के रूप में प्रचारित किया जो शाकाहार थोप देगी, और देखते ही देखते यह अभियान उस समय और तेज हो गया जब नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी मछली उत्पादन के आंकड़ों को लेकर आमने-सामने आ गए.
“लॉरेंस ही कर्म है”: मोदी के भारत का गैंगस्टर जो आइकन बन गया
लॉरेंस बिश्नोई पिछले एक दशक से अधिक समय से उच्च सुरक्षा हिरासत में है. इस दौरान उसका नाम भारत में और कनाडा तक कई हाई-प्रोफ़ाइल हत्याओं से जुड़ा रहा है. उसकी ताक़त, जो अब तक कमज़ोर नहीं हुई दिखती, उसे क्या समझाती है? लॉरेंस की ज़िंदगी पर ‘द गार्डियन’ में प्रकाशित अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में अतुल देव ने कहा है कि बिश्नोई आज के उस भारत का प्रतीक बन गया है जहाँ कानून के बजाय ताकत की पूजा हो रही है. वह खुद को 'मुख्यधारा' से बाहर रहकर खुश बताता है, और उसके समर्थक उसे एक ऐसे योद्धा के रूप में देखते हैं, जो वह सब हासिल कर रहा है जो वे केवल सपनों में देख सकते हैं. बिश्नोई केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक बदलती हुई सामाजिक मानसिकता का परिणाम है.
‘मर्ज़ लाइलाज है, पूरा भारतीय समाज राघव चड्ढा है’
2011 में अन्ना हज़ारे ने जंतर मंतर पर अनशन शुरु किया. देश को लगा भ्रष्टाचार अब जल्द ख़त्म हो जाएगा. हज़ारों की भीड़ जमा हो गई. क्रांति को नाम मिला ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’. नामी गिरामी एक्टिविस्ट, वकील, बाबा, पत्रकार, एक्टर, कॉमेडियन, आर्टिस्ट और न जाने कौन कौन उसमें शामिल हो गए. मेरी एक मुंहबोली बहन भी उनमें थीं. मैं ख़ुद तो वहाँ कभी नहीं गया.
राघव चड्ढा और बड़ी समस्या: नेता-केंद्रित दलों की संरचनात्मक कमजोरी
आम आदमी पार्टी से राघव चड्ढा का बाहर निकलना महज एक सामान्य राजनीतिक उथल-पुथल नहीं है; यह उन कई व्यक्तित्व-आधारित पार्टियों की एक साझा संरचनात्मक कमजोरी को उजागर करता है—जो तेजी से, करिश्मा-प्रेरित लामबंदी को टिकाऊ संगठन में बदलने की कठिनाई से जुड़ी है. अरविंद केजरीवाल के इर्द-गिर्द बनी 'आप', एक शक्तिशाली भ्रष्टाचार विरोधी विमर्श और कड़ाई से केंद्रीकृत नेतृत्व के दम पर उभरी. यह मॉडल उत्थान के चरण में गति और स्पष्टता तो देता है, लेकिन एक बार जब पार्टी 'आंदोलन' से 'शासन' में परिवर्तित होती है, तो गहरी संस्थागत व्यवस्थाओं की कमी दिखाई देने लगती है. ऐसे सिस्टम में विशिष्ट नेताओं का बाहर निकलना, गुटीय तनाव और आंतरिक अनिश्चितता कोई विसंगतियां नहीं हैं; वे अनुमानित परिणाम हैं.
ओडिशा में खनन विरोध पर सख्ती: दलित-आदिवासी प्रदर्शनकारियों को ज़मानत के बदले पुलिस थाने साफ करने की शर्त
ओडिशा के रायगढ़ा जिले के तिजिमाली इलाके में आदिवासी अपनी ज़मीन खनन के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलन पर लगातार जब्र बढ़ता जा रहा है. जनवरी 2025 में कुमेश्वर नायक नाम के 26 वर्षीय दलित युवक को भी गिरफ्तार किया गया है. वह कांतामाल गांव का रहने वाला है और एक छोटी किराना दुकान चलाता है. कुमेश्वर को ओडिशा हाईकोर्ट से ज़मानत मिली, लेकिन इसके साथ एक विवादित शर्त भी रखी गई कि उन्हें हर दिन सुबह 6 बजे से 9 बजे तक काशीपुर पुलिस स्टेशन की सफाई करनी होगी. उन्हें करीब दो महीने तक झाड़ू, फिनाइल और सफाई के सामान से पुलिस स्टेशन साफ करना पड़ा. ऐसे कुल 8 ज़मानत आदेश मिले हैं, इन 8 लोगों में 6 दलित और 2 आदिवासी हैं. इनमें से कम से कम 5 मामलों में यह शर्त लागू भी की गई है.
द ग्रेट भाजपा वाशिंग मशीन
हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा समेत कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं ने इस बहस को फिर तेज कर दिया है. सवाल वही पुराना है क्या भाजपा सचमुच एक ऐसी ‘वाशिंग मशीन’ बन चुकी है, जहां राजनीतिक दाग सत्ता की चमक में धुल जाते हैं? या यह सिर्फ विपक्ष का गढ़ा हुआ एक प्रभावशाली नैरेटिव है? इस ‘हरकारा एक्सप्लेनर’ में हम उन नेताओं, मामलों और राजनीतिक पैटर्न को समझेंगे, जिनकी वजह से यह जुमला भारतीय लोकतंत्र की सबसे चर्चित राजनीतिक उपमाओं में बदल गया.
पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान: 92% वोटिंग के पीछे क्या है असली कहानी?
टॉकिंग न्यूज़ विद निधीश के लाइव शो में पत्रकार राजेश चतुर्वेदी से पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ मतदान पर बातचीत की गई. पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के पहले चरण में करीब 91.7% से 92.6% तक मतदान दर्ज किया गया है, जो पिछले चुनाव (2021) के लगभग 82% मतदान से काफी ज्यादा है. इस बढ़ोतरी को लेकर चर्चा तेज है, लेकिन इसके पीछे कई अहम कारण भी सामने आ रहे हैं. चर्चा में यह बात सामने आई कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं. केवल पहले चरण की 152 सीटों पर ही करीब 50 से 52 लाख नाम हटाए गए, जबकि पूरे राज्य में यह संख्या लगभग 11-12% मतदाताओं तक पहुंचती है. ऐसे में कुल मतदाताओं की संख्या कम होने से मतदान प्रतिशत अपने आप बढ़ा हुआ दिखाई देता है.
आप में फूट: राघव चड्ढा ने बगावत की, 6 सांसदों के साथ भाजपा में शामिल, मित्तल को 10 दिन पहले ईडी ने घेरा था
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के साथ भाजपा में शामिल हो गए हैं. अपने सहयोगियों संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चड्ढा ने कहा, “हमने यह निर्णय लिया है कि राज्यसभा में 'आप' से संबंधित दो-तिहाई सदस्य होने के नाते, हम भारत के संविधान के प्रावधानों का उपयोग करते हुए भाजपा में अपना विलय करते हैं.”
‘इन तर्कों को ट्रिब्यूनल के समक्ष रखें’: सुप्रीम कोर्ट का उन लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार, जिनके नाम बंगाल ‘एसआईआर’ के बाद हटाए
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के कई व्यक्तियों द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिनमें मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के बाद उनके नाम हटाए जाने को चुनौती दी गई थी. इन याचिकाकर्ताओं में चुनाव ड्यूटी पर तैनात 65 लोग भी शामिल हैं. अदालत ने उन्हें संबंधित अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष राहत पाने का निर्देश दिया.
भाजपा की योजनाओं पर हिटलर की छाप: बेबी ने ‘एसआईआर’ को हिंदुत्व की बड़ी योजना का हिस्सा बताया
माकपा (सीपीएम) पोलित ब्यूरो सदस्य एम.ए. बेबी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिस तरह से नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी), जनगणना मूल्यांकन प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और परिसीमन का उपयोग एक "फासीवादी, बहुसंख्यकवादी हिंदू राष्ट्र" स्थापित करने के लिए कर रहे हैं, उसमें एडोल्फ हिटलर के शासनकाल की छाप दिखाई देती है.

