मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन और उसके चार शावकों की मौत, कुत्तों से फैलने वाले वायरस पर संदेह
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व (केटीआर) में पिछले दो हफ्तों के भीतर एक बाघिन और उसके चार शावकों की मौत हो गई है. बाघिन और एक शावक ने बुधवार (29 अप्रैल, 2026) को दम तोड़ा. इस साल (2026) अब तक राज्य में कुल 27 बाघों की मृत्यु हो चुकी है. इन पांचों जानवरों की मौत फेफड़ों के संक्रमण के कारण हुई है.
बंगाल में सत्ता की जंग या सक्सेशन बैटल? अमित शाह क्यों केंद्र में
हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर एक अहम चर्चा हुई, जिसमें फोकस सीधे तौर पर अमित शाह की भूमिका और दांव पर रहा. बातचीत की शुरुआत इस से होती है कि जब देश के कई राज्यों में चुनाव हुए हैं, तो पूरा राष्ट्रीय ध्यान सिर्फ बंगाल पर ही क्यों केंद्रित है और केरल, तमिलनाडु या असम जैसे राज्यों को उसी तरह क्यों नहीं देखा जा रहा.
मुंबई में परिवार की मृत्यु का मामला: तरबूज में मिलावट नहीं मिली, लेकिन मौत का कारण अब भी स्पष्ट नहीं
मुंबई के एक परिवार के चार सदस्यों की कथित तौर पर तरबूज खाने के बाद हुई मौत के कुछ दिनों बाद, महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा उनके घर से लिए गए नमूनों—तरबूज, बिरयानी, पानी और मसालों—की प्रारंभिक जांच में मिलावट के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में अंधराष्ट्रवाद का प्रवेश; विशेषज्ञों ने एनसीईआरटी की सैन्यवादी सामग्री पर उठाए सवाल
पिछले दो वर्षों में एनसीईआरटी द्वारा जारी की गई अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में ऐसी कई कविताएँ, नाटक और कहानियाँ शामिल हैं, जो परिषद की पाठ्यपुस्तक टीम के सदस्यों द्वारा ही लिखी गई हैं. ये रचनाएँ 'सैन्यवादी देशभक्ति' का महिमामंडन करती हैं. इस रुझान ने विशेषज्ञों को यह सवाल उठाने पर मजबूर कर दिया है कि अंग्रेजी सिखाने के लिए प्रामाणिक साहित्य के बजाय इस तरह की बनावटी सामग्रियों का उपयोग क्यों किया जा रहा है?
हॉर्मुज़ के ठप होने से वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भारत-चीन की तेल पर टक्कर, बढ़ सकती हैं कीमतें!
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के ठप पड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है. इसने भारत और चीन को सीधे टकराव की स्थिति में ला खड़ा किया है. यह टकराव सीमाओं पर नहीं, बल्कि रूसी कच्चे तेल के लिए बाजार में हो रही प्रतिस्पर्धा में दिख रहा है. रूस, जो पहले कम किमतों पर तेल बेच रहा था, अब इस संकट के घड़ी में सबसे अहम आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. भारत और चीन दोनों अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूसी तेल पर निर्भर होते जा रहे हैं.
बंगाल: केंद्र के कर्मचारी ही कराएंगे वोटों की गिनती, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं मानी टीएमसी की मांग
केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को मतगणना पर्यवेक्षकों और सहायकों के रूप में तैनात करने के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. शनिवार (2 मई 2026) को पार्टी की याचिका का निपटारा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका में अब किसी और आदेश की आवश्यकता नहीं है, सिवाय इसके कि 13 अप्रैल के चुनाव आयोग के सर्कुलर को पूरी तरह (अक्षरशः) लागू किया जाए.
‘छिपे हुए शुक्राणुओं’ की खोज: नई तकनीक ने उन पुरुषों को दी उम्मीद जिन्हें ‘बांझ’ घोषित कर दिया गया था
कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘स्टार’ सिस्टम उन पुरुषों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिन्हें चिकित्सा जगत ने ‘एज़ोस्पर्मिक’ घोषित कर दिया था, यानी वे पुरुष जिनके वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या शून्य मानी गई थी. विश्व स्तर पर बांझपन एक गंभीर समस्या है, जो प्रजनन आयु के हर छह में से एक व्यक्ति को प्रभावित करती है. इसमें ‘पुरुष बांझपन’ का योगदान लगभग 50% मामलों में होता है. विशेष रूप से 1% पुरुष एज़ोस्पर्मिया से पीड़ित होते हैं.
ममता का छेड़छाड़ का आरोप: मतदान और गिनती के बीच, स्ट्रॉन्ग रूम में कैसे रखी जाती हैं ईवीएम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि मतगणना से पहले स्ट्रॉन्ग रूम में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है. बुधवार को मतदान समाप्त होने के बाद गुरुवार रात ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि 4 मई को होने वाली मतगणना तक ईवीएम सुरक्षित नहीं हैं. इस आशंका के बीच वह कोलकाता के एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर देर रात तक मौजूद रहीं.
हेट स्पीच: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 2020 में दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान कथित नफरत भरे भाषणों (हेट स्पीच) के लिए भाजपा नेताओं अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है. जहाँ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, वहीं वर्मा दिल्ली सरकार में मंत्री हैं.
स्टारशिप में स्पेसएक्स का 15 अरब डॉलर से अधिक का निवेश; एयरलाइन जैसे रॉकेट बनाने की दिशा में कदम
स्पेसएक्स ने अपनी अगली पीढ़ी के स्टारशिप रॉकेट को विकसित करने में 15 अरब डॉलर से अधिक खर्च किए हैं. यह राशि उसके भरोसेमंद 'फाल्कन' रॉकेट की लागत को भी बौना बना देती है. एलोन मस्क की यह कंपनी पिछले लगभग एक दशक से पूरी तरह से 'रीयूजेबल' (पुन: इस्तेमाल योग्य) लॉन्च सिस्टम को सटीक बनाने की कोशिश कर रही है.
बंगाल चुनाव में वोटर लिस्ट विवाद और मुसलमानों की भागीदारी पर उठते सवाल
पश्चिम बंगाल चुनाव के माहौल और एग्जिट पोल बताते हैं कि ममता बनर्जी और टीएमसी के सामने इस बार कड़ी चुनौती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए अवसर बन सकता है. हालांकि, बंगाल में एग्जिट पोल के बार-बार गलत साबित होने का इतिहास भी है. इसके साथ ही हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में प्रोफेसर अपूर्वानंद के साथ पश्चिम बंगाल चुनाव, मतदाता सूची, और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर गहन चर्चा की.
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हिमंता की टिप्पणियों पर भारत के दूत को किया तलब, नाराजगी जताई
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बढ़े को तलब किया है और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. यूएनबी समाचार सेवा ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को भारतीय राजनयिक को बांग्लादेश के रुख से अवगत कराया.
तेल कंपनियों ने 9 माह में ₹1.37 लाख करोड़ का मुनाफा कमाया, लेकिन लोगों को धेला लाभ नहीं मिला
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुरुवार को ब्रेंट क्रूड $126 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है. हालांकि, बाद में कीमतें गिरकर $116 पर आ गईं. लिहाजा एजेंसियों के हवाले से यह खबर दी जा रही है कि ईरान युद्ध के कारण महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना ₹2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है. पेट्रोल पर ₹14 प्रति लीटर और डीजल पर ₹18 प्रति लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है. जिससे तेल कंपनियां पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का दबाव बना रही हैं. जबकि वास्तविकता यह है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल की औसत कीमत महज $71 प्रति बैरल थी, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम है.
भोजन की थाली अब और महंगी, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹1,000 की भारी बढ़ोतरी
तेल कंपनियों ने शुक्रवार को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में करीब 1,000 रुपये की भारी वृद्धि की. यह लगातार तीसरा महीना है, जब कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. होटलों और रेस्तरां में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाला 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ₹993 की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ महंगा हो गया है. अलग-अलग शहरों में इसके दामों में हजार रुपये तक इजाफ़ा हुआ है. मसलन, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अब इसकी कीमत ₹3,071.50 हो गई है, जो पहले ₹2,078.50 थी.
नागरिकता की रेखाओं को फिर से खींच रहा है बंगाल का ‘एसआईआर’
पश्चिम बंगाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सामाजिक और राजनीतिक प्रभावों का विश्लेषण करती है. रिपोर्ट के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया अब केवल एक प्रशासनिक अभ्यास नहीं रह गई है, बल्कि यह "कौन भारत का नागरिक होने के योग्य है" इसकी रेखाएं फिर से खींच रही है. मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया (जैसे 'तार्किक विसंगति') इतनी धुंधली है कि लोगों को समझ नहीं आ रहा कि उनके नाम क्यों कटे?
जबलपुर बोट हादसा: आखिरी पल तक कलेजे से चिपका रहा मासूम, मां की बांहों में मिला शव; 9 की मौत
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध पर हुए क्रूज हादसे में 9 लोगों की जान चली गई. कहा जा रहा है कि तेज आंधी और तूफान के कारण अनियंत्रित होकर क्रूज नर्मदा नदी में पलट गया. इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई जब रेस्क्यू टीम को एक मां और उसके 3 साल के बेटे का शव मिला; मां ने अपनी लाइफ जैकेट में बच्चे को सीने से बांध रखा था.
श्रवण गर्ग | मोदी के डर से मुक्त होने का क्या यही सबसे अच्छा अवसर नहीं है ?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के इस विस्तृत राजनीतिक विश्लेषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द बने प्रभावशाली तंत्र, उनकी छवि के ‘कल्ट’ में बदलने और उसके सामाजिक-राजनीतिक असर की गहराई से पड़ताल की गई है. लेख में यह सवाल उठाया गया है कि क्या देश की राजनीति एक व्यक्ति केंद्रित विमर्श में सिमटती जा रही है और इसका लोकतंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है. साथ ही, विपक्ष की रणनीति, जनता के मनोविज्ञान, डर की राजनीति और सत्ता के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई है. लेख पाठकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या यह समय डर से मुक्त होकर लोकतांत्रिक मूल्यों को पुनः स्थापित करने का सबसे उपयुक्त अवसर है.
ईडी ने कोई आपत्ति नहीं की, दिल्ली की अदालत ने आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को जमानत दी
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को राजनीतिक परामर्शदाता संस्था 'इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी' (आई-पैक) के निदेशक विनेश चंदेल को नियमित जमानत दे दी. यह फैसला तब आया जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी जमानत याचिका का विरोध नहीं किया. चंदेल को केंद्रीय एजेंसी ने 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया था, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले की बात है. राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के निदेशक और सह-संस्थापक चंदेल, चुनावी राज्य में एक कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं.
बंगाल के चुनावी रण में केंद्रीय बलों की ज्यादती के आरोप और राजनीतिक तनाव
खबरों के मुताबिक, केंद्रीय बल लोगों को पीट रहे थे और महिलाओं व बच्चों तक को नहीं छोड़ रहे थे. ममता बनर्जी ने कहा कि लाठीचार्ज की कई घटनाएं हुईं और अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बूथों पर प्रभावी रूप से केंद्रीय बलों ने "कब्जा" कर लिया था और सवाल उठाया कि क्या ऐसा करना उनकी ड्यूटी है.

