वामपंथ के गढ़ में फातिमा ताहिलिया की कहानी: मुस्लिम लीग की पहली महिला विधायक
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की पहली महिला विधायक फातिमा ताहिलिया ने वामपंथ के मजबूत गढ़ में एलडीएफ संयोजक को हराकर बड़ी जीत हासिल की है. कालीकट विश्वविद्यालय से कानून में स्नातकोत्तर और 34 वर्षीय अधिवक्ता फातिमा ताहिलिया ने हाई-प्रोफाइल पेराम्बरा विधानसभा क्षेत्र में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता टी. पी. रामकृष्णन को शिकस्त दी.
राहुल गांधी ने टीएमसी की हार पर ‘खुशी मनाने’ वाले कांग्रेस नेताओं को फटकारा: ‘तुच्छ राजनीति को किनारे रखें’
बंगाल में भाजपा की भारी जीत के एक दिन बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी और अन्य दलों के उन नेताओं की कड़ी आलोचना की है, जो टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) का मजाक उड़ा रहे हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हार पर "खुशी" मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह हार भारत के लोकतंत्र को नष्ट करने के भाजपा के "मिशन" में केवल एक "बड़ा कदम" है.
तमिलनाडु चुनाव की गिनती के बीच मोदी और विजय की फोटो फिर आई सामने, सोशल मीडिया पर चर्चा
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती आगे बढ़ने के साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेता से नेता बने विजय की एक पुरानी तस्वीर अचानक वायरल हो गई, जिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक ध्यान आकर्षित किया. यह तस्वीर, जो पहली बार 2014 के आम चुनाव अभियान के दौरान साझा की गई थी.
तमिलनाडु का 'नया सूर्य': जोसेफ विजय के 'थलपति' से 'जननायक' बनने की कहानी
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय ने अब राजनीति के मंच पर भी जबरदस्त एंट्री दर्ज कराई है. उनकी पार्टी टीवीके ने 107 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर कर दिया है, और अब विजय को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है. उनकी रैलियों में उमड़ती भारी भीड़ उनकी मजबूत जनस्वीकृति और जमीनी पकड़ का स्पष्ट संकेत देती है. लेकिन सवाल ये है कि पर्दे पर अपनी दमदार मौजूदगी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाला ये सुपरस्टार आखिर है कौन?
बंगाल में भाजपा का ‘पोरिबोर्तन’, तमिलनाडु में विजय का धमाकेदार आगाज़, कांग्रेस की केरल में वापसी
पूरब में विपक्ष के आखिरी गढ़ को ढहाते हुए भाजपा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी को करारी शिकस्त देकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन का अंत कर दिया. साथ ही, असम में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है. तमिलनाडु ने एक और चौंकाने वाला जनादेश दिया है, जहाँ अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेट्री कझगम), जो एक नई खिलाड़ी है…
वाराणसी इफ्तार विवाद: गंगा में बीयर पीने वाले जमानत पर बाहर, लेकिन 14 मुस्लिम युवक 45 दिनों से जेल में
वाराणसी में 17 मार्च को गंगा में कथित तौर पर चिकन बिरयानी के अवशेष फेंकने के आरोप में 14 युवकों को पकड़े जाने के लगभग दो महीने बाद, पुलिस का कहना है कि वह अभी भी "फॉरेंसिक रिपोर्ट" का इंतजार कर रही है, हालांकि उसने इसका विवरण साझा नहीं किया. सूत्रों ने बताया कि उस इंस्टाग्राम अकाउंट की रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिससे कथित घटना का वीडियो अपलोड किया गया था.
आकार पटेल | ध्रुवीकरण की राजनीति
अगर आप एक सामान्य नागरिक हैं, तो आपके पास समर्थन करने और वोट देने के लिए अनेक पार्टियाँ हैं. डीएमके, एडीएमके, टीडीपी, एनसीपी, पीडीपी, टीएमसी, आईएनसी, जेडी(एस) और जेडी(यू) हैं, एनसीपी, टीआरएस, नई टीवीके, सीपीएम, सीपीआई और भी बहुत-सी पार्टियाँ हैं. अलग-अलग एजेंडे वाली पार्टियों की कोई कमी नहीं है.
श्रवण गर्ग | बंगाल चुनाव: ‘अमित शाह का दांव’ और ममता की हार के संकेत
हरकारा डीप डाइव के इस लाइव इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों और उनके व्यापक राजनीतिक असर पर चर्चा हुई. शुरुआती विश्लेषण में यह स्पष्ट किया गया कि यह चुनाव सिर्फ भाजपा बनाम टीएमसी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर ‘अमित शाह बनाम ममता बनर्जी’ का मुकाबला बन गया था, जिसमें बढ़त भाजपा के पक्ष में जाती दिख रही है.
ईरान का साथ छोड़ने के लिए भारत ने जो कीमत चुकाई
मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेककर न केवल एक ऐतिहासिक मित्र खो दिया है, बल्कि भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक हितों को भी गहरी क्षति पहुँचाई है.यह रिश्ता केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि सभ्यतागत था. सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर मुगल काल तक, फारसी भाषा और संस्कृति भारतीय शासन, साहित्य और संगीत (विशेषकर सूफी परंपरा) का अभिन्न हिस्सा रही.
एनआरआई ग्लोबल हेल्थ अलर्ट: क्या भारत में आपका परिवार "सफेद जहर" का सेवन कर रहा है?
डॉ. नेहल वैद्य, जो बाल रोग विशेषज्ञ हैं, लिखते हैं कि एक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) के रूप में, हम अक्सर भारत में अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं. हालांकि, हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट और हमारे अपने कच्छ क्षेत्र सहित पूरे राज्य में दूध और मावा में मिलावट के बड़े रैकेटों पर हुई कार्रवाई एक डरावनी सच्चाई बयां करती है.
सावरकर ने 5 बार ब्रिटिश सरकार से मांगी माफ़ी, गाय को भगवान नहीं मानते थे: सावरकर के प्रपौत्र का कोर्ट में बयान
जिरह के दौरान सत्यकी सावरकर ने स्वीकार किया कि जब सावरकर सेलुलर जेल (काला पानी) में बंद थे, तब उन्होंने पाँच बार दया याचिकाएं दायर की थीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सावरकर ही नहीं, बल्कि उस समय के कई अन्य राजनीतिक कैदियों ने भी ब्रिटिश सरकार को इसी तरह की याचिकाएं भेजी थीं.
मुंबई प्रेस क्लब से तीन सदस्यों का निलंबन; सोशल मीडिया पर आलोचना, “यह एक ‘पार्टी क्लब’ बनता जा रहा”
मुंबई प्रेस क्लब को अपने तीन वरिष्ठ सदस्यों को छह साल के लिए निलंबित करने के कारण सोशल मीडिया पर तमाम आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, प्रेस क्लब ने एलगार परिषद मामले से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों को आमंत्रित करने के लिए क्लब के तीनों सदस्यों को निलंबित किया है.
ग्रेट निकोबार परियोजना: विकास की दौड़ में पीछे छूटते जनजातीय अधिकार
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का सुदूर दक्षिणी हिस्सा, ग्रेट निकोबार, इन दिनों एक विशालकाय विकास परियोजना और उससे उपजे विवादों के केंद्र में है. 92,000 करोड़ रुपये की इस महा-परियोजना का उद्देश्य आर्थिक और रणनीतिक लाभ प्राप्त करना है, लेकिन इसकी कीमत वहां की प्राचीन पारिस्थितिकी और सदियों से रह रही जनजातियों, विशेषकर 'शोंपेन' को चुकानी पड़ रही है.
एससीएओआरए बनाम एसआईआर: कहानी एक ही, फैसले अलग-अलग;सुप्रीम कोर्ट से बंगाल को ऐसा विशेष उपचार नहीं मिला
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (एससीएओआरए) के वकीलों के चुनाव बनाम पश्चिम बंगाल मतदाता सूची (एसआईआर) अभ्यास के मामले पर विचार करें. दोनों मामलों में पीठ वही थी—मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची, लेकिन जो मानदंड अपनाए गए वे एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत थे.
लिपुलेख के जरिए मानसरोवर यात्रा पर नेपाल ने जताई आपत्ति; कहा- लिपुलेख हमारा क्षेत्र; भारत बोला- दावा अनुचित
काठमांडू में बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार, जिसे बने अभी एक महीने से थोड़ा ही अधिक समय हुआ है, ने भारत और चीन द्वारा लिपुलेख दर्रे के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित करने की योजना पर आपत्ति जताई है. नेपाल ने भारत और चीन, दोनों से साफ-साफ कहा है कि लिपुलेख क्षेत्र उसका है.भारत ने कहा है कि इस तरह के दावे "न तो न्यायसंगत हैं और न ही ऐतिहासिक तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित हैं.
बिहार में एक और पुल गिरा; भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गिरने से यातायात रुका, बड़ा हादसा टला
बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास सोमवार रात करीब 12:50 बजे पुल का एक हिस्सा ढह गया, जिसके बाद अधिकारियों ने पुल पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया है. अधिकारियों ने बताया कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक टीम की मुस्तैदी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया.घटना के समय पुल पर कई छोटे-बड़े वाहन मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उन्हें पीछे हटाया और सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया.
मणिपुर हिंसा: तीन साल बाद, न्याय और शांति सिर्फ ‘शब्द’
मणिपुर हिंसा को अब तीन साल होने को आए हैं, लेकिन इस सीमावर्ती राज्य में शांति और सामान्य स्थिति आज भी एक कोरी कल्पना बनी हुई है. 'शिलॉन्ग टाइम्स' की संपादक पेट्रीसिया मुखिम ‘द वायर’ में प्रकाशित अपने लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, भाजपा की राजनीति और मणिपुर के जटिल जनजातीय संघर्षों पर तीखा प्रहार करती हैं.
चौराहे पर इंडिया गठबंधन: क्या जनता पार्टी जैसा प्रयोग संभव है?
इंडिया गठबंधन, भाजपा और एनडीए के अभेद्य चुनावी रथ को रोकने के लिए 1977 की जनता पार्टी की तर्ज पर एक ठोस और एकीकृत इकाई क्यों नहीं बन पाया? हालांकि विपक्षी एकता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन एक पूर्ण 'विलय' या जनता पार्टी जैसा ऐतिहासिक प्रयोग अब भी एक दूर का सपना नजर आता है. इसके पीछे वैचारिक मतभेद, नेतृत्व का संकट और क्षेत्रीय राजनीति की विवशताएं प्रमुख कारण हैं.
यूपी में मुस्लिम धर्मगुरु को मारपीट के बाद ट्रेन से बाहर फेंका गया; पोस्टमार्टम में सभी पसलियों में फ्रैक्चर की पुष्टि
तौसीफ रजा बरेली में आयोजित वार्षिक उर्स में शामिल होकर ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे. 26 अप्रैल की रात लगभग 9:45 बजे उन्होंने अपनी पत्नी तबस्सुम को तीन बार कॉल किया. यह कॉल सामान्य हाल-चाल जानने के लिए नहीं, बल्कि मदद की आखिरी गुहार थी. 29 सेकंड की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और एक वीडियो कॉल के जरिए तौसीफ ने बताया कि ट्रेन में कुछ लोग उनके साथ मारपीट कर रहे हैं.
बंगाल की 96 सीटों पर नज़र: इनमें से 48 में मतदान गिरा और एसआईआर के तहत 28% नाम हटाए गए
पश्चिम बंगाल चुनाव दो प्रमुख कारणों से चर्चा में रहे: पहला, 'तार्किक विसंगतियों' का एक नया मानदंड जिसके तहत मतदाता सूची से 27.16 लाख नाम हटा दिए गए, और दूसरा, 92.95% का रिकॉर्ड मतदान, जिसमें 2021 की तुलना में 31 लाख अधिक वोट पड़े.

