निधीश त्यागी, साथ में राजेश चतुर्वेदी, गौरव नौड़ियाल, फ़लक अफ़शां
आज के अंक में हम सबसे पहले बात करेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए उस व्यापार समझौते की, जिसने भारतीय किसानों और विपक्ष के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. क्या वाकई भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए अपने दरवाजे पूरी तरह खोल दिए हैं? हम पड़ताल करेंगे उस ‘गोपनीय नोट’ की भी, जो केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैमरे की नज़र में आ गया. इसके अलावा, बात होगी एक ऐसे गिरफ्तारी की जिसे मुख्यधारा की मीडिया ने अधूरा दिखाया—कैसे एक एनडीए नेता फर्जी राजनयिक गाड़ी में घूमती पकड़ी गईं. हम जानेंगे जेफ्री एपस्टीन की काली दुनिया के बारे में, जिसके दस्तावेजों में अब डोनाल्ड ट्रंप से लेकर बिल क्लिंटन तक के नाम सामने आ रहे हैं. और अंत में, दुनिया का वो चावल जो सोने के भाव बिकता है.
अपील :
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