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जनरल नरवणे की किताब का सच: लद्दाख में मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी? सुशांत सिंह #harkara

हरकारा : ढंग की बातचीत तसल्ली से बढ़ाने का बिरला अड्डा

हरकारा डीप डाइव में आज हम एक ऐसी किताब की बात कर रहे हैं जिसे सरकार ने फाइलों में दबा रखा है. भारत के पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की यादें 'Four Stars of Destiny' के पन्ने लद्दाख सीमा पर चीन के साथ हुए तनाव और गलवान की सच्चाई को लेकर ऐसे खुलासे करते हैं, जो सत्ता की 'लाल आँख' वाले दावों की हवा निकाल देते हैं.
जर्नलिस्ट और थिंक-टैंक सुशांत सिंह ने इस किताब के अंशों पर कारवाँ ' (Caravan) के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट की है. इस चर्चा में हम जानेंगे:
* जब चीनी टैंक बढ़ रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी ने फैसला आर्मी चीफ पर क्यों छोड़ दिया?
* क्या गलवान की झड़प को टाला जा सकता था?
* 'जो उचित समझो वो करो' का असली मतलब क्या था?
* 'अग्निपथ' योजना सेना पर कैसे थोपी गई?
देखिए यह विशेष बातचीत और जानिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर देश से क्या छुपाया जा रहा है.

अपील :

आज के लिए इतना ही. हमें बताइये अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी. मिलेंगे हरकारा के अगले अंक के साथ. हरकारा सब्सटैक पर तो है ही, आप यहाँ भी पा सकते हैं ‘हरकारा’...शोर कम, रोशनी ज्यादा. व्हाट्सएप पर, लिंक्डइन पर, इंस्टा पर, फेसबुक पर, यूट्यूब पर, स्पोटीफाई पर , ट्विटर / एक्स और ब्लू स्काई पर.

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