हरकारा डीप डाइव में आज हम एक ऐसी किताब की बात कर रहे हैं जिसे सरकार ने फाइलों में दबा रखा है. भारत के पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल एम.एम. नरवणे की यादें 'Four Stars of Destiny' के पन्ने लद्दाख सीमा पर चीन के साथ हुए तनाव और गलवान की सच्चाई को लेकर ऐसे खुलासे करते हैं, जो सत्ता की 'लाल आँख' वाले दावों की हवा निकाल देते हैं.
जर्नलिस्ट और थिंक-टैंक सुशांत सिंह ने इस किताब के अंशों पर कारवाँ ' (Caravan) के लिए एक विस्तृत रिपोर्ट की है. इस चर्चा में हम जानेंगे:
* जब चीनी टैंक बढ़ रहे थे, तो प्रधानमंत्री मोदी ने फैसला आर्मी चीफ पर क्यों छोड़ दिया?
* क्या गलवान की झड़प को टाला जा सकता था?
* 'जो उचित समझो वो करो' का असली मतलब क्या था?
* 'अग्निपथ' योजना सेना पर कैसे थोपी गई?
देखिए यह विशेष बातचीत और जानिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर देश से क्या छुपाया जा रहा है.
अपील :
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