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फ्रांस में पहली बार इंसान में ‘शमोंडा वायरस’ की पुष्टि; मौत में इसकी भूमिका की जांच जारी
फ्रांस में एक व्यक्ति में 'शमोंडा वायरस' से संक्रमण का पहला ज्ञात मामला सामने आया है. जांच की जा रही है कि क्या इस वायरस की वजह से उसकी मौत हुई है.
शमोंडा वायरस 'बुन्यावायरस' का एक प्रकार है और यह संक्रमित मक्खियों के काटने से फैलता है. ऑस्ट्रियाई एजेंसी फॉर हेल्थ एंड फूड सेफ्टी के अनुसार, मवेशियों, भेड़ों और बकरियों जैसे जानवरों में यह दस्त, भूख न लगना, दूध के उत्पादन में गिरावट के अलावा "नवजात बछड़ों, मेमनों और बच्चों (बकरियों के बच्चों) में गर्भपात और जन्मजात विकृतियों" का कारण बन सकता है.
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डॉ. राजेंद्र चट्टोपाध्याय | बिश्नोई गैंग और बॉलीवुड पर बढ़ता उसका साया
फिल्मी दुनिया में हर कुछ महीनों में गोलीबारी या धमकी की कोई नई घटना लॉरेंस बिश्नोई गैंग को फिर सुर्खियों में ले आती है. इस बार अभिनेता टाइगर श्रॉफ को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है. इसकी टाइमिंग ने कई सवाल खड़े किए हैं. देशभर में युवा रोजगार और अवसरों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे समय में सनसनीखेज आपराधिक घटनाएं लोगों का ध्यान सड़कों पर उठ रहे सवालों से हटाकर पर्दे की दुनिया की ओर मोड़ सकती हैं. यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है, इसका स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है.
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मनोज कुमार झा | आईना सच बोलता है
प्रसिद्ध राजनीतिक दार्शनिक जी.ए. कोहेन का एक चर्चित और चुभता सवाल है— "यदि आप समतावादी (समानता के समर्थक) हैं, तो आप इतने अमीर क्यों हैं?" इस सवाल का जवाब देना न तो आसान है और न ही सहज. यह सवाल आर्थिक समानता में विश्वास रखने और खुद समृद्ध जीवन जीने के बीच के विरोधाभास पर उंगली उठाता है, और आंकड़े इस असहजता को टालना नामुमकिन बना देते हैं.
'वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2026' का अनुमान है कि भारत के सबसे अमीर 10% लोग राष्ट्रीय आय का 57.7% हिस्सा प्राप्त करते हैं और देश की 65% संपत्ति पर उनका कब्जा है. शीर्ष 1% अकेले आय के 22.6% और संपत्ति के 40.1% हिस्से पर काबिज हैं, जबकि नीचे की आधी आबादी (50%) को केवल 15% आय मिलती है और उनके पास महज 6.4% संपत्ति है.
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जातीय तनाव के बीच मणिपुर के एक वीरान गांव में कई घर फूंके गए
द इंडियन एक्सप्रेस’ में हिमांशु हर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में शराबबंदी लागू होने के एक दशक बाद मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की लत से जुड़ी समस्या तेजी से बढ़ी है. वर्ष 2019 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 697 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2026 के पहले पांच महीनों में यह संख्या बढ़कर 1,905 हो गई. नशीली गोलियों, इंजेक्शन और हेरोइन की जब्ती में भी वृद्धि दर्ज की गई है.
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मक्का-मदीना में 4,000 भारतीय जायरीन फंसे, असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र से तत्काल वापसी की मांग की
‘मकतूब मीडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच उड़ानें रद्द होने से मक्का और मदीना में करीब 4,000 भारतीय जायरीन फंस गए हैं. एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
ओवैसी के मुताबिक, जायरीन ने इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया से यात्रा की थी, लेकिन उड़ानें रद्द होने के कारण उनकी वापसी अटक गई है. उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) एयरलाइंस को बड़े विमानों के संचालन की अनुमति दे, ताकि यात्रियों को वापस लाया जा सके. ऐसा संभव नहीं होने पर विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए.
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सुरभि गुप्ता | अमेरिका में भारतीयों के लिए वीजा और नौकरी, दोनों मुश्किल होते जा रहे हैं
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने न्यूयॉर्क से जुड़ीं पत्रकार सुरभि गुप्ता के साथ अमेरिका की एच-1बी वीजा नीति में बदलाव, भारतीय आईटी पेशेवरों पर इसके संभावित प्रभाव और भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती अनिश्चितता पर चर्चा की.
सुरभि गुप्ता के अनुसार, अमेरिका में एच-1बी वीजा भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार और बेहतर भविष्य की संभावनाएं तलाशने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद आव्रजन नीतियों में सख्ती, वीजा नियमों में बदलाव और भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नस्लीय टिप्पणियों ने इन पेशेवरों की चिंताएं बढ़ा दी हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका में पढ़ाई करने वाले कई भारतीय विद्यार्थी एफ-1 वीजा पर वहां जाते हैं.
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सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार (22 अक्टूबर, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राजनीतिक स्वायत्तता और संवैधानिक सुरक्षा उपाय देने के अपने पिछले आश्वासनों से पीछे हटने के लिए गृह मंत्रालय की आलोचना की. वांगचुक ने कहा कि केंद्र ने पिछली बातचीत में कभी भी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से इनकार नहीं किया था. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया, "उन्होंने (केंद्र) कहा था कि वे आखिरकार इसे दे देंगे."
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार (22 अक्टूबर, 2026) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को राजनीतिक स्वायत्तता और संवैधानिक सुरक्षा उपाय देने के अपने पिछले आश्वासनों से पीछे हटने के लिए गृह मंत्रालय की आलोचना की.
वांगचुक ने कहा कि केंद्र ने पिछली बातचीत में कभी भी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से इनकार नहीं किया था. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया, "उन्होंने (केंद्र) कहा था कि वे आखिरकार इसे दे देंगे."
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दिल्ली में हटाए गए मतदाताओं से कहा जा रहा है: खुद को नया मतदाता घोषित करें, फिर 2002 की सूची से जोड़ें
‘आर्टिकल-14’ में फातिमा खान की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद दिल्ली में लाखों लोगों को दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना पड़ रहा है. यह फॉर्म पहली बार मतदाता बनने वालों के लिए है, जिसमें आवेदक को घोषणा करनी होती है कि वह पहली बार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर रहा है. दशकों से मतदान करते आए लोगों को ऐसी घोषणा करने के लिए मजबूर होना कानूनी जोखिम और प्रशासनिक अनिश्चितता पैदा कर रहा है. इसके अलावा, उन्हें अपना या अपने माता-पिता अथवा दादा-दादी का नाम 2002 की मतदाता सूची से जोड़ने के लिए दस्तावेज भी जुटाने पड़ रहे हैं.
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बंगाल: तीन ईसाई परिवारों ने मारपीट, धर्म छोड़ने की धमकी और जबरन अनुष्ठान कराने का आरोप लगाया
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों ने आरोप लगाया है कि इस सप्ताह की शुरुआत में कुछ लोगों के एक समूह ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें अपना धर्म छोड़ने की धमकी दी. इसके साथ ही उन पर जबरन धार्मिक अनुष्ठान कराने का भी आरोप है, जिसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई’ को बताया कि पीड़ित परिवार पिछले 30 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और करीब 18 महीने पहले उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था. उन्होंने पुलिस से यह भी शिकायत की है कि उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध कुछ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है.
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इंडिपेंडेंट | ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए सरकार इतनी प्रतिबद्ध क्यों है
भारत में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ (130 मिलियन) मतदाताओं के नाम हटाए जाने के गंभीर आरोपों के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शनों का एक नया और आक्रामक दौर शुरू हो गया है. विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज समूहों का आरोप है कि यह पूरी कवायद केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को चुनावी फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है.
इस विवाद के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जिनके इस्तीफे की मांग को लेकर हाल के दिनों में राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर विशाल प्रदर्शन देखने को मिले हैं.
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क्या जाँच की भी जाँच होनी चाहिए? राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट पर उठते गंभीर सवाल, चंपत पर चुप्पी
अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी और धन गबन के मामले में एक विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत 59-पेज की चार्जशीट की सारांश रिपोर्ट यह खुलासा करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस जहाँ एक सुनियोजित 'साजिश' का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है, वहीं वह यह समझाने में विफल रही है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी न केवल नकद, बल्कि सिक्के और आभूषणों सहित चढ़ावे की इतनी बड़ी चोरी से पूरी तरह बेखबर कैसे रहे.
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रॉयटर्स | मोदी का धर्मसंकट: असंतोष बढ़ते ही भारत की सड़कों पर उतरा ‘जेन जी’, यूपी चुनाव में परीक्षा
उन्हें रोकने के लिए तैनात हजारों सुरक्षाकर्मियों के बावजूद, भारत में युवा प्रदर्शनकारियों ने पिछले हफ्ते बैरिकेड्स लांघे, सरकार विरोधी नारे लगाए और उन्हें खींचकर दूर ले जाने की कोशिश कर रहे पुलिस अधिकारियों से झड़प की.
एक युवक ने पुलिस द्वारा बस में बैठाए जाने से पहले चिल्लाकर कहा, "इंकलाब जिंदाबाद."
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'द गार्डियन' और ECDC रिपोर्ट: फ्रांस में शमोंडा वायरस से इंसानी संक्रमण का पहला मामला; मवेशियों में फैलने वाले इस बुन्यावायरस के जोखिमों का विश्लेषण।
'काउन्टरकरंट्स' लेख विश्लेषण: टाइगर श्रॉफ को धमकी, साबरमती जेल से लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क, युवा प्रदर्शन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल।
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा का विश्लेषण: जी.ए. कोहेन के सवाल के जरिए भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता, योग्यता के मिथक, जातिगत जनगणना और संवैधानिक मूल्यों पर विचार।
मकतूब मीडिया रिपोर्ट: सऊदी-यमन संघर्ष के बीच मक्का-मदीना में फंसे 4,000 भारतीय जायरीन; असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से निकासी की मांग की।
विजयेता सिंह की रिपोर्ट: लद्दाख को राज्य का दर्जा और विधायिका न देने पर सोनम वांगचुक का गृह मंत्रालय पर हमला; अनुच्छेद 371 और चीनी सीमा विवाद का उल्लेख।
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और सुरभि गुप्ता की बातचीत: ट्रम्प प्रशासन में H-1B वीजा नीतियां, भारतीय IT पेशेवरों की अनिश्चितता और AI का प्रभाव।
अरुण श्रीवास्तव की रिपोर्ट: विजयादशमी भाषण में मोहन भागवत के विरोध-प्रदर्शनों व 'सत्ता परिवर्तन' पर रुख, आरएसएस की विचारधारा और लोकतांत्रिक अधिकारों पर विश्लेषण।
हिमांशु हर्ष की 'द इंडियन एक्सप्रेस' रिपोर्ट: बिहार में शराबबंदी के एक दशक बाद मादक पदार्थों की तस्करी और नशे की लत में वृद्धि; एनडीपीएस मामलों और जब्ती के आंकड़े।
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