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श्रवण गर्ग | रामलीला मैदान की रैली के बाद विपक्ष के सामने आंदोलन को आगे बढ़ाने की चुनौती
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ रामलीला मैदान में हुई विपक्ष की रैली, उसकी राजनीतिक अहमियत और आंदोलन की भावी रणनीति पर चर्चा की. गर्ग ने इस रैली को पिछले 52 वर्षों में विपक्ष के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शनों में से एक बताया. हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष इस जुटान को एक ठोस और निरंतर आंदोलन में बदल पाएगा?
श्रवण गर्ग ने 25 जून 1975 को रामलीला मैदान में हुई जयप्रकाश नारायण की सभा का जिक्र करते हुए बताया कि वह स्वयं उस सभा में मौजूद थे. अपनी स्मृतियों के आधार पर उन्होंने कहा कि पिछले 52 वर्षों में उन्होंने विपक्ष की इतनी बड़ी रैली नहीं देखी. उनके मुताबिक, इस बार बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी शामिल हुए, जो सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं थे.
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मोहम्मद ज़ियाउल्लाह खान | घुसपैठियों की बड़ी तलाश: 10 करोड़ मतदाताओं की जांच, मिले सिर्फ 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिक
कई महीनों से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े अभियान के रूप में पेश किया जा रहा है. दावा किया गया कि अवैध प्रवासियों की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे और उन्हें देश से निर्वासित किया जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्टूबर 2025 में सरकार की नीति को तीन शब्दों में बताया था—'पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो'. दिसंबर 2025 में संसद में भी उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के चयन को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
लेकिन अब सामने आए आंकड़े सवाल खड़े करते हैं कि आखिर वे घुसपैठिए कहां हैं, जिनके बारे में लगातार चेतावनी दी जा रही थी? 29 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हिंदुस्तान टाइम्स की पड़ताल के अनुसार, छह राज्यों में लगभग 9.86 करोड़ मतदाताओं की जांच के दौरान करीब 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान हुई. राजनीतिक दावों और उपलब्ध आंकड़ों के बीच का अंतर गंभीर पड़ताल की मांग करता है.
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मध्य प्रदेश में साल बोरर का प्रकोप बढ़ा, अब तक 45 हजार से अधिक पेड़ काटे गए
‘मकतूब मीडिया’ में निकीता जैन की रिपोर्ट के मुताबिक, ओडिशा के बरकानी गांव में राउरकेला स्टील प्लांट की नई दोहरी रेलवे लाइन के विरोध में चल रहे धरने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कार्रवाई की. इस दौरान 15 वर्षीय लड़की समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया. आदिवासी ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बिना सहमति और मुआवजे के उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है.
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बरकानी गांव में चल रहे धरने पर कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय लड़की समेत कई लोगों को हिरासत में लिया. यह प्रदर्शन राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) की ओर से बिछाई जा रही नई दोहरी रेलवे लाइन के विरोध में किया जा रहा है.
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राजेश चतुर्वेदी | चुनावी चंदे के नाम पर करोड़ों का लेनदेन
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने पत्रकार राजेश चतुर्वेदी के साथ पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपी) को मिलने वाले भारी चंदे, चुनावी वित्तपोषण में पारदर्शिता की कमी और इसके संभावित दुरुपयोग पर चर्चा की.
राजेश चतुर्वेदी के अनुसार, देश में दो हजार से अधिक ऐसे राजनीतिक दल हैं, जिन्हें चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन उनके खातों में करोड़ों रुपये का चंदा आ रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन दलों का चुनावी राजनीति में कोई खास प्रभाव नहीं है और जिन्हें बेहद कम वोट मिलते हैं, उन्हें इतनी बड़ी रकम कौन और किस उद्देश्य से दे रहा है? उनके मुताबिक, यह मामला केवल राजनीतिक चंदे तक सीमित नहीं है, बल्कि चंदे के स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच से भी जुड़ा है.
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दिल्ली में पुलिस कर्मियों का प्रदर्शन, वर्दी में नारे लगाए; विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एसीपी निलंबित
वकीलों के साथ हुई झड़प के बाद सोमवार (2 नवंबर 2026) को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को "अनुशासन के उल्लंघन" के लिए निलंबित कर दिया गया है.
लवप्रीत कौर के अनुसार, शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ हाल ही में हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात की मांग करते हुए, वशिष्ठ सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 के बाहर एकत्र हुए लगभग 100 पुलिसकर्मियों के साथ शामिल हुए थे.
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राज्यसभा के 31% सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले, 14% के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा के 31 प्रतिशत सांसदों ने अपने चुनावी हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है. वहीं, उच्च सदन के 14 प्रतिशत सदस्यों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है.
अध्ययन में शामिल राज्यसभा के 230 सांसदों में से 72 ने अपने चुनावी हलफनामों में खुद के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है. राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं और वर्तमान में 241 सदस्य हैं. हालांकि, इस विश्लेषण में अक्टूबर में निर्वाचित 11 सदस्यों को शामिल नहीं किया गया है.
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बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश- दीया मिर्ज़ा की पटाखा अपील का वीडियो पुनः अपलोड करें; विवाद पर कहा- हम धर्मनिरपेक्ष देश हैं, हमें इससे बहुत ठेस पहुँची है
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा के बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) के पर्यावरण-अनुकूल और पटाखा-मुक्त दीपावली अभियान वाले वीडियो से जुड़े विवाद पर "गहरी वेदना और नाराजगी" व्यक्त की तथा नागरिक निकाय से उनके क्लिप को पुनः अपलोड करने के लिए कहा.
‘पीटीआई’ के मुताबिक, जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि वह कुछ व्यक्तियों, विशेषकर आम जनता के प्रतिनिधियों की "छोटी मानसिकता" से व्यथित है.
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संजय हजारिका | सौंदर्य, सियांग नदी और बाँध का गहराता विवाद
पासीघाट को अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी के तट पर स्थित एक शांत कस्बे के रूप में याद किया जाता है. पहले यहाँ ठहरने के लिए केवल राज्य सरकार का सर्किट हाउस हुआ करता था, जहाँ बड़े कमरे और सुंदर नज़ारे तो थे, लेकिन मेनू सीमित था. हाल के वर्षों में बेहतर सड़कों और पुलों के कारण यह स्थान पूर्वोत्तर, देश और विदेश के पर्यटकों से गुलज़ार रहने लगा है. नदी किनारे नए रिसॉर्ट्स बन चुके हैं, जो 'अरुणाचल दर्शन' पर निकले यात्रियों के लिए प्रमुख पड़ाव का काम करते हैं. यहाँ से लोग निचले हिमालय की ऊँचाइयों और खूबसूरत ट्रैकिंग रूटों की ओर बढ़ते हैं.
लेखक संजय हजारिका के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के बहुसंख्यक आदि समुदाय के लिए यह नदी ‘अने सियांग’ (माता सियांग) के रूप में पूजनीय है. चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में 'यारलुंग त्सांगपो' के नाम से बहने वाली यह नदी दुनिया की सबसे गहरी घाटी से होकर भारत में प्रवेश करती है.
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पराकला प्रभाकर | क्या 2014 के बाद चुनी गई सरकारें गैर-कानूनी थीं?
अर्थशास्त्री और राजनीतिक विश्लेषक पराकला प्रभाकर ने मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को आबादी के कई वंचित वर्गों को मताधिकार से वंचित करके भारतीयों की दो श्रेणियां बनाने की एक कवायद करार दिया.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, जिसमें उन्होंने हटाए गए तीन करोड़ मतदाताओं को 'बांग्लादेशी अवैध घुसपैठिया' घोषित किया था, प्रभाकर ने सवाल उठाया कि क्या 2014, 2019 और 2024 के चुनावों के बाद बने विधानमंडल और चुनी गई सरकारें गैर-कानूनी थीं?
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‘मोदी का छोटा भाई’: क्या यूपी चुनावों में बिगड़ेगा भाजपा का समीकरण?
भगवान राम और भगवान कृष्ण पर बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर बाबा) की टिप्पणियों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया उबाल आ गया है. समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश भर में कथावाचक धीरेंद्र के कार्यक्रमों को रद्द करने और उनके सामाजिक बहिष्कार की मांग की है. अखिलेश ने आरोप लगाया कि "सनातनी-विरोधी तत्व" अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ रहे हैं.
आनंद मोहन जे की रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आयोजित एक राम कथा के दौरान शुरू हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में शास्त्री ने भगवान राम और कृष्ण के हाव-भाव की तुलना करते हुए कहा कि जहाँ राम सीधे खड़े रहते थे, वहीं कृष्ण तीन जगहों से 'टेढ़े' थे और गर्दन झुकाकर बाँसुरी बजाते थे. इसके बाद राम पर भी उनकी टिप्पणियों का दूसरा वीडियो सामने आया.
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‘विरोध अर्थव्यवस्था’ को जन्म देते हैं प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के व्यापारियों से कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (3 नवंबर 2026) को दिल्ली के व्यापारियों से टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह से व्यापार के खिलाफ नहीं होते हैं. अदालत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एक "विरोध अर्थव्यवस्था" (प्रोटेस्ट इकोनॉमी) भी होती है, जो प्रदर्शन स्थलों पर उद्यमशील फेरीवालों और विक्रेताओं के लिए अच्छी कमाई का जरिया बनती है.
कृष्णदास राजगोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने छोटे व्यापारियों, फेरीवालों और रेहड़ी-पटरी वालों की आजीविका के अधिकार के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और नोट किया कि उनका अधिकार प्रदर्शनकारियों की अभिव्यक्ति के अधिकार से प्रतिस्पर्धा करता है. अदालत ने कहा कि दोनों के बीच संतुलन की आवश्यकता है.
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सोनम वांगचुक का अरुणाचल के प्रदर्शनकारियों को समर्थन, बाँध विवाद में राष्ट्रपति मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में पैदा हो रही "चिंताजनक स्थिति" में हस्तक्षेप करने और स्वदेशी समुदायों, विशेष रूप से आदि लोगों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया, जो प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' का विरोध कर रहे हैं.
‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, वांगचुक ने इस परियोजना के विरोध की तुलना लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा की मांग से की. उन्होंने लिखा, "वर्षों से हमारे लोग हमारी नाजुक पारिस्थितिकी, पैतृक भूमि और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा की शांतिपूर्वक मांग कर रहे हैं. हम जानते हैं कि जब हमारे भविष्य को प्रभावित करने वाले फैसले हमसे पर्याप्त परामर्श किए बिना लिए जाते हैं तो कैसा महसूस होता है."
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'हरकारा डीप डाइव' में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का विश्लेषण: रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली, जेपी आंदोलन से तुलना, राहुल गांधी का नेतृत्व और भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा।
मोहम्मद ज़ियाउल्लाह खान का लेख: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 10 करोड़ मतदाताओं की जांच और राजनीतिक दावों बनाम वास्तविक आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण।
निकिता जैन की मकतूब मीडिया रिपोर्ट: राउरकेला स्टील प्लांट की रेलवे लाइन के विरोध में ओडिशा के बरकानी गांव में पुलिस कार्रवाई, 15 वर्षीय किशोरी समेत कई आदिवासी ग्रामीण हिरासत में.
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और पत्रकार राजेश चतुर्वेदी की चर्चा: पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) को मिलने वाले करोड़ों के चंदे, चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता की कमी और संभावित दुरुपयोग पर विस्तृत विश्लेषण।
एडीआर (ADR) रिपोर्ट: राज्यसभा के 31% सांसदों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले, 16% पर गंभीर अपराध के केस और 14% सांसदों के पास है 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति.
पीटीआई रिपोर्ट: दीया मिर्ज़ा के बीएमसी दिवाली अभियान वीडियो विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, बीजेपी नेताओं की आपत्तियों पर जताई नाराजगी, क्लिप री-अपलोड करने का दिया निर्देश.
लवप्रीत कौर की रिपोर्ट: शाहदरा मामले को लेकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, अनुशासनहीनता पर बड़ी कार्रवाई.
संजय हजारिका की रिपोर्ट: अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ जन-आक्रोश, 'आने सियांग' नदी, चीन के मेडोग बांध और स्थानीय समुदायों के पर्यावरण संरक्षण संघर्ष का विस्तृत विश्लेषण।
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