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निजता कानून से न्यूज़रूम बंद हो सकते हैं: मीडिया संगठन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस भेजा
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और इससे जुड़े नियमों को चुनौती देने वाली डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन की याचिका पर मंगलवार, 27 अक्टूबर को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया. याचिका में कहा गया है कि कानून में पत्रकारिता के लिए स्पष्ट छूट नहीं होने से प्रेस की स्वतंत्रता और खोजी पत्रकारिता प्रभावित हो सकती है. अदालत ने संबंधित प्रावधानों पर रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की.
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दिल्ली पुलिस हिंसा को चुनौती देने वालों को आपराधिक मुकदमों के जरिए कैसे डराती है और पीड़ितों को ही आरोपी बनाती है
आर्टिकल-14’ में निदाह कैसर, प्रन्नव धवन और सबाह गुरमत की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि वह अपने अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने वालों को ही आपराधिक मामलों में फँसाकर डराती है. इससे पुलिस के खिलाफ लगाए गए मूल आरोपों से ध्यान भटकने की आशंका भी पैदा होती है. रिपोर्ट में पत्रकार रोज़ी का मामला इसका उदाहरण है.
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एसआईआर से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए, फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं हुआ: निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
भारतीय निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी फैसले आयोग के तीनों सदस्यों ने सर्वसम्मति से लिए थे. आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोपों को खारिज किया है.
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सुशांत सिंह | चीन के सामने भारत की कूटनीतिक चुनौती और सीमा विवाद
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने रक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सिंह के साथ भारत-चीन संबंधों, अरुणाचल प्रदेश में सीमा विवाद और भारत की विदेश नीति पर चर्चा की.
सुशांत सिंह के अनुसार, भारत और चीन के संबंध सामान्य होने के दावों के बावजूद सीमा पर तनाव बना हुआ है. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जारी गतिरोध का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमा की वास्तविक स्थिति और सरकार की ओर से दी जाने वाली जानकारी के बीच अंतर को समझना जरूरी है.
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चारू सुदन कस्तूरी | क्यों इजराइल और नेतन्याहू के साथ निश्चित दूरी होना चाहिए
इजराइल के 27 अक्टूबर के चुनावों से कुछ दिन पहले, देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को फोन करके अगले साल इजराइल के स्वतंत्रता दिवस में शामिल होने का निमंत्रण दिया. मोदी ने नेतन्याहू को धन्यवाद तो दिया, लेकिन — कम से कम सार्वजनिक रूप से — शामिल होने की कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई. भारतीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से मोदी को यह समझाना चाहिए कि उन्हें नेतन्याहू का निमंत्रण स्वीकार नहीं करना चाहिए. नेतन्याहू इस साल एक बार मोदी और भारत को शर्मिंदा कर चुके हैं. उन्हें 2027 में इसकी पुनरावृत्ति करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जैसा कि चारू सुदन कस्तूरी ने ‘द टेलीग्राफ’ में लिखा है.
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हाईकोर्ट ने अडानी और मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को हटाने का आदेश दिया
भारतीय अदालत ने हॉटमेल के सह-संस्थापक सबीर भाटिया द्वारा ऑनलाइन पोस्ट की गई उस डॉक्यूमेंट्री को हटाने का आदेश दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी पर सांठगांठ का आरोप लगाया गया था. यह आदेश अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा इसे मानहानिकारक बताते हुए दायर मुकदमे के बाद आया है.
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चीनी सीमा पर बांध को लेकर प्रदर्शन तेज़ होने के बाद भारत ने अतिरिक्त बल तैनात किए
‘रॉयटर्स’ में तोरा अगरवाला की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वोत्तर के सुदूर इलाके में भारत ने सैकड़ों अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है. यह कदम पिछले सप्ताह एक विशाल बांध निर्माण योजना के विरोध में युवाओं और पुलिस के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद उठाया गया है. भारत यह बांध चीन की ऊपरी धारा (अपस्ट्रीम) में बन रही जलविद्युत परियोजना का मुकाबला करने के लिए बना रहा है.
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ब्राज़ील: चुनाव हारने वाले फ्लेवियो बोल्सोनारो को पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश
राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी राष्ट्रपति लुईस इनासियो लुला दा सिल्वा के हाथों नाटकीय हार के कुछ ही घंटों बाद, सुदूर दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो के ब्राज़ील छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया और उन्हें अपने पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया गया.
‘द गार्डियन’ के अनुसार, यह फैसला अलेक्जेंडर डी मोरेस द्वारा जारी किया गया, जो वही सुप्रीम कोर्ट के जज हैं जिन्होंने सीनेटर के पिता और पूर्व राष्ट्रपति जाइयर बोल्सोनारो पर तख्तापलट की कोशिश के मामले में मुकदमे की देखरेख की थी.
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बंगाल: तीन ईसाई परिवारों ने मारपीट, धर्म छोड़ने की धमकी और जबरन अनुष्ठान कराने का आरोप लगाया
पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों ने आरोप लगाया है कि इस सप्ताह की शुरुआत में कुछ लोगों के एक समूह ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें अपना धर्म छोड़ने की धमकी दी. इसके साथ ही उन पर जबरन धार्मिक अनुष्ठान कराने का भी आरोप है, जिसके बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को ‘पीटीआई’ को बताया कि पीड़ित परिवार पिछले 30 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और करीब 18 महीने पहले उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था. उन्होंने पुलिस से यह भी शिकायत की है कि उन्हें अपनी इच्छा के विरुद्ध कुछ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है.
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इंडिपेंडेंट | ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए सरकार इतनी प्रतिबद्ध क्यों है
भारत में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ (130 मिलियन) मतदाताओं के नाम हटाए जाने के गंभीर आरोपों के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शनों का एक नया और आक्रामक दौर शुरू हो गया है. विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज समूहों का आरोप है कि यह पूरी कवायद केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को चुनावी फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है.
इस विवाद के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जिनके इस्तीफे की मांग को लेकर हाल के दिनों में राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर विशाल प्रदर्शन देखने को मिले हैं.
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क्या जाँच की भी जाँच होनी चाहिए? राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट पर उठते गंभीर सवाल, चंपत पर चुप्पी
अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी और धन गबन के मामले में एक विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत 59-पेज की चार्जशीट की सारांश रिपोर्ट यह खुलासा करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस जहाँ एक सुनियोजित 'साजिश' का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है, वहीं वह यह समझाने में विफल रही है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी न केवल नकद, बल्कि सिक्के और आभूषणों सहित चढ़ावे की इतनी बड़ी चोरी से पूरी तरह बेखबर कैसे रहे.
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रॉयटर्स | मोदी का धर्मसंकट: असंतोष बढ़ते ही भारत की सड़कों पर उतरा ‘जेन जी’, यूपी चुनाव में परीक्षा
उन्हें रोकने के लिए तैनात हजारों सुरक्षाकर्मियों के बावजूद, भारत में युवा प्रदर्शनकारियों ने पिछले हफ्ते बैरिकेड्स लांघे, सरकार विरोधी नारे लगाए और उन्हें खींचकर दूर ले जाने की कोशिश कर रहे पुलिस अधिकारियों से झड़प की.
एक युवक ने पुलिस द्वारा बस में बैठाए जाने से पहले चिल्लाकर कहा, "इंकलाब जिंदाबाद."
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
पीटीआई और टेलीग्राफ रिपोर्ट: मुरैना में बंदूक के छर्रों से घायल 19 महीने के भारत-जन्म चीते 'KNG22' की मौत, मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या घटकर 58 हुई।
पीटीआई रिपोर्ट: कोलकाता के बागुआटी-बिराती से 13 वर्षीय किशोरी के अपहरण, बांदेल होटल में सामूहिक दुष्कर्म और वीडियो के जरिए जबरन वसूली की शिकायत दर्ज।
यशराज शर्मा की 'अल जज़ीरा' रिपोर्ट: अरुणाचल प्रदेश (ऊपरी सुबनसिरी) में भारत-चीन (ITBP-PLA) के बीच जारी तनाव, मेकमोहन लाइन विवाद और पीएम मोदी की कूटनीतिक चुनौतियां।
'द इंडियन एक्सप्रेस' रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट द्वारा डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 और नियमों के खिलाफ DNPA की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी।
निदाह कैसर, प्रन्नव धवन और सबाह गुरमत की 'आर्टिकल-14' रिपोर्ट: दिल्ली पुलिस पर शिकायतकर्ताओं के खिलाफ जवाबी प्राथमिकियों का आरोप, पत्रकार रोजी का मामला और पुलिस जवाबदेही का सवाल।
उत्कर्ष आनंद की 'हिंदुस्तान टाइम्स' रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग का हलफनामा, एसआईआर निर्णयों पर सर्वसम्मति का दावा, फॉर्म-6 संशोधन से इनकार और राहुल गांधी की याचिका।
'हरकारा डीप डाइव' में सुशांत सिंह का विश्लेषण: भारत-चीन संबंध, अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव और रणनीतिक स्वायत्तता की चुनौतियां।
'द गार्डियन' की रिपोर्ट: लूला दा सिल्वा से चुनाव हारने के बाद ब्राजील सुप्रीम कोर्ट ने फ़्लैवियो बोल्सोनारो के देश छोड़ने पर लगाया प्रतिबंध, पासपोर्ट सरेंडर का दिया आदेश.
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