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श्रवण गर्ग | ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और ‘रिजीम चेंज’ की बहस
हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी ने वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग के साथ ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता-व्यवस्था में बदलाव की मांग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया और मोहन भागवत के विजयादशमी संबोधन पर चर्चा की.
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दिल्ली में भगवा आतंक: फासीवादी ताकतें शांतिपूर्ण आंदोलनों के लिए भी खतरा हैं!
दिल्ली में 10 अक्टूबर से हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई और हिंदुत्ववादी संगठनों की कथित हिंसा ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. सेनकनाल के इस लेख में इन घटनाओं को बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और सरकार की नीतियों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की व्यापक कोशिश के रूप में देखा गया है.
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मणिपुर में मैतेई हत्याओं के विरोध के बीच कुकी व्यक्ति की हत्या, छह घरों में लगाई आग
'हिंदुस्तान टाइम्स' में थॉमस नगांगोम की रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को 45 वर्षीय कुकी समुदाय के व्यक्ति पाओलेन खोंगसाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी बीच, उखरुल जिले के एक कुकी गांव में करीब छह घरों को आग के हवाले कर दिया गया. ये घटनाएं इंफाल पूर्वी जिले में सोमवार को घात लगाकर किए गए हमले में तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान हुईं. बंद का सबसे अधिक असर इंफाल घाटी के पांच मैतेई बहुल जिलों में देखने को मिला.
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‘द गार्डियन’ | मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों के लिए उसे प्रताड़ित किया गया. अब वह घर से बाहर नहीं निकल सकती
24 जुलाई से पहले, दिल्ली की एक 15 वर्षीय किशोरी (जिसे हम यहाँ 'आर' कहेंगे) का जीवन किशोरावस्था की सामान्य दिनचर्या के इर्द-गिर्द घूमता था. मेकअप के साथ नए-नए प्रयोग करना, गणित के कठिन होमवर्क पर झल्लाना और शाम को दोस्तों के साथ चाय की थड़ी पर समय बिताना ही उसकी दुनिया थी.
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महाराष्ट्र के किसान ने वीडियो में पहले पूछा- ‘उसे सरकारी सूखा राहत क्यों नहीं मिली’, और फिर आत्महत्या कर ली
महाराष्ट्र के नांदेड़ में सूखे के कारण फसल नष्ट होने के बावजूद सरकारी राहत न मिलने पर एक 46 वर्षीय किसान ने ऑनलाइन वीडियो क्लिप पोस्ट करने के बाद सोमवार को आत्महत्या कर ली.
वीडियो में, शंकर आबनराव क्षीरसागर ने जिला कलेक्टर से भावुक अपील करते हुए पूछा कि उन्हें किसी भी ऋण-माफी योजना का लाभ क्यों नहीं मिला और आवेदन करने के बावजूद उनकी बेटी की मेडिकल कॉलेज की फीस क्यों माफ नहीं की गई.
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एक माह में दूसरी बार यूएन विशेषज्ञों का भारत से निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग रोकने का आग्रह
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के विशेषज्ञों ने एक महीने में दूसरी बार मंगलवार (20 अक्टूबर, 2026) को भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा करने और "इन तथा पिछले विरोध प्रदर्शनों के दौरान रिपोर्ट किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए न्याय सुनिश्चित करने" का आह्वान किया.
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विद्याधर दाते | भारत में जेन जी के प्रदर्शन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक, फ्रांस की हिंसा से करें तुलना
‘काउंटरकरंट्स’ में विद्याधर दाते ने लिखा है कि भारत में जेन जी के विरोध प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताते हुए सरकार और कुछ शिक्षाविदों के रवैये की आलोचना की गई है. लेखक का तर्क है कि भारत में युवाओं ने लंबे समय से चले आ रहे अन्याय के बावजूद संयमित तरीके से विरोध किया है, लेकिन अधिकारियों ने उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया.
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महाराष्ट्र | सूखाग्रस्त बीड में मोदी सरकार की ग्रामीण रोजगार योजना पर सवाल, कागजों पर मजदूरों की हाजिरी और मौके से गायब
‘स्क्रॉल’ में तबस्सुम बरनागरवाला की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त बीड जिले में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. जांच में ऐसे कार्यस्थल मिले, जहां मजदूरों की डिजिटल हाजिरी दर्ज थी, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हो रहा था. कई मजदूरों ने बताया कि उन्हें अपने नाम पर जारी कार्यादेशों की जानकारी तक नहीं थी और कुछ के खातों में जमा रकम स्थानीय नेताओं द्वारा निकाल लिए जाने का आरोप है.
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सुलेमान पठान की मॉब लिंचिंग के एक साल बाद भी मुकदमा शुरू नहीं, 10 में से 7 आरोपी जमानत पर
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में 20 वर्षीय सुलेमान पठान की मॉब लिंचिंग के एक साल बाद भी मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हुई है. मामले में 10 गिरफ्तार आरोपियों में से सात को जमानत मिल चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है. ‘आर्टिकल 14’ में कुनाल पुरोहित की रिपोर्ट के मुताबिक, न्याय मिलने में हो रही देरी और आरोपियों से कथित धमकियों के कारण सुलेमान का परिवार निराशा और असुरक्षा के बीच जी रहा है.
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इंडिपेंडेंट | ज्ञानेश कुमार का बचाव करने के लिए सरकार इतनी प्रतिबद्ध क्यों है
भारत में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर लगभग 13 करोड़ (130 मिलियन) मतदाताओं के नाम हटाए जाने के गंभीर आरोपों के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शनों का एक नया और आक्रामक दौर शुरू हो गया है. विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज समूहों का आरोप है कि यह पूरी कवायद केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को चुनावी फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है.
इस विवाद के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं, जिनके इस्तीफे की मांग को लेकर हाल के दिनों में राजधानी नई दिल्ली की सड़कों पर विशाल प्रदर्शन देखने को मिले हैं.
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क्या जाँच की भी जाँच होनी चाहिए? राम मंदिर चढ़ावा चोरी की चार्जशीट पर उठते गंभीर सवाल, चंपत पर चुप्पी
अयोध्या में राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी और धन गबन के मामले में एक विशेष अदालत के समक्ष प्रस्तुत 59-पेज की चार्जशीट की सारांश रिपोर्ट यह खुलासा करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस जहाँ एक सुनियोजित 'साजिश' का पर्दाफाश करने का दावा कर रही है, वहीं वह यह समझाने में विफल रही है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी न केवल नकद, बल्कि सिक्के और आभूषणों सहित चढ़ावे की इतनी बड़ी चोरी से पूरी तरह बेखबर कैसे रहे.
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रॉयटर्स | मोदी का धर्मसंकट: असंतोष बढ़ते ही भारत की सड़कों पर उतरा ‘जेन जी’, यूपी चुनाव में परीक्षा
उन्हें रोकने के लिए तैनात हजारों सुरक्षाकर्मियों के बावजूद, भारत में युवा प्रदर्शनकारियों ने पिछले हफ्ते बैरिकेड्स लांघे, सरकार विरोधी नारे लगाए और उन्हें खींचकर दूर ले जाने की कोशिश कर रहे पुलिस अधिकारियों से झड़प की.
एक युवक ने पुलिस द्वारा बस में बैठाए जाने से पहले चिल्लाकर कहा, "इंकलाब जिंदाबाद."
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'हरकारा डीप डाइव' में निधीश त्यागी और श्रवण गर्ग की चर्चा: 'रिजीम चेंज' की मांग, CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की प्रक्रिया व मोहन भागवत का भाषण।
सेनकनाल का 'काउंटरकरंट्स' लेख: दिल्ली में 10 अक्टूबर से जारी विरोध-प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई, दक्षिणपंथी समूहों की भूमिका और लोकतांत्रिक अधिकारों पर संकट।
थॉमस नगांगोम की 'हिंदुस्तान टाइम्स' रिपोर्ट: मणिपुर के कांगपोकपी में कुकी व्यक्ति की हत्या और उखरुल में आगजनी; इंफाल में बंद और हिंसा का ब्योरा।
निहा मसीह की 'द गार्डियन' रिपोर्ट: नीट पेपर लीक प्रदर्शन में पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद 15 वर्षीय किशोरी 'आर' की जिंदगी, डॉक्सिंग, माफी और उत्पीड़न की आपबीती।
सौरभ शर्मा की 'रॉयटर्स' रिपोर्ट: दिल्ली में SIR प्रक्रिया से 42 लाख मतदाताओं के नाम हटे; जीवित लोगों को मृत दर्शाए जाने से उपजे विरोध और प्रशासनिक संघर्ष का ब्योरा।
द हिंदू ब्यूरो रिपोर्ट: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने भारत में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के अधिकार की रक्षा और CEC विरोधी व NEET आंदोलन में मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच की अपील की।
मकतूब मीडिया रिपोर्ट: पीएम आवास के पास ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को L&DO का खाली करने का नोटिस; असदुद्दीन ओवैसी और जमीयत की किरेन रिजिजू से हस्तक्षेप की मांग।
नांदेड़ में सूखा और कर्ज से परेशान किसान शंकर क्षीरसागर ने भावुक वीडियो पोस्ट कर आत्महत्या की; महाराष्ट्र में सूखा संकट और किसान आत्महत्याओं का ब्योरा।
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