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यूपी एसआईआर: मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के थोक में आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कदम उठाने को कहा
'बार एंड बेंच' के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के थोक में आवेदन जमा किए जाने की शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से जांच कर जरूरी कदम उठाने को कहा.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अब तक सामने आई अनियमितताओं का ब्योरा एक नोट के रूप में निर्वाचन आयोग को सौंपें. अदालत ने आयोग से कहा कि नोट मिलने के बाद वह तथ्यों की जांच करे, जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए और अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करे.
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क्या मोदी सरकार मध्यमवर्गीय भारतीयों को विदेश में निवेश करने से रोकना चाहती है?
'स्क्रोल' में शोएब दानियाल लिखते हैं कि मंगलवार को ज़ी बिजनेस ने अपनी वेबसाइट और टीवी नेटवर्क पर एक अहम खबर प्रसारित की. रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भारत की उदारीकृत प्रेषण योजना (लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम-एलआरएस) में बदलाव करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है. इसमें पूंजी खाते के तहत विदेशों में होने वाले स्वचालित धन हस्तांतरण को समाप्त करने का प्रस्ताव भी शामिल है.
पूंजी खाते के तहत विदेश भेजी जाने वाली रकम का इस्तेमाल विदेशी संपत्तियां खरीदने और निवेश करने के लिए किया जाता है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो भारतीय नागरिकों के लिए विदेशी शेयर बाजारों में निवेश करना मुश्किल हो सकता है. यह कदम लाइसेंस-परमिट राज के दौर की याद दिलाता है, जब सरकार आम नागरिकों के लिए विदेशी मुद्रा के आवंटन और इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लगाती थी.
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भारत में अत्यधिक गरीबी घटकर 2.6% हुई, लेकिन शीर्ष 10% की मध्य आय निचले 10% से 13 गुना अधिक: विश्व बैंक
विश्व बैंक की अक्टूबर में जारी गरीबी एवं समानता संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अत्यधिक गरीबी की दर 2011 के 27.1% से घटकर 2023 में 2.6% रह गई है. हालांकि, देश में आय की असमानता अब भी काफी अधिक है. आबादी के सबसे अमीर 10% लोगों की मध्य आय सबसे गरीब 10% लोगों की तुलना में लगभग 13 गुना अधिक है.
विश्व बैंक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यधिक गरीबी की सीमा प्रतिदिन 3 डॉलर निर्धारित की है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 284.9 रुपये प्रतिदिन के बराबर है.
जून 2025 में इस प्रक्रिया का पहला चरण शुरू करते समय निर्वाचन आयोग ने कहा था कि मतदाता सूचियों में अवैध विदेशी प्रवासियों के नाम शामिल होना भी एसआईआर कराने के कारणों में से एक है.
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अरुण श्रीवास्तव | ‘तार्किक विसंगति’ का रहस्य: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के हाथों मताधिकार छीनने का हथियार
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत ‘तार्किक विसंगति’ (लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी) की श्रेणी एक एल्गोरिदम आधारित व्यवस्था या दक्षिणपंथी राजनीतिक औजार के रूप में सामने आई है. लेखक का आरोप है कि चुनाव आयोग ने इस व्यवस्था को बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के लिए तैयार किया है. इसके जरिए उन मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें दक्षिणपंथी राजनीतिक शक्तियों का विरोधी माना जाता है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी नतीजों को प्रभावित करना और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की राजनीतिक परियोजना को आगे बढ़ाना बताया गया है.
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इंदौर बैठक में युवाओं के असंतोष और सोशल मीडिया की चुनौती पर चर्चा करेगा आरएसएस
दीप्तिमान तिवारी के अनुसार, इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आगामी अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में युवाओं के असंतोष, बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक और सोशल मीडिया की चुनौतियों पर प्रमुखता से चर्चा होगी. 2 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय बैठक का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी से संवाद साधना है, जिसकी राजनीतिक भाषा और एकजुट होने के तरीके पारंपरिक संगठनात्मक ढांचों से अलग हैं.
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इसमें कोई शक नहीं, सीमा पर उल्लंघन हुआ; क्योंकि मैकमोहन रेखा को स्वीकार नहीं करता चीन : अरुणाचल के सीएम
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा अरुणाचल प्रदेश में "कई स्थानों" पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ "आमने-सामने" (फेस-ऑफ) की बात कहे जाने के एक हफ्ते बाद, राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि सीमा पर "उल्लंघन" होते रहते हैं क्योंकि चीन मैकमोहन रेखा को स्वीकार नहीं करता है.
ब्रिटिश भारत और तिब्बत के बीच 1914 में सहमति से तय हुई मैकमोहन रेखा अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच वास्तविक सीमा का काम करती है. बीजिंग इसे यह कहते हुए स्वीकार नहीं करता है कि तिब्बत के पास ऐसा समझौता करने का अधिकार नहीं था.
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अजय गुडावर्थी | विपक्ष के ‘वोट चोरी’ अभियान की भाषा में है समस्या
भारत में छात्र आंदोलन अब नीट पेपर लीक और शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता तक पहुंच गए हैं. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हासिल करने के बाद प्रदर्शनकारी अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. कई कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन मोदी सरकार के लिए निर्णायक झटका साबित हो सकता है.
हालांकि, इन प्रदर्शनों ने नरेंद्र मोदी की अचूक और सर्वशक्तिमान नेता वाली छवि को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन क्या इनमें मौजूदा सरकार को गिराने की क्षमता है? इसकी संभावना कम दिखाई देती है. यह आंदोलन विपक्षी दलों के लिए एक ऐसे जाल में बदलता नजर आ रहा है, जिसका व्यापक सामाजिक आधार नहीं बन पाया है. इसका प्रभाव मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों, शिक्षित युवाओं और कार्यकर्ताओं तक सीमित है.
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दिल्ली में, अपने ही पतों पर रह रहे मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ बीजेपी बूथ एजेंटों ने दर्ज कराए नाम हटाने के फॉर्म
साजिद हुसैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद स्थित दयालपुर इलाके में पिछले दो दशकों से अधिक समय से एक ही पते पर रह रहे हैं. लेकिन पेशे से दर्जी साजिद बुधवार (28 अक्टूबर, 2026) को यह जानकर हैरान रह गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी दावे और आपत्तियों के दौर में दिल्ली की मतदाता सूची से उनके बेटे और पत्नी का नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 (आवेदन) दाखिल किए गए हैं.
हुसैन ने कहा कि उन्होंने उस व्यक्ति का नाम कभी नहीं सुना जिसने उनके बेटे असद रज़ा ज़ैदी और पत्नी अफ़साना खातून के खिलाफ फॉर्म 7 दाखिल किया है. ये दोनों उस इलाके के उन 28 मतदाताओं में शामिल थे, जिनके नाम 'अनुपस्थित/स्थायी रूप से स्थानांतरित' या 'मृत्यु' को कारण बताते हुए हटाने की मांग की गई थी.
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दिल्ली एसआईआर: 2026 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद हटाए गए मतदाताओं से फॉर्म-6 भरने को क्यों कहा गया? सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग से सवाल
‘लाइव लॉ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निर्वाचन आयोग से सवाल किया कि 2026 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद जिन लोगों के नाम प्रारूप मतदाता सूची से हटा दिए गए, उनसे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 भरने को क्यों कहा जा रहा है. अदालत ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 का इस्तेमाल पहली बार मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वाले लोगों के लिए होता है, जबकि कई पुराने मतदाताओं के नाम केवल गणना प्रपत्र नहीं भर पाने के कारण सूची से हटाए गए हैं.
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में अब तक 22 भारतीयों की मौत, इनमें 14 नाविक: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि फरवरी से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 22 भारतीयों की मौत हो चुकी है. इनमें 14 नाविक शामिल हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है और क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में है.
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एपस्टीन के साथ तस्वीरें सुर्खियों में आने के एक सप्ताह बाद, भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उप-चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया
दोषसिद्ध यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ तस्वीरें सुर्खियों में आने के एक सप्ताह से कुछ ही समय बाद, भारतीय जनता पार्टी ने हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उप-चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है.
‘द वायर’ के अनुसार, पिछले सप्ताह, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा इस वर्ष के प्रारंभ में एक बड़े डेटासेट के हिस्से के रूप में जारी की गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगी थी. इसमें केंद्रीय पेट्रोलियम/तेल मंत्री टेबल के पार एपस्टीन के सामने बैठे दिखाई दे रहे थे और उस फ्रेम में कोई अन्य व्यक्ति नज़र नहीं आ रहा था.
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दिल्ली की ज़हरीली हवा पेड़ों को भी नहीं बख्श रही, प्रदूषित क्षेत्रों में क्लोरोफिल तेज़ी से घट रहा: रिपोर्ट
एक अध्ययन में पाया गया है कि वायु प्रदूषण दिल्ली में सड़क किनारे लगे पेड़ों की पत्तियों के रासायनिक ढांचे को बदल रहा है, जिससे भोजन बनाने और पानी बनाए रखने की उनकी क्षमता प्रभावित हो रही है. कम प्रदूषित स्थानों की तुलना में अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों के पेड़ अधिक शरीर-क्रियात्मक (फिजियोलॉजिकल) तनाव का सामना कर रहे हैं.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'स्क्रोल' में शोएब दानियाल का लेख: एलआरएस योजना में बदलाव की आरबीआई की योजना, गिरते रुपये, मध्यम वर्ग की आर्थिक चुनौतियों और भाजपा के वोट बैंक पर विस्तृत विश्लेषण.
'बार एंड बेंच' रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट का उत्तर प्रदेश में एसआईआर के दौरान फर्जी थोक फॉर्म-7 जमा किए जाने के आरोपों की जांच कर चुनाव आयोग को रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश.
विश्व बैंक की रिपोर्ट: भारत में अत्यधिक गरीबी 2011 के 27.1% से घटकर 2023 में 2.6% पर आई, लेकिन आय असमानता और युवा बेरोजगारी अब भी गंभीर चुनौती.
'काउंटरकरंट्स' में अरुण श्रीवास्तव का लेख: एसआईआर के तहत एल्गोरिदम-आधारित 'तार्किक विसंगति', ईआरओनेट और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया का आलोचनात्मक विश्लेषण।
'द प्रिंट' में अजय गुडावर्थी का विश्लेषण: नीट प्रदर्शनों से शुरू होकर 'वोट चोरी' तक पहुंचे आंदोलन की सीमाएं, विपक्ष की रणनीतिक दुविधा और बीजेपी के सोशल इंजीनियरिंग का संकट.
दीप्तिमान तिवारी की रिपोर्ट: इंदौर में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में युवा असंतोष, पेपर लीक, एसआईआर आंदोलन और सोशल मीडिया चुनौतियों पर व्यापक मंथन.
'द इंडियन एक्सप्रेस' रिपोर्ट: अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू ने माना सीमा पर चीनी पीएलए का उल्लंघन, मैकमोहन रेखा को अस्वीकार करने को बताया मुख्य वजह.
'द हिंदू' रिपोर्ट: मुस्तफाबाद के दयालपुर में एसआईआर के दौरान भाजपा बीएलए द्वारा फर्जी फॉर्म 7 के जरिए मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश, जमीनी पड़ताल में उजागर हुई सच्चाई.
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