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मुंबई में सीजेपी नेताओं समेत 400 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का मामला
'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास समेत 400 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह प्रदर्शन शुक्रवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुआ था.
पुलिस ने दिपके, रांका और दास के अलावा सीजेपी के सदस्य प्रणव अहिरे, अजिंक्य शिंदे, अफरीन नवाज, सौम्या कोरडे, अंकित भारद्वाज, विजय मलांगी और योगेश इंगले को भी एफआईआर में नामजद किया है. पुलिस के मुताबिक, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है.
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‘मैं एक छोटा-सा कॉकरोच हूं’: कविता, विरोध और कल्पित समुदायों की नई अहिंसा
'स्क्रोल' में गीति चंद्रा लिखती हैं कि लोग साथ रह सकते हैं, लेकिन समुदाय को उसकी साझा कल्पना के जरिए बनाया जाता है और कविता इस कल्पना का शक्तिशाली माध्यम है. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के युवा विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर सामने आई कविताएं केवल नारों और कलात्मक अभिव्यक्तियों तक सीमित नहीं हैं. वे वर्ग, जाति, धर्म और लैंगिक सीमाओं से परे एक साझा समुदाय और भारत के भविष्य की कल्पना करती हैं.
इन कविताओं में हिंसा की राजनीति को अस्वीकार करते हुए सार्वजनिक स्मृति को भी नए रूप में गढ़ा जा रहा है. सीजेपी की कविता परंपरा 2019 के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोध और उससे आगे स्वतंत्रता आंदोलन की कविताओं और नारों से जुड़ती है. इंकलाब जिंदाबाद, हम देखेंगे, सरफरोशी की तमन्ना और सब कुछ याद रखा जाएगा जैसी अभिव्यक्तियां नए संदर्भों में फिर सामने आती हैं. इस तरह पुरानी प्रतिरोध परंपरा को संरक्षित करने के साथ उसका समकालीन पुनर्पाठ भी किया जा रहा है.
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सत्य सागर | सिर्फ चुनाव ठीक से करवाने से लोकतंत्र की मूल समस्या खत्म नहीं होगी
‘हरकारा डीप डाइव’ के लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी एवं राजनीतिक विश्लेषक और लेखक सत्य सागर ने भारत के लोकतंत्र, चुनावी व्यवस्था, आर्थिक असमानता और सामाजिक ढांचे पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत भारत और केन्या की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की तुलना से हुई. इसके जरिए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल चुनाव होने से किसी देश को लोकतांत्रिक माना जा सकता है.
सत्य सागर ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ सिर्फ चुनाव नहीं है, बल्कि यह तय करना भी है कि कौन शासन करेगा, किस तरह की नीतियां बनेंगी और समाज में उपलब्ध संसाधनों तथा अवसरों का वितरण किस तरह होगा. उनके मुताबिक, ‘वन मैन, वन वोट’ का आधार यह मान्यता है कि सभी मनुष्य समान हैं. लेकिन भारत जैसी सामाजिक संरचना में इस समानता को व्यवहार में लागू करना अब भी एक बड़ी चुनौती है.
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मतदाता सूची में नाम शामिल करने के खिलाफ 10 में से 4 अपीलें चुनाव आयोग की तरफ से आईं: बंगाल ट्रिब्यूनल जज
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठे विवादों के बीच एक गंभीर और चौंकाने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है. मुर्शिदाबाद जिले के 11 विधानसभा क्षेत्रों—55-फरक्का से लेकर 65-नबाग्राम तक—के मतदाताओं के मामलों की सुनवाई अपीलीय ट्रिब्यूनल संख्या 11 में चल रही है. राज्यभर में इस प्रक्रिया से कुल 6,35,983 अपीलें उत्पन्न हुई हैं. ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कर रहे कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश इंद्रजीत चटर्जी के अनुसार, इनमें से लगभग 2.54 लाख अपीलें (यानी हर 10 में से 4 अपीलें) खुद बंगाल के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (अतिरिक्त सीईओ) द्वारा दायर की गई थीं. ये याचिकाएं नाम बहाल कराने के लिए आम नागरिकों द्वारा नहीं, बल्कि पहले से शामिल किए जा चुके मतदाताओं को सूची से हटाने के लिए चुनाव अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई थीं.
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भारत के नक्शे में लद्दाख में चीन सीमा से लगे 28 स्थानों में गलवान के पास घुसपैठ वाले स्थलों की पहचान
भारत के आधिकारिक मानचित्र में पहली बार लद्दाख में चीन सीमा के पास 28 स्थलों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके मानक नामों से चिन्हित किया गया है. इनमें गलवान घाटी के पास गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स भी शामिल हैं, जहाँ मई 2020 में चीनी सेना द्वारा कथित तौर पर अतिक्रमण किया गया था.
इस घुसपैठ के कारण 15 जून, 2020 को गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय सैनिक और कम से कम चार चीनी सैनिक मारे गए थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, चीनी सेना अभी भी गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स में भारत के दावे वाले क्षेत्रों के भीतर बने "बफर जोन" में मौजूद है.
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उज्जैन मस्जिद विध्वंस पर फेसबुक कमेंट को लेकर मोहम्मद दीपक गिरफ्तार, जमानत भी मिली
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ के मुताबिक, उत्तराखंड के जिम मालिक दीपक कुमार, जिन्हें 'मोहम्मद दीपक' के नाम से भी जाना जाता है, को एक स्थानीय व्यापारी द्वारा फेसबुक कमेंट को लेकर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाए जाने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, यह विवाद मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक मस्जिद के आंशिक विध्वंस से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा था. पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन असहमति के बाद दीपक कथित तौर पर व्यापारी संजीव टोंक की दुकान पर गए, जहां कथित तौर पर तीखी बहस हुई. पुलिस ने शुरुआत में स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की. संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति की चिंताओं के बीच निवारक उपाय के रूप में दीपक को बाद में बीएनएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया गया.
दीपक इससे पहले कोटद्वार में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से जुड़ी घटना के दौरान बजरंग दल के सदस्यों का सामना करने के बाद सुर्खियों में आए थे.
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एम.एच. इलियास | गांधी आज भी प्रासंगिक हैं
एम.एच. इलियास ने लिखा है कि आज के अनिश्चित और उथल-पुथल भरे दौर में महात्मा गांधी को विचार के किस खांचे में रखा जाए? क्या वे बीसवीं सदी के एक आदर्शवादी थे, एक दार्शनिक अराजकतावादी जिन्होंने हमेशा राज्य की सत्ता को कमतर माना, या एक ऐसे उदारवादी विचारक जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्वायत्तता को राज्य की सर्वोपरिता से ऊपर रखते थे? अथवा उन्हें उत्तर-औपनिवेशिक चेतना के ऐसे स्रोत के रूप में देखा जाना चाहिए, जिसने आधुनिकता की यूरो-केंद्रित और अमानवीय अवधारणाओं को चुनौती दी? गांधीवादी विचारों के शोधकर्ताओं और अध्यापकों के लिए यह एक उलझाऊ प्रश्न रहा है.
यह सवाल आज इसलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि गांधी का 'प्रतिरोध का विचार' दुनिया भर में समाज और राजनीति को लोकतांत्रिक बनाने वाले आंदोलनों को लगातार प्रेरित कर रहा है.
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वायुसेना प्रमुख ने पाकिस्तान-चीन सांठगांठ पर जताई चिंता, कहा- 42 स्क्वाड्रन की क्षमता के मुकाबले हमारे पास केवल 29 स्क्वाड्रन मौजूद
भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कहा कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए चीन के साथ पाकिस्तान का सहयोग भारत के लिए "चिंता का कारण" है.
वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि वायुसेना फिलहाल इस खतरे को टालने में सक्षम होगी, लेकिन भारत को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को जल्द से जल्द अपने बेड़े में शामिल करना होगा.
सिंह ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि यह चिंता का कारण है. लेकिन क्या यह ऐसी स्थिति है जो पूरी तरह से हमारे नियंत्रण से बाहर (नो-गो) है? मैं इससे सहमत नहीं होऊँगा. हमारे पास क्षमताएं हैं. बात सिर्फ एक प्लेटफॉर्म की इतनी नहीं होती, बल्कि आपके सिस्टम में उस प्लेटफॉर्म का एकीकरण (इंटीग्रेशन) मायने रखता है. ठीक वैसे ही जैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पास अन्य प्लेटफॉर्म मौजूद थे, लेकिन वे उनसे ज्यादा कुछ नहीं कर सके."
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भारत में इलेक्ट्रिक वाहन हर सड़क के लिए उपयुक्त नहीं, बहु-ईंधन परिवहन रणनीति की आवश्यकता
द एनर्जी एंड रिसोर्सेस इंस्टीट्यूट (टीईआरआई) और पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सड़क परिवहन को कार्बन-मुक्त बनाने के लिए एक समान नहीं, बल्कि बहु-ईंधन (मल्टी फ्यूल) रणनीति अपनानी होगी.
‘पीटीआई’ के मुताबिक, छह प्रमुख वाहन श्रेणियों और 10 शहरों के विश्लेषण के बाद रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी एकल ईंधन तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता. इसलिए वाहनों के उपयोग और क्षेत्र के हिसाब से चरणबद्ध बदलाव जरूरी है: दोपहिया व तीन-पहिया: कम परिचालन लागत के कारण लंबी अवधि में विद्युतीकरण (ईवी) सबसे उपयुक्त है. यात्री कारें व हल्के वाणिज्यिक वाहन: वर्तमान में सीएनजी किफायत और उपयोगिता का सबसे व्यावहारिक विकल्प है. इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरने पर ईवी की भूमिका बढ़ेगी.
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एशिया में भारतीय मुद्रा का सबसे खराब प्रदर्शन, निचले स्तर पर बना हुआ है भारतीय रुपया
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दुनिया भर में बॉन्ड यील्ड (प्रतिफल) में उछाल के कारण स्थानीय संपत्तियों पर दबाव बढ़ा है, जिससे भारतीय रुपया इस तिमाही और पिछले 30 दिनों में एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा.
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगातार किए गए हस्तक्षेपों के कारण मुद्रा बड़े नुकसान से बचने में काफी हद तक सफल रही, फिर भी इस महीने इसमें 0.7% और जुलाई-सितंबर तिमाही में 1.2% की गिरावट दर्ज की गई. बुधवार को यह डॉलर के मुकाबले 95.83 पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के 95.98 के स्तर से थोड़ा सुधार दर्शाता है. दक्षिण एशियाई मुद्रा ने एक उथल-पुथल भरी तिमाही का सामना किया, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते-घटते तनाव के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $70 प्रति बैरल से लगभग $110 के बीच झूलती रहीं.
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आसिम अली | न्यूक्लियर बटन
‘द टेलीग्राफ’ में आसिम अली ने लिखा है कि देश “अभूतपूर्व स्थिति” में प्रवेश कर चुका है, जहाँ “वोट, कानून और संविधान को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी टूट चुकी है.” मुख्य चुनाव आयुक्त की देखरेख में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवादित कदमों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की मीडिया रिपोर्ट आने के बाद, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने यह तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
भारतीय राजनीति के लोकतांत्रिक दायरों से भटककर एक हाइब्रिड 'चुनावी-सत्तावादी' दौर में चले जाने की चिंता पूरे 'इंडिया' विपक्षी गठबंधन में व्याप्त है. उदाहरण के लिए, जून में गठबंधन के 23 नेताओं ने उच्चतम न्यायालय को एक संयुक्त पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त के “पक्षपातपूर्ण आचरण” और बिहार व पश्चिम बंगाल में एसआईआर के क्रियान्वयन में हुई कथित गड़बड़ियों की ओर ध्यान आकर्षित किया. पत्र में आगाह किया गया था कि यदि न्यायपालिका ने इस पर हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह “गणराज्य के पूरी तरह से चरमराने” का संकेत होगा.
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जापान की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी बुलेट ट्रेन की समय-सीमा
जापान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की गति जापान की शुरुआती उम्मीदों के "अनुरूप नहीं रही है". भारत की इस पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को जापान द्वारा वित्तीय और तकनीकी रूप से सहायता प्रदान की जा रही है.
‘द हिंदू’ से विशेष बातचीत करते हुए अधिकारी ने कहा कि जापान यह घोषणा करने की स्थिति में नहीं है कि यह परियोजना कब पूरी होगी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी के बावजूद अब यह परियोजना निरंतर प्रगति कर रही है.
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135 साल पुरानी लाइब्रेरी, 8.5 लाख किताबें और नई सेंट्रल विस्टा योजना में कोई जगह तक नहीं
जब 1911 में किंग जॉर्ज पंचम ने ब्रिटिश भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने के फैसले की घोषणा की, तो सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी (सीएसएल), जिसे तब इम्पीरियल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता था, इसके साथ ही स्थानांतरित हो गई और इसे सिविल लाइंस क्षेत्र की ओल्ड सेक्रेटेरियट बिल्डिंग (पुराना सचिवालय) में पहला ठिकाना मिला. अंग्रेजों द्वारा रायसीना हिल के आसपास सत्ता की नई सीट बनाने के बाद, लाइब्रेरी को फिर से नॉर्थ ब्लॉक और फिर शास्त्री भवन में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ यह 1969 से मौजूद है.
अब इसे फिर से स्थानांतरित करने का समय आ गया है - लेकिन किसी को यकीन नहीं है कि कहाँ?
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
मुंबई पुलिस की कार्रवाई: सीजेपी संस्थापकों पर एफआईआर, शिवाजी पार्क प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर 700 हिरासत में और चुनाव आयोग में मतभेद की रिपोर्ट पर विश्लेषण.
'स्क्रोल' विशेष: गीति चंद्रा की रिपोर्ट; 'कॉकरोच जनता पार्टी' के युवा विरोध प्रदर्शन, प्रतिरोध की कविताएं, 'हम देखेंगे' और अहिंसक आंदोलन की नई भाषा.
'हरकारा डीप डाइव' चर्चा: निधीश त्यागी संग सत्य सागर का विश्लेषण; 'वन मैन, वन वोट' बनाम आर्थिक असमानता, अदृश्य हिंसा और भारत-केन्या लोकतंत्र तुलना.
'पश्चिम बंगाल एसआईआर' पर बड़ा खुलासा: अतिरिक्त सीईओ द्वारा दायर 2.54 लाख 'एंटी-इन्क्लूजन' अपीलों, 174 साल के बैकलॉग और जस्टिस इंद्रजीत चटर्जी के इस्तीफे का पूरा विश्लेषण.
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' विशेष: उत्तराखंड के कोटद्वार में 'मोहम्मद दीपक' (दीपक कुमार) की गिरफ्तारी; सोशल मीडिया पोस्ट और स्थानीय व्यापारियों के विरोध के बाद जमानत.
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' विशेष: एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पाकिस्तान-चीन 5th जनरेशन फाइटर जेट समझौते को चिंताजनक बताया; Su-57 और AMCA पर बड़ा बयान.
'द टेलीग्राफ' विशेष: भारत ने आधिकारिक मानचित्र में लद्दाख की गलवान घाटी, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स के 28 स्थलों को मानक नाम दिए; चीन के दावों का जवाब और बफर जोन पर विवाद.
'एम.एच. इलियास' विशेष: प्रोफेसर एम.एच. इलियास की रिपोर्ट; अनिश्चितता के दौर में महात्मा गांधी के 'प्रतिरोध के विचार', 'हिंद स्वराज' की प्रासंगिकता और जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलनों का विश्लेषण.
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INDIA गठबंधन की बैठक से विपक्षी एकता और राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर क्या राजनीतिक संकेत मिले? वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने निधीश त्यागी के साथ बातचीत में बैठक के भीतर की मौजूदगी और गैरमौजूदगी, अखिलेश यादव के शामिल न होने, कांग्रेस-सपा संबंधों और उत्तर प्रदेश के 2027 चुनावी समीकरणों पर अपना विश्लेषण साझा किया. चर्चा में चुनाव आयोग से जुड़े सवाल, विपक्ष की प्रस्तावित आंदोलन रणनीति और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका भी शामिल रही. क्या यह बैठक राहुल गांधी के नेतृत्व को समर्थन देने का संकेत है? और विपक्षी दलों के बीच उभरते मतभेद आगे की राजनीति को किस तरह प्रभावित कर सकते हैं? देखिए हरकारा डीप डाइव का यह विशेष एपिसोड.
क्या INDIA गठबंधन की बैठक विपक्षी दलों को साझा रणनीति की ओर ले जा पाएगी? कांग्रेस की भूमिका, राहुल गांधी का नेतृत्व और अखिलेश यादव के साथ उसके राजनीतिक रिश्ते गठबंधन की आगे की दिशा को कैसे प्रभावित करेंगे? हरकारा डीप डाइव के इस लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से विपक्षी राजनीति की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा कर रहे हैं. बातचीत में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, चुनाव आयोग से जुड़े सवाल, INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच तालमेल और उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव के संभावित समीकरण शामिल हैं. ममता बनर्जी, शरद पवार, उद्धव ठाकरे और अन्य विपक्षी नेताओं की भूमिका के साथ-साथ कांग्रेस-सपा के बीच सीटों का सवाल भी चर्चा का हिस्सा है. क्या विपक्षी दल अपने मतभेदों के बावजूद साझा राजनीतिक एजेंडा बना पाएंगे? सुनिए श्रवण गर्ग का विश्लेषण, निधीश त्यागी के साथ. #Harkara #HarkaraDeepDive #ShravanGarg #NidheeshTyagi #INDIAAlliance #Congress #AkhileshYadav #IndianPolitics
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