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डब्ल्यूएचओ : दुनिया की 92 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में कैंसर से होगी प्रभावित
‘डाउन टू अर्थ’ की रिपोर्टर किरण पांडेय के मुताबिक, दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी अपने जीवन में किसी न किसी रूप में कैंसर से प्रभावित होगी. इसका मतलब है कि या तो व्यक्ति स्वयं कैंसर का शिकार होगा या उसके परिवार का कोई करीबी सदस्य इस बीमारी से जूझेगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 8 जुलाई 2026 को जारी अपनी वैश्विक रिपोर्ट में कैंसर को तेजी से बढ़ता स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक संकट बताया है. संगठन का कहना है कि इलाज और जांच की सुविधाओं में असमानता के कारण अलग-अलग देशों में मरीजों के बचने की संभावना भी अलग-अलग है.
दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में कैंसर का शिकार होगा. वर्ष 2024 में दुनिया भर में 2.06 करोड़ से अधिक लोगों में कैंसर का पता चला. इनमें गैर-मेलेनोमा त्वचा कैंसर को छोड़कर 1.95 करोड़ मामले शामिल हैं.
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अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई, भगवानपुरिया समेत 37 पर लगाए आरोप. पंजाब पुलिस का अधिकारी भी जांच के घेरे में
अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और पंजाब पुलिस के एक अधिकारी समेत 37 लोगों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उगाही, लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन गतिविधियों का प्रभाव दुनिया भर में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों पर भी पड़ा है.
पंजाब पुलिस के जिस अधिकारी का नाम आरोपियों में शामिल है, उनकी पहचान गुरिंदरजीत सिंह के रूप में हुई है. प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली ने अमेरिका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी.
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भारत में 11 लाख से अधिक महिलाएं एचआईवी के साथ जी रहीं, घरेलू हिंसा की भी शिकार.
भारत में एचआईवी को अक्सर केवल एक स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखा जाता है, लेकिन हजारों महिलाओं के लिए यह बीमारी घरेलू हिंसा, सामाजिक भेदभाव और आर्थिक निर्भरता से गहराई से जुड़ी हुई है. यह रिपोर्ट बताती है कि एचआईवी से संक्रमित कई महिलाओं की सबसे बड़ी लड़ाई केवल वायरस से नहीं, बल्कि अपने ही घर के भीतर होने वाली हिंसा और अपमान से भी है.
जयश्री कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) केंद्र में हर महीने सैकड़ों महिलाएं दवाइयां लेने पहुंचती हैं. इनमें से कई महिलाएं वर्षों से एचआईवी का इलाज करा रही हैं, लेकिन उनके जीवन की कठिनाइयां केवल बीमारी तक सीमित नहीं हैं.
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4 साल बाद भी, MSP समिति के पास दिखाने के लिए कोई रिपोर्ट नहीं, लेकिन ₹54 लाख खर्च हुए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति का वादा किए जाने के लगभग चार साल बाद भी, इस पैनल ने एक भी रिपोर्ट नहीं सौंपी है — भले ही इसने लगभग ₹54 लाख खर्च कर दिए हैं और दर्जनों बैठकें की हैं जिनकी कार्यवाही की जानकारी आरटीआई के जवाबों में भी साझा नहीं की गई है.
‘न्यूज़ लॉन्ड्री’ में आकांख्या राउत की रिपोर्ट के अनुसार, यह समिति 18 जुलाई, 2022 को अपने गठन के बाद से अब तक 6 मुख्य बैठकें और उप-समितियों के माध्यम से 42 बैठकें कर चुकी है.
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भीड़ का हमला, अधिकारियों के झूठे वादे और फिर बहिष्कार: महाराष्ट्र के एक गाँव में 11 मुस्लिम परिवारों की दास्तान
महाराष्ट्र के सांगली जिले के अराला गाँव में एक मामूली विवाद (बर्तन के ढक्कन) ने भीषण सांप्रदायिक रूप ले लिया. इसके बाद न्याय न मिलने और पक्षपातपूर्ण पुलिस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि मुस्लिम दुकानदारों का व्यापार ठप हो गया है और वे गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं. 11 पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें न्याय देने के बजाय उल्टे सजा भुगतने पर मजबूर किया जा रहा है.
दुकानदारों के मुताबिक, पिछले कई हफ़्तों से आरला गाँव में मुस्लिमों की कुछ दुकानें सूनी सड़कों के बीच खुल रही हैं. उनके पुराने और नियमित ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है. एक दुकानदार का कहना है कि वह हमेशा के लिए अपनी दुकान का शटर गिराने और काम की तलाश में गाँव छोड़ने की तैयारी कर रहा है.
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‘एसआईटी काफी नहीं, राम मंदिर भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी’: आचारी मंदिर के प्रमुख
अयोध्या के प्राचीन दंत धावन कुंड आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने कहा है कि राम मंदिर से दान की चोरी से जुड़े 'भ्रष्टाचार' की तह तक जाने के लिए केवल विशेष जांच दल (एसआईटी) काफी नहीं है, बल्कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की आवश्यकता है.
पुजारी ने कहा, "आप जितना इसकी गहराई में जाएंगे, उतना समझेंगे कि कैसे भ्रष्टाचार ही है. अब रामलला विराजमान हैं, वह न्याय सुनिश्चित करेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "एसआईटी ठीक है लेकिन अगर सीबीआई (इस मामले की जांच के लिए) आती है तो चीजें बहुत अधिक स्पष्ट हो जाएंगी. सीबीआई पैसों के लेन-देन की जांच कर सकती है और जहां भी जरूरत हो यात्रा कर सकती है, जबकि एसआईटी को शायद अनुमति लेनी पड़े. इसलिए सीबीआई को शामिल किया जाना चाहिए ताकि किसी अयोध्यावासी पर लगा कलंक मिट सके."
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अब बद्रीनाथ धाम का दान जांच के दायरे में, कार्यालय कर्मी निलंबित
बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है.
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में ऐश्वर्या राज की रिपोर्ट के अनुसार, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. नौटियाल के खिलाफ अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद 3 जुलाई को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था. जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट और नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण में कथित तौर पर आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया. उल्लेखनीय है कि यह मामला अयोध्या मंदिर में दान के कथित गबन के आरोपों के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है.
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‘500 ग्राम वजनी चांदी की शिला दी थी, कभी रसीद नहीं मिली’: महंत बाल योगी रामदास ने ट्रस्ट पर साधा निशाना
अयोध्या स्थित करतालिया आश्रम के महंत (मुख्य पुजारी) बाल योगी रामदास ने 'द वायर' से बात करते हुए कहा, "मैंने कानपुर के एक भक्त से मिली 500 ग्राम वजनी चांदी की शिला, महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास को दी थी. हमें कभी इसकी रसीद नहीं मिली और न ही हमने कभी मांगी, हालांकि अखबारों ने इस खबर को छापा था. अब पूरे देश को 200 किलोग्राम चांदी के बारे में भी पता चल चुका है, इसलिए यह खेल काफी समय से चल रहा है."
बाल योगी रामदास, जिन्होंने अप्रैल 2024 में अयोध्या के करतालिया आश्रम के महंत के रूप में कार्यभार संभाला था, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान सार्वजनिक रूप से सपा का समर्थन किया था.
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कानून का उल्लंघन: अडानी के मुंबई एयरपोर्ट स्टोर्स पर बिक रहे थे निकोटीन पाउच
भारत सरकार की एक जांच में यह बात सामने आई है कि अरबपति गौतम अडानी के कारोबारी समूह द्वारा संचालित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के ड्यूटी-फ्री स्टोर कानून का उल्लंघन कर निकोटीन पाउच बेच रहे थे. जांच दस्तावेज के अनुसार, सरकार इन पाउच को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा मानती है. हालांकि, अडानी समूह ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. वह न्यायाधीशों से यह घोषित करने की मांग कर रहा है कि दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों से जुड़ा कानून ड्यूटी-फ्री दुकानों और निकोटीन पाउच पर लागू नहीं होता है.
वकीलों का कहना है कि यह मामला एक मिसाल बन सकता है कि भारत ऐसे आउटलेट्स पर बिक्री को कैसे नियंत्रित करता है.अगर सरकार यह केस जीतती है, तो भारत के हवाई अड्डों पर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते निकोटीन उत्पादों में से एक की बिक्री पूरी तरह बंद हो सकती है, जैसा कि ‘रॉयटर्स’ में आदित्य कालरा की रिपोर्ट में बताया गया है.
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री-इवैल्यूएशन के बाद फरीदाबाद के दो सीबीएसई छात्रों के उन विषयों में भी घटे अंक, जिनकी समीक्षा नहीं कराई थी
हरियाणा के फरीदाबाद में सीबीएसई की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कक्षा 12 के दो छात्रों ने केवल कुछ विषयों में अंकों की दोबारा जांच के लिए आवेदन किया था, लेकिन संशोधित मार्कशीट में उन विषयों के भी अंक घटा दिए गए, जिनकी समीक्षा उन्होंने कराई ही नहीं थी. इस बदलाव के कारण दोनों छात्रों का परिणाम फिर से "रिपीट इन थ्योरी" हो गया और कॉलेज में दाखिले पर संकट खड़ा हो गया.
‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के मुताबिक, दोनों छात्र फरीदाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल के हैं. पहले छात्र ने केवल रसायन विज्ञान और गृह विज्ञान में री-इवैल्यूएशन कराया था. इसके बाद रसायन विज्ञान के अंक 42 से बढ़कर 52 और गृह विज्ञान के अंक 70 से बढ़कर 79 हो गए. लेकिन संशोधित मार्कशीट में गणित के अंक, जिसमें री-इवैल्यूएशन नहीं कराया गया था, 46 से घटाकर 40 कर दिए गए. इससे छात्र का परिणाम फिर RT हो गया.
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पश्चिम बंगाल में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी को भगाने के आरोप में भाजपा नेता गिरफ्तार
‘स्क्रोल’ के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने के आरोप में एक स्थानीय भाजपा पदाधिकारी को भी हिरासत में लिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, बच्ची शनिवार को लापता हुई थी, जिसके बाद उसके पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. रविवार को सुरज्यापुर इलाके के एक तालाब से बोरे में बंद उसका शव बरामद हुआ. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य मिटाने और पॉक्सो कानून की संबंधित धाराएं जोड़ी हैं.
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उच्च शिक्षा में नामांकन 4.5 करोड़ के पार. महिलाओं और वंचित वर्गों की बढ़ी भागीदारी
‘द हिन्दू’ के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 में उच्च शिक्षा में कुल नामांकन बढ़कर 4.5 करोड़ हो गया है. यह 2014-15 के 3.42 करोड़ नामांकन की तुलना में 31.5 प्रतिशत अधिक है.
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के 59,533 उच्च शिक्षण संस्थानों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह सर्वेक्षण तैयार किया गया है. इसमें उच्च शिक्षा में महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी को प्रमुख उपलब्धि बताया गया है.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'अलजज़ीरा' में सारा शमीम की रिपोर्ट. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले 30 से अधिक वैश्विक पुरस्कारों पर कूटनीतिक बनाम छवि निर्माण का विवाद; सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान प्रमाण पत्र में गलतियों पर तीखा तंज.
'द इंडियन एक्सप्रेस' में जयप्रकाश एस नायडू की रिपोर्ट. 30 साल से देश के 300 से अधिक लक्जरी होटलों को चूना लगाने वाला 69 वर्षीय महाठग विंसेंट जॉन रायपुर पुलिस द्वारा भुवनेश्वर से गिरफ्तार.
'द गार्डियन' की रिपोर्ट. डॉ. कृति कपिला के नए शोध के मुताबिक भारत में दहेज हत्याओं के आंकड़े बढ़ने के बावजूद सार्वजनिक गुस्सा और राजनीतिक विमर्श गायब; 1988 की तुलना में 2022 में मामले बढ़कर 6,516 हुए.
'द वायर' में एस. एन. साहू का लेख. 18वीं सदी के श्रीनाथजी मंदिर (नाथद्वारा) और वर्तमान अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी की ऐतिहासिक तुलना; नेहरू की सख्त कार्रवाई बनाम पीएम मोदी के मौन का विश्लेषणात्मक विवरण.
'द इंडियन एक्सप्रेस' की सदाफ़ मोदक की रिपोर्ट. नासिक की विशेष अदालत ने टीसीएस कर्मचारी निदा खान को जमानत देते हुए भगवान कृष्ण के कैद में जन्म का दिया हवाला; कहा- किसी बच्चे को जेल में जन्म का आघात नहीं मिलना चाहिए.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट. कलकत्ता हाईकोर्ट ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ लंबित अपीलों के निपटारे की धीमी रफ्तार पर जताई चिंता; कहा- इस गति से मामलों के निपटारे में लगेंगे 21 साल.
'द टेलीग्राफ' में पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट. पश्चिम बंगाल के बरूईपुर एनकाउंटर के बाद चर्चा में आया उत्तर प्रदेश का विवादित 'एनकाउंटर मॉडल'; आंकड़ों, 'ऑपरेशन लंगड़ा' और कानून व्यवस्था के दावों का विश्लेषण.
'द हिन्दू' की रिपोर्ट. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी AISHE 2023-24 सर्वेक्षण में बड़ा खुलासा; उच्च शिक्षा में कुल नामांकन बढ़कर 4.5 करोड़ हुआ, महिलाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी में रिकॉर्ड वृद्धि.
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हरकारा डीप डाइव के इस विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी के साथ हिंदी और आदिवासी लोककलाओं के विशेषज्ञ नवल शुक्ल, पंडवानी की महान कलाकार तीजन बाई के जीवन, संघर्ष, कला और विरासत पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं. इस बातचीत में नवल शुक्ल बताते हैं कि वर्ष 1982-83 में पहली बार तीजन बाई से उनकी मुलाकात कैसे हुई, किस तरह उन्हें गांव से निकालकर भारत भवन, भोपाल के मंच तक लाया गया और कैसे पंडवानी को राष्ट्रीय पहचान मिली. वे पंडवानी की परंपरा, उसकी वेदमती और कापालिक शैली, महाभारत की लोक परंपरा तथा तीजन बाई की अद्भुत मंचीय प्रस्तुति पर भी विस्तार से प्रकाश डालते हैं. एपिसोड में हबीब तनवीर, भारत भवन, अशोक वाजपेयी और छत्तीसगढ़ की लोककलाओं के विकास में उनकी भूमिका पर भी चर्चा होती है. साथ ही यह भी समझने की कोशिश की गई है कि तीजन बाई के बाद पंडवानी की परंपरा किस दिशा में बढ़ रही है और इस विरासत को संरक्षित करने के लिए डिजिटल दस्तावेजीकरण कितना जरूरी है.
‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत निधीश त्यागी ने देश के प्रमुख मंदिरों के उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों की तुलना से की. उन्होंने राम मंदिर, माता वैष्णो देवी, तिरुमला वेंकटेश्वर, शिरडी साईं बाबा और सांवलिया सेठ मंदिर में प्रति श्रद्धालु दान और चढ़ावे के अनुमानित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग सार्वजनिक स्रोतों से जुटाए गए इन आंकड़ों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े होते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है. इसी संदर्भ में श्रवण गर्ग ने कहा कि असली सवाल केवल चढ़ावे की राशि का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास का है. उन्होंने पूछा कि यदि राम मंदिर में करोड़ों लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं, तो प्रति श्रद्धालु औसत चढ़ावा अन्य प्रमुख मंदिरों की तुलना में इतना कम क्यों दिखाई देता है. उनके अनुसार यदि दान और चढ़ावे को लेकर किसी तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे. श्रवण गर्ग ने कहा कि इस पूरे विवाद को केवल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने बद्रीनाथ-केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, तिरुपति, सबरीमाला और अन्य बड़े धार्मिक संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कहीं भी दान, प्रबंधन या पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते हैं, तो वहां भी समान रूप से जवाबदेही तय होनी चाहिए. उनके अनुसार यह बहस किसी एक मंदिर की नहीं, बल्कि देशभर के धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जनता के विश्वास की है. चर्चा के दौरान श्रवण गर्ग ने राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर और धार्मिक आस्था लंबे समय तक राजनीति के प्रमुख विषय रहे हैं, तो ऐसे मामलों में केवल ट्रस्ट या स्थानीय प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सत्ता से भी जवाबदेही पूछी जानी चाहिए. उनका कहना था कि लोकतंत्र में नागरिकों को सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं दोनों से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा रखने का अधिकार है. एपिसोड के अंत में श्रवण गर्ग ने कहा कि मूल प्रश्न केवल यह नहीं है कि कितना चढ़ावा आया, बल्कि यह भी है कि श्रद्धालुओं के दान का उपयोग किस प्रकार हुआ और उसकी जवाबदेही किसके पास है. स्रोत: https://www.tirumala.org https://www.sai.org.in https://www.maavaishnodevi.org https://www.etvbharat.com https://newsarenaindia.com/states/shirdi-sai-sansthan-gets-rs-660-cr-donations-in-2025-26/80238 https://www.businesstoday.in/india/story/27-kg-gold-3424-kg-silver-massive-jump-in-pilgrim-donations-for-mata-vaishno-devi-shrine-in-5-yrs-468067-2025-03-16 https://theprint.in/india/j-k-mata-vaishno-devi-shrine-records-massive-increase-in-pilgrim-donations-in-5-years/2549894/ https://newsarenaindia.com/states/ayodhya-ram-mandir-draws-15-cr-devotees-donations-cross-500-cr/79470 https://www.ndtv.com/india-news/pm-worried-about-broken-system-ex-ias-nripendra-mishra-on-ram-temple-row-11656117 https://www.ndtv.com/india-news/1-kg-gold-biscuit-rs-23-crore-cash-rajasthans-chittorgarh-sanwaliya-seth-temple-gets-record-donations-7186219 https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/chittorgarh/shri-sanwaliya-seth-temple-mandafiya-record-cash-donation-51-crore/articleshow/125640640.cms
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राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद ने देश की राजनीति में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल अयोध्या तक सीमित है, या इसके दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक परिणाम होंगे? हरकारा डीप डाइव के इस विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी के साथ लेखक और पत्रकार राकेश कायस्थ विस्तार से चर्चा कर रहे हैं. बातचीत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका, भाजपा की राजनीति, राम मंदिर आंदोलन, हिंदुत्व की राजनीति, जवाबदेही, अर्थव्यवस्था और बदलते राजनीतिक माहौल जैसे कई अहम मुद्दों पर गहन विश्लेषण किया गया है. इस एपिसोड में चर्चा के प्रमुख विषय. राम मंदिर विवाद का राजनीतिक असर. संघ और भाजपा के रिश्तों में बदलते समीकरण. आस्था, जवाबदेही और सार्वजनिक विश्वास. हिंदुत्व की राजनीति का भविष्य. अर्थव्यवस्था और राजनीतिक विमर्श. आने वाले समय की संभावित राजनीतिक दिशा.