टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
हम हरकारा.
हरकारा एक देशज शब्द है संदेशवाहक के लिए.हमारी यह एक छोटी सी कोशिश है कि वे ज़रूरी ख़बरें आप तक पहुँचाई जाएँ, जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती हैं, छिपा दी जाती हैं, या फिर इस तरह तोड़-मरोड़ कर पेश की जाती हैं कि वे भ्रम पैदा करें.
हरकारा की छोटी सी टीम हर चौबीस घंटे में आपके लिए ऐसी ख़बरों को संजोकर एक सूची के रूप में प्रस्तुत करती है, उनके मर्म के साथ, ताकि आप मीडिया के शोर-शराबे में दब रही सच्ची ख़बरों तक पहुँच सकें.
हम अनुभवी पत्रकारों की एक छोटी टीम हैं, लेकिन एक बड़े समुदाय का हिस्सा भी, जिसमें आप भी शामिल हैं.
हमारा उद्देश्य उन मुद्दों पर संवाद और विमर्श शुरू करना है, जो अक्सर छूट जाते हैं या जानबूझकर हाशिए पर डाल दिए जाते हैं.
हरकारा तथ्यपरक पत्रकारिता, लोकतंत्र और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थक है. हम खबरों और उनके पाठकों/श्रोताओं को फिर से केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.


टॉकिंग न्यूज़ विद निधीश के लाइव शो में वरिष्ठ पत्रकार राजेश चतुर्वेदी के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण और चुनाव आचार संहिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए. चर्चा में बताया गया कि हाल ही में लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक के फेल होने के अगले दिन प्रधानमंत्री ने दूरदर्शन के मंच से राष्ट्र के नाम संबोधन किया. आरोप है कि इस सरकारी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल चुनावी उद्देश्य से किया गया और संबोधन में कांग्रेस का नाम करीब 58-59 बार लिया गया, जबकि विषय महिलाओं से जुड़ा बताया गया था.इस मुद्दे पर 700 से अधिक नागरिकों, रिटायर्ड अफसरों और एक्टिविस्टों ने इलेक्शन कमीशन को पत्र लिखकर शिकायत की है.