-
New List Item
Description goes here -
अब बहुत हुआ: मंत्री कुंवर शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान के मामले में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को फटकारा
-
भ्रष्टाचार की तरह वंशवाद का भी पाखंड; बिहार मंत्रिमंडल में निशांत सहित तीन ‘लाल’ शामिल
-
ब्राजील पुलिस ने तस्करी की जांच में पक्षी विशेषज्ञ के उपकरण जब्त किए; ‘वंतारा’ से जुड़ा मामला
-
प्रेम पणिकर: विजय ने द्रविड़ राजनीति की जड़ों को हिला डाला
-
ममता के इस्तीफे से इनकार के बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग की
-
तमिलनाडु: विजय को रोकने के लिए धुर विरोधी ‘डीएमके और एआईएडीएमके’ साथ आएंगे! एआईएडीएमके के प्रस्ताव पर स्टालिन लेंगे फैसला
-
राज्यपाल ने विजय को बताया, ‘सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन स्थापित नहीं’
-
मणिपुर के कामजोंग जिले में सशस्त्र उग्रवादियों ने सीमावर्ती गांवों को फूँका, ग्रामीण भागे
-
‘बहुमत के समर्थन’ के आग्रह के पीछे राष्ट्रपति शासन की छाया
-
मुंबई: तरबूज में मिला चूहे मारने का जहर, जिससे हुई थी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
-
बिहार से बंगाल तक: कैसे गढ़े गए चुनावी नैरेटिव
-
मणिपुर: एक तीसरा मोर्चा, जो अधिक विनाशकारी हो सकता है
-
मुनाफ़ा बढ़ रहा है, फिर भी निवेश से क्यों बच रहीं भारत की बड़ी कंपनियाँ?
-
‘जुर्म कहाँ है?’: 6 साल की कैद और अपने चर्चित भाषणों पर शरजील इमाम
-
पराकला प्रभाकर : ममता को चुनाव अस्वीकार्य है, तो नतीज़ों का बहिष्कार करना चाहिए
-
दाराब फ़ारूक़ी : ओवैसी की एआईएमआईएम कोई सियासी पार्टी नहीं, ख़ानदानी जायदाद है
-
करुणानिधि के पीछे खड़े युवा विजय की पुरानी फोटो: ‘कलैग्नार ने सपने में भी नहीं सोचा होगा’
-
संसद द्वारा कानून बनाने तक ही सीईसी-ईसी नियुक्तियों में सीजेआई की भूमिका तय थी: सुप्रीम कोर्ट
-
डेटा से पता चलता है कि ‘एसआईआर’ ने बंगाल जीतने में भाजपा की मदद की
-
टीवीके को कांग्रेस के समर्थन से भाजपा असहज, एआईडीएमके पर विभाजन का खतरा
-
कॉरपोरेट जिहाद" का नैरेटिव: नासिक टीसीएस मामले की सच्चाई और और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल
-
यूपी की ‘एक जिला, एक व्यंजन’ सूची में 208 व्यंजनों की पहचान, एक भी मांसाहार नहीं; ‘गलौटी कबाब’ और ‘मुरादाबादी बिरयानी’ नदारद
-
राज्यों में भाजपा के विस्तार के साथ, देशभर में मुस्लिम विधायकों की संख्या में भारी गिरावट
-
बंगाल में भाजपा की जीत के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने बंगाली भाषी मुसलमानों के ‘पुश-इन’ के खिलाफ चेताया
-
क्या खतरे में है भारत की चुनावी निष्पक्षता?
-
कोलकाता में बुलडोजर कार्रवाई से तनाव बढ़ा; उपद्रवियों के हाथ में भाजपा का झंडा और ‘जय श्री राम’ के नारे
-
बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा में 3 की मौत; भीड़ ने कोलकाता में टीएमसी के दफ़्तर को बुलडोज़र से गिराया
-
तमिलनाडु: कांग्रेस ने ‘सांप्रदायिक ताकतों को गठबंधन से बाहर रखने’ की शर्त पर टीवीके को समर्थन दिया
-
पंजाब को लेकर भी भाजपा के अरमान जागे
-
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर सौ के और नजदीक, 95.25 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद
-
टीसीएस नासिक: 9 में से निदा खान का नाम सिर्फ एक एफआईआर में, लेकिन टीवी चैनलों ने ‘मास्टरमाइंड’ बताया
-
श्रीलंका के मीडिया में छा गई तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय की बड़ी जीत
-
‘मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता; हमें साजिश के तहत हराया गया’: ममता बनर्जी
-
पिनाराई के 'किले' का ढहना: केरल में वामपंथी शासन के अंत की कहानी
-
ज्ञानेश कुमार: बंगाल चुनाव गाथा का ‘अमिट दाग’ वाला चेहरा
-
एसआइआर से सीआरपीएफ तक: वे पाँच कारक जिन्होंने बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित की
-
जिस मगरमच्छ के लिए ममता ने नहर खोदी थी, उसी ने अंततः उन्हें निगल लिया; बंगाल जनादेश के निहितार्थ
-
राहुल गांधी ने टीएमसी की हार पर ‘खुशी मनाने’ वाले कांग्रेस नेताओं को फटकारा: ‘तुच्छ राजनीति को किनारे रखें’
-
राहुल गांधी ने टीएमसी की हार पर ‘खुशी मनाने’ वाले कांग्रेस नेताओं को फटकारा: ‘तुच्छ राजनीति को किनारे रखें’
-
तमिलनाडु चुनाव की गिनती के बीच मोदी और विजय की फोटो फिर आई सामने, सोशल मीडिया पर चर्चा
-
तमिलनाडु का 'नया सूर्य': जोसेफ विजय के 'थलपति' से 'जननायक' बनने की कहानी
-
बंगाल में भाजपा का ‘पोरिबोर्तन’, तमिलनाडु में विजय का धमाकेदार आगाज़, कांग्रेस की केरल में वापसी
-
वाराणसी इफ्तार विवाद: गंगा में बीयर पीने वाले जमानत पर बाहर, लेकिन 14 मुस्लिम युवक 45 दिनों से जेल में
-
आकार पटेल | ध्रुवीकरण की राजनीति
-
बंगाल चुनाव: ‘अमित शाह का दांव’ और ममता की हार के संकेत
-
ईरान का साथ छोड़ने के लिए भारत ने जो कीमत चुकाई
-
एनआरआई ग्लोबल हेल्थ अलर्ट: क्या भारत में आपका परिवार "सफेद जहर" का सेवन कर रहा है?
-
सावरकर ने 5 बार ब्रिटिश सरकार से मांगी माफ़ी, गाय को भगवान नहीं मानते थे: सावरकर के प्रपौत्र का कोर्ट में बयान
-
मुंबई प्रेस क्लब से तीन सदस्यों का निलंबन; सोशल मीडिया पर आलोचना, “यह एक ‘पार्टी क्लब’ बनता जा रहा”
-
ग्रेट निकोबार परियोजना: विकास की दौड़ में पीछे छूटते जनजातीय अधिकार
-
एससीएओआरए बनाम एसआईआर: कहानी एक ही, फैसले अलग-अलग; सुप्रीम कोर्ट से बंगाल को ऐसा विशेष उपचार नहीं मिला
-
लिपुलेख के जरिए मानसरोवर यात्रा पर नेपाल ने जताई आपत्ति; कहा- लिपुलेख हमारा क्षेत्र; भारत बोला- दावा अनुचित
-
बिहार में एक और पुल गिरा; भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का हिस्सा गिरने से यातायात रुका, बड़ा हादसा टला
-
मणिपुर हिंसा: तीन साल बाद, न्याय और शांति सिर्फ ‘शब्द’
-
चौराहे पर इंडिया गठबंधन: क्या जनता पार्टी जैसा प्रयोग संभव है?
-
यूपी में मुस्लिम धर्मगुरु को मारपीट के बाद ट्रेन से बाहर फेंका गया; पोस्टमार्टम में सभी पसलियों में फ्रैक्चर की पुष्टि
-
बंगाल की 96 सीटों पर नज़र: इनमें से 48 में मतदान गिरा और एसआईआर के तहत 28% नाम हटाए गए
-
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन और उसके चार शावकों की मौत, कुत्तों से फैलने वाले वायरस पर संदेह
-
बंगाल में सत्ता की जंग या सक्सेशन बैटल? अमित शाह क्यों केंद्र में
-
मुंबई में परिवार की मृत्यु का मामला: तरबूज में मिलावट नहीं मिली, लेकिन मौत का कारण अब भी स्पष्ट नहीं
-
अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में अंधराष्ट्रवाद का प्रवेश; विशेषज्ञों ने एनसीईआरटी की सैन्यवादी सामग्री पर उठाए सवाल
-
हॉर्मुज़ के ठप होने से वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भारत-चीन की तेल पर टक्कर, बढ़ सकती हैं कीमतें!
-
बंगाल: केंद्र के कर्मचारी ही कराएंगे वोटों की गिनती, सुप्रीम कोर्ट ने भी नहीं मानी टीएमसी की मांग
-
‘छिपे हुए शुक्राणुओं’ की खोज: नई तकनीक ने उन पुरुषों को दी उम्मीद जिन्हें ‘बांझ’ घोषित कर दिया गया था
-
ममता का छेड़छाड़ का आरोप: मतदान और गिनती के बीच, स्ट्रॉन्ग रूम में कैसे रखी जाती हैं ईवीएम
-
हेट स्पीच: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
-
स्टारशिप में स्पेसएक्स का 15 अरब डॉलर से अधिक का निवेश; एयरलाइन जैसे रॉकेट बनाने की दिशा में कदम
-
बंगाल चुनाव में वोटर लिस्ट विवाद और मुसलमानों की भागीदारी पर उठते सवाल
-
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हिमंता की टिप्पणियों पर भारत के दूत को किया तलब, नाराजगी जताई
-
तेल कंपनियों ने 9 माह में ₹1.37 लाख करोड़ का मुनाफा कमाया, लेकिन लोगों को धेला लाभ नहीं मिला
-
भोजन की थाली अब और महंगी, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में करीब ₹1,000 की भारी बढ़ोतरी
-
नागरिकता की रेखाओं को फिर से खींच रहा है बंगाल का ‘एसआईआर’
-
जबलपुर बोट हादसा: आखिरी पल तक कलेजे से चिपका रहा मासूम, मां की बांहों में मिला शव; 9 की मौत
-
श्रवण गर्ग | मोदी के डर से मुक्त होने का क्या यही सबसे अच्छा अवसर नहीं है ?
-
ईडी ने कोई आपत्ति नहीं की, दिल्ली की अदालत ने आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को जमानत दी
-
बंगाल के चुनावी रण में केंद्रीय बलों की ज्यादती के आरोप और राजनीतिक तनाव
-
ममता का दावा, ‘तृणमूल 226 से ज्यादा सीटें जीतेगी’, टीवी चैनलों को एग्जिट पोल दोपहर 1.08 बजे भाजपा ऑफिस से भेजे गए थे
-
असम सीएम की पत्नी पर टिप्पणी मामला: पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
-
विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026: भारत छह स्थान फिसला, पाकिस्तान पांच पायदान ऊपर चढ़ा
-
छत्तीसगढ़ में पेसा कानून का ग़लत इस्तेमाल: आदिवासियों को सशक्त करने वाला कानून बना ईसाइयों के ख़िलाफ़ हथियार
-
पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान, लेकिन वजह बनी घटती मतदाता संख्या
-
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 95.34 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंचा
-
“लग रहा है कि घर में बेघर हो गए हम”: मतदान के लिए व्हीलचेयर तैयार रखी थी, लेकिन सूची से नाम ही हटा दियापूरा पढ़ें/ देखें
-
‘एनएचआरसी’ मुसलमानों पर हो रहे हमलों की अनदेखी कर रहा है और उन मामलों में दखल दे रहा है जो उससे संबंधित नहीं हैं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
-
ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकराया, कहा- परमाणु समझौता होने तक जारी रहेगी नौसैनिक नाकेबंदी
-
योगेंद्र यादव: पश्चिम बंगाल चुनाव में अल्पसंख्यकों को बाहर करने की साज़िश
-
‘हम बनाम वे’ की मानसिकता से पैदा होती है हेट स्पीच; कानूनों का खराब प्रवर्तन ‘हेट क्राइम्स’ की वजह: सुप्रीम कोर्ट का फैसला
-
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कार्ति चिदंबरम के मामले की सुनवाई से खुद को किया अलग, शराब कंपनी से कथित रिश्वत का आरोप
-
दाभोलकर हत्याकांड: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी शरद कलस्कर को दी जमानत, रोक लगाने की याचिका खारिज
-
हरकारा डीप डाइव | पत्रकार सुमित झा| क्या गरीबी का संबंध जाति से है? तेलंगाना सर्वे ने दिया जवाब!
-
भारत में हर 8 मिनट में एक परिवार हार्ट फेलियर के इलाज के लिए बेच रहा है अपनी संपत्ति
-
‘मेड इन इंडिया’ संकट: बंगाल चुनाव में ‘एसआईआर’ ने महानगरों में बढ़ाई घरेलू सहायकों की किल्लत
-
भारत की ‘गोल्डीलॉक्स’ अर्थव्यवस्था का मिथक; जीडीपी के मामले में भारत से आगे निकले जापान और ब्रिटेन
-
“वोट देने के लिए भरोसा नहीं, लेकिन चुनाव कराने के लिए उन पर पूरा भरोसा है” : बंगाल के चुनाव अधिकारी जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए
-
औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर मार्च में 5 महीने के निचले स्तर 4.1% पर पहुँची; पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद पहला महीना
-
ईरान संघर्ष: नए शीत युद्ध की आहट, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी
-
डिजिटल अरेस्ट घोटाला: व्हाट्सएप ने 9,400 खाते बंद किए, सुप्रीम कोर्ट को बताया — पूरे नेटवर्क को किया ध्वस्त
-
वैश्विक तेल उत्पादक समूह को बड़ा झटका: यूएई ने ओपेक और ओपेक+ छोड़ा
-
‘जिसका खाता है, उसे लेकर आओ’: ओडिशा में बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स
-
अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव: ट्रंप की टिप्पणी, भारत की चुप्पी और उठते बड़े सवाल
-
“धार्मिक पहचान के कारण बनाया निशाना”, एमपी में हिरासत में लिए गए 155 मुस्लिम छात्रों के अभिभावकों का आरोप
-
बंगाल चुनाव में आलू का भी दर्द; भाजपा को क्यों दिख रही है उम्मीद
-
ट्रंप के इतने करीब कैसे पहुँचा बंदूकधारी?
-
किसका पलड़ा भारी है दो माह से जारी जंग के बाद..
-
डीप डाइव विद श्रवण गर्ग | ममता की हार का मतलब देश के लिए क्या होगा?
-
बिरयानी के बाद तरबूज खाया और फिर 4 मौतें: मुंबई में एक त्रासदी जो 12 घंटों के भीतर घटित हुई
-
आकार पटेल: भाजपा मुस्लिमों का पूर्ण बहिष्कार चाहती है
-
बंगाल: मछली और झींगा भी मुद्दा; डेल्टा क्षेत्र के बड़े दांव वाले चुनाव में जीविका और वफादारी का असर
-
“लॉरेंस ही कर्म है”: मोदी के भारत का गैंगस्टर जो आइकन बन गया
-
‘मर्ज़ लाइलाज है, पूरा भारतीय समाज राघव चड्ढा है’
-
राघव चड्ढा और बड़ी समस्या: नेता-केंद्रित दलों की संरचनात्मक कमजोरी
-
ओडिशा में खनन विरोध पर सख्ती: दलित-आदिवासी प्रदर्शनकारियों को ज़मानत के बदले पुलिस थाने साफ करने की शर्त
-
द ग्रेट भाजपा वाशिंग मशीन
-
पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान: 92% वोटिंग के पीछे क्या है असली कहानी?
-
आप में फूट: राघव चड्ढा ने बगावत की, 6 सांसदों के साथ भाजपा में शामिल, मित्तल को 10 दिन पहले ईडी ने घेरा था
-
‘इन तर्कों को ट्रिब्यूनल के समक्ष रखें’: सुप्रीम कोर्ट का उन लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार, जिनके नाम बंगाल ‘एसआईआर’ के बाद हटाए
-
भाजपा की योजनाओं पर हिटलर की छाप: बेबी ने ‘एसआईआर’ को हिंदुत्व की बड़ी योजना का हिस्सा बताया
-
एनसीएल के खदान विस्तार में शहरी-ग्रामीण इलाक़े प्रभावित, कम मुआवज़े पर लोगों की ज़मीन ली जा रही
-
एक अलग आवाज़: बंगाल बोल रहा है, भारत को सुनना चाहिए
-
होर्मुज़ में बारूदी सुरंगें बिछाने वालों को देखते ही गोली मारने का ट्रम्प का आदेश
-
शमशेरगंज एक सैंपल: मतदान से पहले ही ‘एसआईआर’ ने बदला चुनावी समीकरण, भाजपा को वोटिंग से पूर्व लाभ
-
‘तृणमूल के गुंडों’ पर सीआरपीएफ की कार्रवाई? बांग्लादेश का पुराना वीडियो गलत दावे के साथ वायरल
-
बंगाल चुनाव: भाजपा ने राहुल गांधी के वीडियो क्लिप का इस्तेमाल कर उन्हें धन्यवाद दिया!
-
परिसीमन की राजनीति:उत्तर-दक्षिण असंतुलन और कंपनसेशन पॉलिटिक्स
-
लाखों मतदाताओं का छूटना हमारे लोकतंत्र पर कलंक है’: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत
-
ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार का ‘कंट्रोल मोड’: नए नियम लागू, पैसे वाले गेम्स पर सख्ती
-
क्या गरीबी सच में ‘जातिहीन’ है? तेलंगाना सर्वे ने ‘समान हालात’ की सदियों पुरानी दलील तोड़ी
-
ममता का गढ़ बनाम भाजपा का बड़ा दांव: क्या ‘एसआईआर’ पलटेगा संतुलन?
-
और तो और ये साहब भी यथावत हैं, बल्कि जज साहब का तबादला हो गया!
-
भारतीय मेडिकल छात्र ने एआई से बनाई ‘मागा गर्ल’, अमेरिकी मर्दों को ठगकर कमाए हज़ारों डॉलर
-
जब मतदाता ही गुम हो जाए: बंगाल चुनाव में लोकतंत्र का अनकहा संकट
-
2006 मालेगांव ब्लास्ट केस: बॉम्बे हाई कोर्ट ने चार आरोपियों के ख़िलाफ़ आरोप रद्द किए
-
लोकतंत्र की अप्रत्याशित घर वापसी
-
मोदी के भाषण और आचार संहिता पर विवाद, 700 नागरिकों की चिट्ठी से बढ़ी बहस, “टॉकिंग न्यूज़” में विस्तृत चर्चा
-
“अब नहीं आऊंगा दोस्त…”: सूरत से पलायन की पीड़ा के बीच नोएडा से तमिलनाडु तक मज़दूर असंतोष
-
अरुण कुमार: ऐन चुनाव के वक़्त बंगाल में आरएसएस का हरकत में आना
-
मोदी बनाम ममता: पूरा दिल्ली दरबार उतर आया है एक राज्य के चुनाव को जीतने?
-
आकार पटेल: ईरान को छोड़कर किसी भी अन्य देश की तुलना में भारतीयों ने सबसे अधिक कष्ट झेला है और झेल रहे हैं
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अपने मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने में देरी पर कड़ी आपत्ति जताई. यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में शाह की आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है, जिन्होंने पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मीडिया को जानकारी दी थी.
परिवारवाद की राजनीति की कड़ी आलोचना करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उनके पुत्र निशांत कुमार सम्राट चौधरी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में शामिल हो गए. इसके साथ ही बिहार की राजनीति में वंशवाद की वह लंबी परंपरा जारी रही, जिसका उनके पिता ने हमेशा कड़ा विरोध किया था.
ब्राजील की संघीय पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए अपनी जांच तेज कर दी है. इस मामले में 1 मई को साओ पाउलो के ग्वारूलहोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लेकर उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए. यह कार्रवाई ब्राजील की दुर्लभ प्रजातियों, विशेष रूप से 'गोल्डन लायन टैमरिन' की तस्करी की जांच का हिस्सा है.
संपादक, पत्रकार प्रेम पणिकर ने सबस्टैक पर अपने पेज “स्मोक सिग्नल्स” पर तमिलनाडु के चुनाव नतीजों पर अंग्रेजी में लंबा लेख लिखा है. हम यहां हिंदी में लेख के संपादित अंश प्रस्तुत कर रहे हैं: अगस्त 2025 में, जब मैंने अभिनेता विजय के राजनीतिक उभार पर एक लेख लिखा था, तब बहुत से लोगों को लगा था कि यह केवल फिल्मी चकाचौंध से प्रेरित एक अस्थायी लहर है.
ममता बनर्जी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह कहे जाने के दो दिन बाद कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने 7 मई से राज्य विधानसभा को भंग कर दिया है. मौजूदा विधानसभा का गठन मई 2021 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी.
तमिलनाडु में चूंकि किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं हुआ है, लिहाजा वहाँ अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो रही है. इससे ज्यादा आश्चर्यजनक क्या होगा कि विजय को सत्ता में आने से रोकने के लिए परस्पर धुर विरोधी डीएमके और एआईएडीएमके सरकार के गठन पर विचार कर रहे हैं. इसकी प्रमुख वजह यह धारणा है कि विजय यदि एक बार सरकार में आ गए तो फिर दोनों राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए 10-15 वर्षों की फुर्सत हो जाएगी.
लोक भवन ने गुरुवार (7 मई, 2026) को बताया कि तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सी. जोसेफ विजय को स्पष्ट कर दिया है कि राज्य विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का समर्थन स्थापित नहीं हो पाया है.
तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को विधानसभा में बहुमत का समर्थन साबित करना चाहिए, यह आग्रह एक समय की कसौटी पर परखे गए कानूनी सिद्धांत पर आधारित है. यह सिद्धांत कहता है कि राज्यपाल की पहली प्राथमिकता एक स्थिर सरकार का गठन करना है, ताकि राज्य संवैधानिक तंत्र के पूरी तरह विफल होने की स्थिति में न फिसल जाए, जिससे राष्ट्रपति शासन लागू होने की नौबत आए.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
वीडियो
हरकारा डीप डाइव के एक ऑडियो संस्करण में वरिष्ठ विश्लेषक श्रवण गर्ग के साथ भारत-अमेरिका संबंधों पर विस्तृत बातचीत की गई. इस चर्चा में मुख्य रूप से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी और भारत सरकार की प्रतिक्रिया या कहें, चुप्पी, पर सवाल उठाए गए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माइकल सैवेज की एक टिप्पणी साझा की, जिसमें भारत को “नर्क” कहा गया और भारतीयों को “गैंगस्टर्स विद लैपटॉप्स” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया.
पश्चिम बंगाल का 2026 का विधानसभा चुनाव अब सिर्फ एक राज्य की सत्ता का संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे देश की राजनीति और लोकतंत्र की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक ‘कुरुक्षेत्र’ बन चुका है. ‘हरकारा डीप डाइव’ पर ऑडियो पॉडकास्ट में, वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने इस चुनाव के उन अनछुए पहलुओं पर रोशनी डाली, जो इसे आज़ाद भारत के सबसे जटिल और अभूतपूर्व चुनावों में से एक बनाते हैं. वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग इस चुनाव की तुलना ‘प्लासी के युद्ध’ से करते हैं. उनका मानना है कि बंगाल में जिस तरह से ‘मीर जाफरों’ और ‘जगत सेठों’ की तलाश की गई है, वह अभूतपूर्व है. ममता बनर्जी के खिलाफ इस बार भयंकर सत्ता विरोधी लहर है. 2021 के मुकाबले इस बार भाजपा ने हिंदू वोटों की नाराज़गी को और गहरा किया है, वहीं 30% वाले मुस्लिम वोट बैंक में भी दरार डालने की कोशिश की है.
हम हरकारा.
हरकारा एक देशज शब्द है संदेशवाहक के लिए.हमारी यह एक छोटी सी कोशिश है कि वे ज़रूरी ख़बरें आप तक पहुँचाई जाएँ, जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती हैं, छिपा दी जाती हैं, या फिर इस तरह तोड़-मरोड़ कर पेश की जाती हैं कि वे भ्रम पैदा करें.
हरकारा की छोटी सी टीम हर चौबीस घंटे में आपके लिए ऐसी ख़बरों को संजोकर एक सूची के रूप में प्रस्तुत करती है, उनके मर्म के साथ, ताकि आप मीडिया के शोर-शराबे में दब रही सच्ची ख़बरों तक पहुँच सकें.
हम अनुभवी पत्रकारों की एक छोटी टीम हैं, लेकिन एक बड़े समुदाय का हिस्सा भी, जिसमें आप भी शामिल हैं.
हमारा उद्देश्य उन मुद्दों पर संवाद और विमर्श शुरू करना है, जो अक्सर छूट जाते हैं या जानबूझकर हाशिए पर डाल दिए जाते हैं.
हरकारा तथ्यपरक पत्रकारिता, लोकतंत्र और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थक है. हम खबरों और उनके पाठकों/श्रोताओं को फिर से केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ये गाना सुनिये. शायद आपको भी उतना ही पसंद आए, जितना टीम हरकारा को है.


हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में हमने पत्रकार सुमित झा से गहन बातचीत की, जिन्होंने तेलंगाना के जातिगत सर्वे से उजागर हुई असमानताओं पर साउथ फर्स्ट में विस्तृत लेखों की श्रृंखला लिखी है. तेलंगाना का 2024 का जाति सर्वे, एक ऐसा सर्वे जो सिर्फ आंकड़े नहीं देता, बल्कि समाज की छुपी परतों को उधेड़ कर सामने रखता है. बातचीत में यह समझने की कोशिश की गई कि क्या सच में हम जाति से आगे बढ़ चुके हैं, या जाति आज भी हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी को चुपचाप नियंत्रित कर रही है.
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के स्तर पर अब भी पीछे हैं. इलाज के लिए क़र्ज़ लेना, असंगठित काम में फंसा रहना, और बुनियादी सुविधाओं की कमी, ये सब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि जीवन की कठोर सच्चाइयां हैं. वहीं दूसरी तरफ, सरकारी योजनाओं का बड़ा हिस्सा उन वर्गों तक पहुंच रहा है जो पहले से ही अपेक्षाकृत मज़बूत हैं.