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स्कैम पैटर्न सामने आने के बाद भारत ने गूगल फायरबेस अकाउंट्स हटाने का दिया आदेश
‘रॉयटर्स’ के अनुसार, भारत सरकार ने प्रमुख बैंकों के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले पैटर्न का पता चलने के बाद गूगल को अपने वेब डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म 'फायरबेस' पर बने सैकड़ों अकाउंट्स और डेटाबेस बंद करने का निर्देश दिया है.
ऑनलाइन स्कैम भारत में बड़ी चुनौती बन चुके हैं, जिसमें 2025 में भारतीयों को लगभग 2.4 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' (I4C) ने अगस्त में ही फायरबेस पर होस्ट की गई 57 से अधिक वेबसाइटों को मैलवेयर फैलाने और वित्तीय डेटा चुराने के आरोप में हटाने को कहा.
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राहुल गांधी के धरने के बाद, दिल्ली विरोध प्रदर्शन में पेलेट गन के इस्तेमाल पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर सात घंटे तक दिए गए धरने के बाद, पुलिस ने 20 मार्च को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन (छर्रे वाली बंदूक) के इस्तेमाल के मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है.
श्रीमानसी कौशिक की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी धरना स्थल पर तब बैठे, जब प्रदर्शन के दौरान पेलेट लगने से अपनी एक आंख की रोशनी गंवाने वाले 19 वर्षीय साहिल लोचब ने बताया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था.
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राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेश के पीएम के स्वागत अभ्यास का नोटिस वापस लिया, कूटनीतिक तनाव उजागर
राष्ट्रपति भवन द्वारा शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति, जिसमें बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के औपचारिक स्वागत के पूर्ण अभ्यास के लिए शनिवार के 'चेंज ऑफ गार्ड' समारोह को रद्द करने की घोषणा की गई थी, उसे वापस ले लिया गया. इससे इस हाई-प्रोफाइल यात्रा की स्थिति को लेकर भ्रम और गहरा गया है.
‘पीटीआई’ के अनुसार, नोटिस की वापसी ने 12-13 सितंबर को होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली और ढाका के बीच चल रहे कूटनीतिक तनाव को उजागर कर दिया है. बांग्लादेश द्वारा अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की हालिया मांग को लेकर दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं.
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बांग्लादेश के पीएम की भारत यात्रा पर अभी कोई फैसला नहीं: ढाका
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, उनके प्रेस सचिव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इससे पहले भारतीय मीडिया में खबरें आई थीं कि रहमान 23 से 25 अगस्त तक नई दिल्ली का दौरा करेंगे.
‘रॉयटर्स’ के अनुसार, फरवरी में पदभार संभालने के बाद से रहमान की नई दिल्ली की पहली यात्रा को लेकर दोनों दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश हफ्तों से बातचीत कर रहे हैं.
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विश्वगुरु! सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के बाद भारत अब एशिया का सबसे कम पसंदीदा शेयर बाजार
रुपये के एशिया में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा के रूप में उभरने के बाद अब भारत, इंडोनेशिया को पीछे छोड़कर एशिया का सबसे कम पसंदीदा शेयर बाजार बन गया है. यह इस साल दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल भारतीय बाजार के प्रति बढ़ती सावधानी का संकेत देता है, जैसा कि ‘ब्लूमबर्ग’ में चिरंजीवी चक्रवर्ती ने अपनी रिपोर्ट में बताया है.
बैंक ऑफ अमेरिका कॉर्प (बीओएफए) द्वारा फंड मैनेजरों के बीच किए गए एक सर्वे के अनुसार, भारतीय शेयरों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में स्पष्ट एक्सपोजर का न होना सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है, जबकि कमजोर वृद्धि दूसरा सबसे महत्वपूर्ण जोखिम बनकर उभरी है.
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भारत में हिंदू राष्ट्रवादी 'डीप स्टेट' का निर्माण: लोकतंत्र के खिलाफ स्वयंभू निगरानी तंत्र
भारत में हिंदुत्व की राजनीति केवल चुनावी सत्ता तक सीमित नहीं है. राजनीतिक वैज्ञानिक क्रिस्टोफ जाफ्रेलो के विश्लेषण के अनुसार, देश में हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों, स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं, पुलिस और न्यायिक संस्थानों के बीच बढ़ते संबंधों ने एक ऐसे 'डीप स्टेट' की स्थिति पैदा की है, जिसमें औपचारिक राज्य व्यवस्था के साथ गैर-राज्य संगठन भी शासन और सामाजिक नियंत्रण में भूमिका निभाने लगते हैं. इस व्यवस्था को समझने के लिए जाफ्रेलो खास तौर पर आरएसएस, बजरंग दल और गो-रक्षा तथा 'लव जिहाद' विरोधी अभियानों का अध्ययन करते हैं.
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निजी जगह पर जातिसूचक गाली देना एससी/एसटी अधिनियम के तहत अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
‘लाइव लॉ’ के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि निजी स्थान पर जातिसूचक गाली या अपमानजनक टिप्पणी करना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध नहीं माना जा सकता, यदि वह घटना ऐसी जगह नहीं हुई हो जो आम लोगों की नजर में हो.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत चल रही कार्यवाही को समाप्त करने से इनकार किया गया था.
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पब्लिक का पैसा है, मगर चुनाव आयोग का ज्ञानेश कुमार की आधिकारिक यात्राओं पर हुए खर्च का विवरण देने से इनकार
चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई आधिकारिक यात्राओं और सार्वजनिक धन से उन पर हुए खर्च का विवरण सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत देने से इनकार कर दिया है, और कारण यह बताया है कि "व्यक्तिगत जानकारी" नहीं दी जा सकती.
‘पीटीआई’ के मुताबिक, पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने 18 जून को दायर एक आरटीआई आवेदन के माध्यम से ज्ञानेश कुमार द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभालने (19 फरवरी 2025) के बाद से उनकी सभी आधिकारिक यात्राओं का विवरण और सार्वजनिक धन से हुए खर्च की जानकारी मांगी थी.
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‘तुम्हें मारते हैं और शिकायत भी नहीं करने देते’: केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ लड़ाई पर गांधीवादी कार्यकर्ता अमित भटनागर
‘आर्टिकल 14’ में प्रकाशित रिजवान रहमान की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों के उन 21 गांवों की लड़ाई को सामने लाया गया है, जो केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कारण विस्थापन के खतरे का सामना कर रहे हैं. इस बातचीत में गांधीवादी कार्यकर्ता और आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अमित भटनागर ने गिरफ्तारियों, मकान गिराए जाने, पुलिस कार्रवाई और मुआवजे से आगे जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई पर विस्तार से बात की है.
केन-बेतवा परियोजना को भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है. वर्ष 2021 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर इस परियोजना के तहत सरकार के अनुसार केन नदी के अतिरिक्त पानी को 221 किलोमीटर लंबी नहर और दो सुरंगों के जरिए बेतवा नदी तक पहुंचाया जाना है.
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अरुण श्रीवास्तव | मोदी से दूरी बनाने लगा भारतीय मध्य वर्ग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक विमर्श में मध्य वर्ग और नव-मध्य वर्ग को भारत की आर्थिक विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताया जाता रहा है. लेकिन अरुण श्रीवास्तव का विश्लेषण है कि पिछले एक दशक में आर्थिक दबाव, रोजगार संकट, बढ़ती महंगाई, घरेलू कर्ज और असमानता ने इसी वर्ग के भीतर असंतोष को बढ़ाया है. 2014 में मोदी के साथ मजबूती से खड़ा दिखाई देने वाला शहरी और शिक्षित मध्य वर्ग अब अपनी आर्थिक आकांक्षाओं और वास्तविक परिस्थितियों के बीच बढ़ते अंतर को महसूस कर रहा है.
मोदी सरकार के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास मॉडल तीन प्रमुख प्रवृत्तियों से प्रभावित हुआ है—हिंदुत्व आधारित राजनीतिक विमर्श, सत्ता का बढ़ता केंद्रीकरण और उदारीकरण के साथ पूंजी तथा श्रम संबंधों में बदलाव.
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श्रवण गर्ग | सरकार कन्फ्यूजन में है कि राहुल गांधी से लड़ाई लड़े कि नहीं लड़े
राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने पहुंचकर पैलेट गन से घायल युवा प्रदर्शनकारी साहिल लोचब की एफआईआर दर्ज कराने की मांग के बाद राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है. ‘हरकारा डीप डाइव’ में निधीश त्यागी के साथ वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने इस पूरे घटनाक्रम को सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते संघर्ष के संदर्भ में समझाया.
श्रवण गर्ग के मुताबिक, राहुल गांधी लगातार सरकार को सीधे टकराव के लिए चुनौती दे रहे हैं, लेकिन सरकार हर बार संघर्ष की स्थिति बनाने के बाद पीछे हटती दिखाई दे रही है. संसद मार्ग थाने में पहले एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया गया, पुलिस ने "ऊपर से आदेश" की बात कही और राहुल गांधी के धरने पर बैठने के बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली गई.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'रॉयटर्स' रिपोर्ट: केंद्र सरकार ने Google को अपने फायरबेस प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी में इस्तेमाल हो रहे सैकड़ों फर्जी बैंकिंग ऐप और डेटाबेस बंद करने का दिया निर्देश.
'श्रीमानसी कौशिक' की रिपोर्ट: संसद मार्ग थाने के बाहर राहुल गांधी के 7 घंटे लंबे धरने के बाद पुलिस ने पेलेट गन से घायल युवा की एफआईआर दर्ज की, गृह मंत्रालय पर उठे सवाल.
'रॉयटर्स' रिपोर्ट: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा पर अनिश्चितता बरकरार, ढाका ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर नई दिल्ली के जवाब का इंतजार जताया.
'पीटीआई' रिपोर्ट: राष्ट्रपति भवन ने बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान के स्वागत के लिए 'चेंज ऑफ गार्ड' रद्द करने वाला नोटिस वापस लिया, द्विपक्षीय दौरों पर असमंजस बरकरार.
'लाइव लॉ' रिपोर्ट: बंद कमरे या निजी स्थान पर जातिसूचक गाली देना एससी/एसटी एक्ट के तहत अपराध नहीं, सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला.
'ब्लूमबर्ग' रिपोर्ट: कमजोर विकास दर और एआई एक्सपोजर की कमी से भारत एशिया का सबसे कम पसंदीदा शेयर बाजार बना, बैंक ऑफ अमेरिका का बड़ा सर्वे.
'क्रिस्टोफ जाफ्रेलो' का शोध विश्लेषण: हिंदुत्व राजनीति, आरएसएस-बजरंग दल के नेटवर्क और 'विजिलेंट स्टेट' के जरिए भारतीय लोकतंत्र पर पड़ते असर की विस्तृत पड़ताल.
'पीटीआई' रिपोर्ट: चुनाव आयोग ने CEC ज्ञानेश कुमार की आधिकारिक यात्राओं के खर्च की RTI जानकारी देने से इनकार किया, साकेत गोखले ने उठाए पारदर्शिता पर सवाल.
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कड़वी कॉफी के इस एपिसोड में पंकज कुमार के साथ प्रोफेसर अपूर्वानंद और पत्रकार-संपादक निधीश त्यागी ने युवाओं के हालिया जनउभार पर विस्तार से चर्चा की है. यह चर्चा सिर्फ नीट या प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र, सत्ता, मीडिया और नई पीढ़ी के बदलते राजनीतिक तेवरों तक जाती है. जंतर-मंतर पर युवाओं की नई भाषा, मीम और व्यंग्य से लेकर उनके पोस्टर्स, नारों और सरकार के प्रति बढ़ते आक्रोश तक, इस पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की गई है. चर्चा में 1974 के छात्र आंदोलन, अन्ना आंदोलन, किसान आंदोलन और शाहीन बाग जैसे आंदोलनों के अनुभवों के साथ मौजूदा जनउभार की तुलना भी की गई है. सवाल यह भी है कि क्या आज की युवा पीढ़ी के सामने शिक्षा और रोजगार के रास्ते लगातार संकरे होते जा रहे हैं? क्या प्रतियोगी परीक्षाओं की समस्या वास्तव में शिक्षा और अर्थव्यवस्था के बड़े संकट का हिस्सा है? पिछले 12 वर्षों में सत्ता के प्रति प्रेम से संदेह, भय और फिर आक्रोश तक का सफर कैसे हुआ? और क्या जंतर-मंतर ने अलग-अलग धर्म, वर्ग और पीढ़ियों को एक साझा मुद्दे पर फिर से जोड़ा है? चर्चा के एक अहम हिस्से में मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं. पारंपरिक मीडिया से बढ़ते अविश्वास और मोबाइल, सोशल मीडिया तथा छोटे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सामने आती वैकल्पिक आवाजों पर भी बात हुई है.
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या जांच ने पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की या जिम्मेदारी तय किए बिना मामला खत्म कर दिया गया? Harkara Deep Dive में वरिष्ठ पत्रकार और संपादक राहुल देव के साथ निधीश त्यागी ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, एसआईटी जांच, जवाबदेही और पारदर्शिता पर विस्तार से चर्चा की. राहुल देव सवाल उठाते हैं कि अगर जांच निष्पक्ष होती तो चेन ऑफ कमांड, चेन ऑफ रिपोर्टिंग, सीसीटीवी फुटेज, ट्रस्ट की नियुक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की पूरी पड़ताल क्यों नहीं हुई? क्या छोटे आरोपियों पर कार्रवाई के बाद बड़ी मछलियां बच गईं? बातचीत में यह भी चर्चा हुई कि राम मंदिर का मुद्दा 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कितना महत्वपूर्ण होगा और चढ़ावे की चोरी से श्रद्धालुओं की आस्था को पहुंची चोट का राजनीतिक असर क्या हो सकता है. निधीश त्यागी के साथ राहुल देव की खास बातचीत.
हम हरकारा.
हरकारा एक देशज शब्द है संदेशवाहक के लिए.हमारी यह एक छोटी सी कोशिश है कि वे ज़रूरी ख़बरें आप तक पहुँचाई जाएँ, जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती हैं, छिपा दी जाती हैं, या फिर इस तरह तोड़-मरोड़ कर पेश की जाती हैं कि वे भ्रम पैदा करें.
हरकारा की छोटी सी टीम हर चौबीस घंटे में आपके लिए ऐसी ख़बरों को संजोकर एक सूची के रूप में प्रस्तुत करती है, उनके मर्म के साथ, ताकि आप मीडिया के शोर-शराबे में दब रही सच्ची ख़बरों तक पहुँच सकें.
हम अनुभवी पत्रकारों की एक छोटी टीम हैं, लेकिन एक बड़े समुदाय का हिस्सा भी, जिसमें आप भी शामिल हैं.
हमारा उद्देश्य उन मुद्दों पर संवाद और विमर्श शुरू करना है, जो अक्सर छूट जाते हैं या जानबूझकर हाशिए पर डाल दिए जाते हैं.
हरकारा तथ्यपरक पत्रकारिता, लोकतंत्र और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थक है. हम खबरों और उनके पाठकों/श्रोताओं को फिर से केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ये गाना सुनिये. शायद आपको भी उतना ही पसंद आए, जितना टीम हरकारा को है.


दिल्ली में राहुल गांधी के धरने से सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद मार्ग स्थित डीसीपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए. मामला 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन से घायल हुए युवक साहिल लोहबच से जुड़ा है. राहुल गांधी की मांग है कि मामले में एफआईआर दर्ज की जाए. उनके साथ पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोहबच, कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा और अन्य नेता भी मौजूद रहे. राहुल गांधी का आरोप है कि अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि शिकायत ले ली गई है, लेकिन राहुल गांधी इस मामले में शिकायतकर्ता नहीं हैं. तो क्या यह सिर्फ एफआईआर का मामला है या सरकार और विपक्ष के बीच एक बड़े राजनीतिक टकराव की शुरुआत? राहुल गांधी के धरने से क्या सरकार पर दबाव बढ़ेगा? और पैलेट गन मामले की राजनीतिक लड़ाई अब किस दिशा में जाएगी? वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग एवं निधीश त्यागी के साथ देखिए हरकारा डीप डाइव लाइव, जहां होगी इस पूरे घटनाक्रम और इसके राजनीतिक मायनों पर विस्तृत चर्चा. #HarkaraDeepDive #RahulGandhi #RahulGandhiDharna #DelhiPolice #Congress #IndianPolitics