भोजशाला मामला एक और कारण से महत्वपूर्ण है – यह न्यायाधीशों के परिजनों पर ध्यान केंद्रित करता है
रिष्ठ विधिक पत्रकार वी. वेंकटेशन ने 'द वायर' में भारतीय न्यायपालिका के भीतर पनप रहे 'हितों के टकराव' और कार्यपालिका के साथ बढ़ते अंतर्संबंधों का एक बेहद गंभीर और सैद्धांतिक विश्लेषण किया है. लेख में कमाल मौला मस्जिद-भोजशाला विवाद, पूर्व सीजेआई यू.यू. ललित के बेटे के पैनल नामांकन और जजों की संख्या बढ़ाने वाले नए अध्यादेश के माध्यम से दिखाया गया है कि कैसे कॉलेजियम ने 'सामने के दरवाजे' पर तो पहरा बिठाया, लेकिन कार्यपालिका के लिए 'बगल का दरवाजा' खुला छोड़ दिया। पढ़ें पूरा विश्लेषण.
मध्य प्रदेश के अडानी कोयला प्रोजेक्ट मंजूरी में हस्तक्षेप से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, 6 लाख पेड़ काटे जाएंगे!
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के सिंगरौली में अडानी समूह की 2,800 करोड़ रुपये की 'धिरौली कोयला खदान परियोजना' के लिए दी गई अंतिम वन मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा 'तकनीकी देरी' के आधार पर खारिज किए गए इस मामले में शीर्ष अदालत ने भी याचिकाकर्ता अजय दुबे से देरी पर सवाल किए। 6 लाख पेड़ों और एलीफेंट कॉरिडोर को प्रभावित करने वाली इस परियोजना और हालिया न्यायिक रुख पर पढ़ें विशेष विश्लेषण.
पूर्व नौकरशाहों और पर्यावरणविदों ने सीजेआई की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई, पक्षपात का लगाया आरोप
गुजरात की पीपावाव बंदरगाह विस्तार परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणियों पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 71 पूर्व नौकरशाहों के संगठन 'कॉन्स्टिट्यूशनल कंडक्ट ग्रुप' और ग्रीन नोबेल विजेता प्रफुल्ल सामंतरा सहित प्रमुख पर्यावरणविदों ने पत्र जारी कर सीजेआई की टिप्पणियों को 'पूर्वाग्रह से ग्रसित' बताया है। जानिए क्या था पूरा मामला और इसके न्यायिक निहितार्थ
आसिम अली | परिवर्तन की घड़ी
"राजनीतिक शोधकर्ता आसिम अली ने 'द टेलीग्राफ' में पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट का एक विस्तृत एक्स-रे किया है. लेख में समाजशास्त्रीय सिद्धांतों (बोर्दियू, ग्राम्शी और लाक्लाउ) के माध्यम से विश्लेषण किया गया है कि कैसे भाजपा ने बंगाल की अनौपचारिक अर्थव्यवस्था, 'भद्रलोक' की सांस्कृतिक असुरक्षा और टीएमसी की नीतिगत विफलताओं को भुनाकर एक 'रूढ़िवादी क्रांति' को जन्म दिया है, जहां ढांचा बदले बिना पूरा नैरेटिव बदल रहा है। पढ़ें पूरा लेख.
‘हमारी आवाज़ों को दबाकर, भाजपा सरकार अपनी तानाशाही को ही उजागर कर रही है, कॉकरोच कभी नहीं मरते’
डिजिटल आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जुबानी जंग तीखी हो गई है। संस्थापक अभिजीत दिपके ने बीबीसी वर्ल्ड पर लाइव रहने के दौरान अकाउंट ब्लॉक किए जाने और जान से मारने की धमकियां मिलने का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर ने इसे भारत को अस्थिर करने वाला 'फॉरेन-फंडेड एआई-बॉट्स अभियान' बताया है। इस बीच, मथुरा में यमुना प्रदूषण के खिलाफ कॉकरोच की पोशाक पहनकर एक अनूठा जमीनी प्रदर्शन देखा गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
‘संदेश को समझें, संदेशवाहक को न मारें’: ‘कॉकरोच’ आंदोलन पर सोनम वांगचुक की केंद्र से अपील; नेपाल का जिक्र
पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने शनिवार को खुद को एक "मानद कॉकरोच" बताते हुए खुद को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) कहने वाले समूह द्वारा चलाए जा रहे ऑनलाइन "कॉकरोच" आंदोलन का समर्थन किया. इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह युवाओं की डिजिटल अभिव्यक्ति को दबाने के बजाय उनके द्वारा उठाई जा रही चिंताओं पर ध्यान दे.
कर्ज, भूख और बंधुआ मजदूरी का नरक: तेलंगाना की ईंट भट्टियों से 100 बच्चों समेत 400 मजदूर मुक्त
लंगाना के निजामाबाद जिले से 'साउथ फर्स्ट' ने बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के एक भयानक रैकेट का पर्दाफाश किया है. प्रधान जिला न्यायाधीश भरत लक्ष्मी की निगरानी में चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गोदावरी नदी के बैकवॉटर में चल रहे अवैध ईंट भट्ठों से 100 से अधिक बच्चों सहित 400 प्रवासियों को मुक्त कराया गया है. बिना पैसों के राशन कूपन पर चल रहे इस आधुनिक गुलामी के तंत्र और प्रशासन की चुप्पी पर पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
हर 90 मिनट में दहेज से एक महिला की मौत, 2024 में 5,737 मामले दर्ज: एनसीआरबी रिपोर्ट
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी 'क्राइम इन इंडिया 2024' की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2024 के दौरान 5,737 दहेज हत्याएं दर्ज की गईं, जिसका अर्थ है कि देश में औसतन हर दिन 16 महिलाएं दहेज की बलि चढ़ रही हैं. उत्तर प्रदेश 2,038 मामलों के साथ राज्यों में और दिल्ली महानगरों में शीर्ष पर हैं. भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 और कानूनी पेंडेंसी पर आधारित ‘मकतूब मीडिया’ का एक विस्तृत विश्लेषण.
श्रवण गर्ग | क्या सीजेआई द्वारा की गई एक टिप्पणी, 140 करोड़ के देश में किसी बड़े आंदोलन का ट्रिगर बन सकती है?
वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग और निधीश त्यागी के डिजिटल शो 'हरकारा डीप डाइव' का विस्तृत विश्लेषण. इस इंटरव्यू में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे भू-राजनीतिक और वैचारिक खेल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. जानिए कैसे 1974 के जेपी आंदोलन और 2011 के अन्ना आंदोलन की तर्ज पर इस नए डिजिटल प्रयोग को स्थापित राजनीतिक व्यवस्था और विपक्ष दोनों को कमजोर करने वाली एक 'साजिश' के रूप में देखा जा रहा है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक, वेबसाइट भी बंद
डिजिटल मीम आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर उनकी वेबसाइट को ब्लॉक कराने और सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक/डिलीट करवाने का आरोप लगाया है. 'स्क्रोल' के मुताबिक, यह कार्रवाई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर 6 लाख हस्ताक्षर होने के बाद हुई है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
मोदी मॉडल : कैसे नीतिगत विफलताओं को “राष्ट्रीय त्याग” में बदला गया
गलुरु स्थित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक विशाल आर चोरडिया ने 'स्क्रोल' पर मोदी सरकार की राजनीतिक कार्यशैली का एक विस्तृत एक्सरे किया है. लेख में विश्लेषण किया गया है कि कैसे नोटबंदी, जटिल जीएसटी, कोविड का अचानक लॉकडाउन और विनिर्माण क्षेत्र की मंदी जैसी संरचनात्मक विफलताओं को 'राष्ट्रहित में आवश्यक त्याग' की भाषा देकर जनता के बीच एक नैतिक विजय के रूप में स्थापित कर दिया गया. पढ़ें पूरा विश्लेषण.
बांग्लादेश का दुर्लभ सफेद भैंसा ‘डोनाल्ड ट्रंप’; ईद-उल-अजहा पर देखने उमड़ रही भीड़
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के पास नारायणगंज में एक अनोखा एल्बिनो (सफेद) भैंसा सोशल मीडिया और मवेशी बाजारों में कौतूहल का विषय बन गया है. लगभग 700 किलोग्राम वजनी इस भैंसे के माथे पर सुनहरे बालों का एक गुच्छा है, जो हूबहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेडमार्क हेयरस्टाइल जैसा दिखता है. ईद-उल-अजहा (बकरीद) की कुर्बानी के लिए बिक चुके इस शांत स्वभाव के 'सेलिब्रिटी' भैंसे को देखने के लिए दूर-दराज से लोग आ रहे हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
मई के मध्य तक, बंगाल एसआईआर अधिकरणों ने सिर्फ 6,000 अपीलों का निपटारा किया; इनमें 65% नाम सूची में वापस लौटे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच एक अभूतपूर्व लोकतांत्रिक संकट खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में से 12 न्यायाधिकरण मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान काटे गए 24.98 लाख नामों के खिलाफ आई अपीलों में से मात्र 0.26% का निपटारा कर सके हैं. इसके कारण राज्य के 27.16 लाख नागरिक अपने मताधिकार से वंचित रह गए हैं. जानिए मालदा, मुर्शिदाबाद और कोलकाता की जमीनी हकीकत.
ईरान युद्ध से रेमिटेंस और व्यापार प्रभावित; भारत के रोजगार इंजन पर बढ़ा दबाव
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी सैन्य संघर्ष ने भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को दोहरा झटका दिया है. एक तरफ जहां खाड़ी देशों (Gulf Countries) में काम करने वाले 90 लाख भारतीय प्रवासियों की नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कानपुर का चमड़ा उद्योग और केरल का गल्फ रेमिटेंस मॉडल बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
बेरोजगारी की शर्म... ‘जेन जी’ के पास ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ है
द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित विवेक सुरेंद्रन के लेख का विस्तृत विश्लेषण. जानिए कैसे भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी ने देश के करोड़ों बेरोजगार और अत्यधिक दबाव में जी रहे युवाओं को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले ला खड़ा किया. यह लेख मिलेनियल्स के बिखरते आदर्शवाद और जेन-जी की 'उम्मीद के बाद की थकावट' का एक बेहतरीन एक्सरे है
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक के माता-पिता की उड़ी नींद, बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंतित
महज एक हफ्ते के भीतर इंस्टाग्राम पर 1.9 करोड़ फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले डिजिटल आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है. समाचार एजेंसी 'PTI' को दिए इंटरव्यू में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता ने कहा कि वे देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखकर डरे हुए हैं और चाहते हैं कि उनका बेटा इस राजनीतिक व्यंग्य को छोड़कर सामान्य नौकरी करे. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ हैंडल में सरकार को दिखा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, इसलिए ब्लॉक करने को कहा
महज एक हफ्ते के भीतर इंस्टाग्राम पर 1.9 करोड़ (19 Million) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले डिजिटल आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है. समाचार एजेंसी 'PTI' को दिए इंटरव्यू में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता ने कहा कि वे देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखकर डरे हुए हैं और चाहते हैं कि उनका बेटा इस राजनीतिक व्यंग्य को छोड़कर सामान्य नौकरी करे. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
बांग्लादेश भेजे गए लोगों को वापस लाएगा केंद्र, नागरिकता की होगी जांच : सुप्रीम कोर्ट में सरकार
सर्वोच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण कानूनी और मानवीय घटनाक्रम के तहत केंद्र सरकार ने कथित तौर पर बांग्लादेश निर्वासित किए गए नागरिकों को वापस लाने पर सहमति दे दी है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ को आश्वस्त किया कि सुनाली खातून और अन्य प्रभावितों को 8 से 10 दिनों के भीतर भारत लाकर उनकी नागरिकता के दावों की कानूनी जांच की जाएगी. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.
गीतांजलि जे. आंगमो | लद्दाख प्रतिनिधित्व के ज़रिए अपनेपन की तलाश में
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख की संस्थापक और शिक्षाविद् गीतांजलि जे. आंगमो ने केंद्र सरकार के उस तर्क की कड़ी समीक्षा की है, जिसमें लद्दाख को विधानसभा देने के बजाय केवल प्रशासनिक जिलों के विस्तार की बात कही जा रही है. आंगमो का तर्क है कि पूर्वोत्तर के राज्यों की तरह लद्दाख को भी सामरिक और सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए छठी अनुसूची और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है, न कि केवल नौकरशाही नियंत्रण की. पढ़ें पूरा लेख.
बंगाल में ओबीसी आरक्षण को क्यों खत्म कर रही है भाजपा
पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने राज्य की ओबीसी (OBC) आरक्षण नीति में आमूल-चूल बदलाव करते हुए आरक्षण को 17% से घटाकर 7% करने की घोषणा की है. 'स्क्रोल' की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2024 के कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के तहत 2010 के बाद जोड़ी गई 76 जातियों (जिनमें अधिकांश मुस्लिम हैं) का दर्जा समाप्त कर दिया गया है और 48 लाख प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच शुरू की गई है. पढ़ें विस्तृत विश्लेषण.

