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भीड़ का हमला, अधिकारियों के झूठे वादे और फिर बहिष्कार: महाराष्ट्र के एक गाँव में 11 मुस्लिम परिवारों की दास्तान
महाराष्ट्र के सांगली जिले के अराला गाँव में एक मामूली विवाद (बर्तन के ढक्कन) ने भीषण सांप्रदायिक रूप ले लिया. इसके बाद न्याय न मिलने और पक्षपातपूर्ण पुलिस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया. हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि मुस्लिम दुकानदारों का व्यापार ठप हो गया है और वे गाँव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं. 11 पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें न्याय देने के बजाय उल्टे सजा भुगतने पर मजबूर किया जा रहा है.
दुकानदारों के मुताबिक, पिछले कई हफ़्तों से आरला गाँव में मुस्लिमों की कुछ दुकानें सूनी सड़कों के बीच खुल रही हैं. उनके पुराने और नियमित ग्राहकों ने आना बंद कर दिया है. एक दुकानदार का कहना है कि वह हमेशा के लिए अपनी दुकान का शटर गिराने और काम की तलाश में गाँव छोड़ने की तैयारी कर रहा है.
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‘एसआईटी काफी नहीं, राम मंदिर भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी’: आचारी मंदिर के प्रमुख
अयोध्या के प्राचीन दंत धावन कुंड आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी ने कहा है कि राम मंदिर से दान की चोरी से जुड़े 'भ्रष्टाचार' की तह तक जाने के लिए केवल विशेष जांच दल (एसआईटी) काफी नहीं है, बल्कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की आवश्यकता है.
पुजारी ने कहा, "आप जितना इसकी गहराई में जाएंगे, उतना समझेंगे कि कैसे भ्रष्टाचार ही है. अब रामलला विराजमान हैं, वह न्याय सुनिश्चित करेंगे."
उन्होंने आगे कहा, "एसआईटी ठीक है लेकिन अगर सीबीआई (इस मामले की जांच के लिए) आती है तो चीजें बहुत अधिक स्पष्ट हो जाएंगी. सीबीआई पैसों के लेन-देन की जांच कर सकती है और जहां भी जरूरत हो यात्रा कर सकती है, जबकि एसआईटी को शायद अनुमति लेनी पड़े. इसलिए सीबीआई को शामिल किया जाना चाहिए ताकि किसी अयोध्यावासी पर लगा कलंक मिट सके."
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अब बद्रीनाथ धाम का दान जांच के दायरे में, कार्यालय कर्मी निलंबित
बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं के आरोपों के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के कार्यालय के एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है.
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में ऐश्वर्या राज की रिपोर्ट के अनुसार, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. नौटियाल के खिलाफ अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद 3 जुलाई को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था. जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट और नौटियाल द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण में कथित तौर पर आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया. उल्लेखनीय है कि यह मामला अयोध्या मंदिर में दान के कथित गबन के आरोपों के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है.
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‘500 ग्राम वजनी चांदी की शिला दी थी, कभी रसीद नहीं मिली’: महंत बाल योगी रामदास ने ट्रस्ट पर साधा निशाना
अयोध्या स्थित करतालिया आश्रम के महंत (मुख्य पुजारी) बाल योगी रामदास ने 'द वायर' से बात करते हुए कहा, "मैंने कानपुर के एक भक्त से मिली 500 ग्राम वजनी चांदी की शिला, महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास को दी थी. हमें कभी इसकी रसीद नहीं मिली और न ही हमने कभी मांगी, हालांकि अखबारों ने इस खबर को छापा था. अब पूरे देश को 200 किलोग्राम चांदी के बारे में भी पता चल चुका है, इसलिए यह खेल काफी समय से चल रहा है."
बाल योगी रामदास, जिन्होंने अप्रैल 2024 में अयोध्या के करतालिया आश्रम के महंत के रूप में कार्यभार संभाला था, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं. उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान सार्वजनिक रूप से सपा का समर्थन किया था.
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कानून का उल्लंघन: अडानी के मुंबई एयरपोर्ट स्टोर्स पर बिक रहे थे निकोटीन पाउच
भारत सरकार की एक जांच में यह बात सामने आई है कि अरबपति गौतम अडानी के कारोबारी समूह द्वारा संचालित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के ड्यूटी-फ्री स्टोर कानून का उल्लंघन कर निकोटीन पाउच बेच रहे थे. जांच दस्तावेज के अनुसार, सरकार इन पाउच को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा मानती है. हालांकि, अडानी समूह ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है. वह न्यायाधीशों से यह घोषित करने की मांग कर रहा है कि दवाओं और सौंदर्य प्रसाधनों से जुड़ा कानून ड्यूटी-फ्री दुकानों और निकोटीन पाउच पर लागू नहीं होता है.
वकीलों का कहना है कि यह मामला एक मिसाल बन सकता है कि भारत ऐसे आउटलेट्स पर बिक्री को कैसे नियंत्रित करता है.अगर सरकार यह केस जीतती है, तो भारत के हवाई अड्डों पर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते निकोटीन उत्पादों में से एक की बिक्री पूरी तरह बंद हो सकती है, जैसा कि ‘रॉयटर्स’ में आदित्य कालरा की रिपोर्ट में बताया गया है.
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री-इवैल्यूएशन के बाद फरीदाबाद के दो सीबीएसई छात्रों के उन विषयों में भी घटे अंक, जिनकी समीक्षा नहीं कराई थी
हरियाणा के फरीदाबाद में सीबीएसई की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कक्षा 12 के दो छात्रों ने केवल कुछ विषयों में अंकों की दोबारा जांच के लिए आवेदन किया था, लेकिन संशोधित मार्कशीट में उन विषयों के भी अंक घटा दिए गए, जिनकी समीक्षा उन्होंने कराई ही नहीं थी. इस बदलाव के कारण दोनों छात्रों का परिणाम फिर से "रिपीट इन थ्योरी" हो गया और कॉलेज में दाखिले पर संकट खड़ा हो गया.
‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के मुताबिक, दोनों छात्र फरीदाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल के हैं. पहले छात्र ने केवल रसायन विज्ञान और गृह विज्ञान में री-इवैल्यूएशन कराया था. इसके बाद रसायन विज्ञान के अंक 42 से बढ़कर 52 और गृह विज्ञान के अंक 70 से बढ़कर 79 हो गए. लेकिन संशोधित मार्कशीट में गणित के अंक, जिसमें री-इवैल्यूएशन नहीं कराया गया था, 46 से घटाकर 40 कर दिए गए. इससे छात्र का परिणाम फिर RT हो गया.
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पश्चिम बंगाल में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या, आरोपी को भगाने के आरोप में भाजपा नेता गिरफ्तार
‘स्क्रोल’ के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने के आरोप में एक स्थानीय भाजपा पदाधिकारी को भी हिरासत में लिया गया है.
पुलिस के मुताबिक, बच्ची शनिवार को लापता हुई थी, जिसके बाद उसके पिता ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. रविवार को सुरज्यापुर इलाके के एक तालाब से बोरे में बंद उसका शव बरामद हुआ. शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य मिटाने और पॉक्सो कानून की संबंधित धाराएं जोड़ी हैं.
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45 दिनों में 70 'चोरी' के मामले: राम मंदिर चढ़ावा जांच में एसआईटी के चौंकाने वाले निष्कर्ष
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की नौ पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट में निगरानी व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और नकदी गिनती की प्रक्रिया में कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 45 दिनों की उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में कथित चोरी या गबन की 70 घटनाओं की पहचान की गई. एसआईटी का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे केवल व्यक्तिगत स्तर की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में मौजूद कई संस्थागत कमियां जिम्मेदार दिखाई देती हैं.
‘इंडियन एक्सप्रेस’ के पत्रकार भूपेंद्र पांडेय और मनीष साहू की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में सामने आए शुरुआती निष्कर्ष मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा, निगरानी और गिनती व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.
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2050 का भारत: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में सौवें स्थान के आसपास का देश
फरवरी 2017 में वैश्विक पेशेवर सेवा कंपनी पीडब्ल्यूसी ने वर्ष 2050 तक दुनिया की अर्थव्यवस्था की संभावित तस्वीर पेश करने वाली एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की थी. उस समय यह रिपोर्ट काफी चर्चा में रही, लेकिन समय के साथ इसकी चर्चा कम हो गई. अब जबकि 2050 ज्यादा दूर नहीं है, यह देखना महत्वपूर्ण हो जाता है कि उस रिपोर्ट में भारत के लिए किए गए अनुमान क्या संकेत देते हैं और उनका आम भारतीय के जीवन पर क्या असर पड़ सकता है.
‘साउथ फर्स्ट’ में प्रकाशित बिक्शम गुज्जा और अनिल के. सूद के विश्लेषण के अनुसार, यदि ये अनुमान सही साबित होते हैं तो भारत 2050 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के बावजूद प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत दुनिया के अपेक्षाकृत निचले देशों में बना रह सकता है.
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आकार पटेल | सद्गुण के रूप में हिंसा
बहुसंख्यकवादी प्रोपेगेंडा बेचने वाली फ़िल्मों की कतार में सबसे नई फ़िल्म 'चौहान' का टीज़र आ गया है. इसकी शुरुआत एक ऐसी जगह से होती है जहाँ भारत सरकार अपनी कहानियों को गढ़ना पसंद करती है - पुलवामा की एक सड़क, हवा में पत्थर, मोर्चेबंदी में खड़े सुरक्षा बल. वॉइसओवर में आँसू गैस को अप्रभावी बताया गया है क्योंकि बचाव वाले मास्क ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हैं.
पानी की बौछारों (वॉटर कैनन) को अस्थायी समाधान कहा गया है. फ़िल्म यह इशारा करती है कि इसके बजाय कुछ और अधिक कठोर चाहिए: भीड़ में बर्डशॉट (छर्रे) फ़ायर करने वाली 12-गेज शॉटगन. हमें यहाँ थोड़ा रुकना चाहिए. भारत में बहुसंख्यकवाद के लिए विमर्श गढ़ने का काम अब इसी आत्मविश्वास पर चलता है कि ऐसे दावों की कभी जाँच नहीं की जाती. तो आइए हम जाँच करें.
टीका - टिप्पणियां | विश्लेषण | लेख
'न्यूज़ लॉन्ड्री' की रिपोर्ट. महाराष्ट्र के सांगली के अराला गाँव में बर्तन के ढक्कन को लेकर शुरू हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदला; संभाजी भिड़े के संगठन से जुड़े लोगों पर हमले का आरोप, पीड़ित मुस्लिम परिवारों का पूर्ण सामाजिक बहिष्कार.
'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट. बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद BKTC अध्यक्ष के पीए प्रमोद नौटियाल निलंबित; उत्तराखंड सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय जांच समिति.
'द वायर' की रिपोर्ट. अयोध्या के करतालिया आश्रम के महंत बाल योगी रामदास का राम मंदिर ट्रस्ट पर बड़ा आरोप; दान में दी चांदी की शिला की रसीद न मिलने और निचले स्तर के कर्मचारियों की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल.
दंत धावन कुंड आचारी मंदिर के महंत विवेक आचारी का राम मंदिर ट्रस्ट पर बड़ा हमला; चढ़ावा चोरी और भूमि सौदों की सीबीआई (CBI) जांच की मांग; गोपाल राव को हटाए जाने के बाद व्यवस्था और धार्मिक रीति-रिवाजों पर उठाए गंभीर सवाल.
'रॉयटर्स' की रिपोर्ट. मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ड्यूटी-फ्री स्टोर्स पर अडानी समूह द्वारा अवैध रूप से निकोटीन पाउच बेचे जाने का सरकारी जांच में खुलासा; अडानी ग्रुप ने विनियामक दायरे को दी चुनौती, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी.
'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट. फरीदाबाद के डीएवी पब्लिक स्कूल के कक्षा 12 के छात्रों के साथ सीबीएसई (CBSE) री-इवैल्यूएशन में बड़ी लापरवाही; जिन विषयों की जांच नहीं कराई, उनके अंक घटाकर रिजल्ट किया 'फेल' (RT).
'स्क्रोल' की रिपोर्ट. पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी आनंद सरदार सहित 3 गिरफ्तार; मुख्य आरोपी को भगाने के आरोप में भाजपा नेता शांतनु मंडल हिरासत में, SIT गठित.
'आर्टिकल 14' में प्रकाशित प्रिया रमानी की रिपोर्ट. अजय देवगन की आगामी फिल्म 'चौहान' के ट्रेलर पर भड़का विवाद; कश्मीर में पेलेट गन (शॉटगन) के इस्तेमाल और मानवीय त्रासदी को कम करके दिखाने पर उठ रहे हैं बड़े सवाल.
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‘हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में निधीश त्यागी और वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद पर विस्तार से चर्चा की. बातचीत की शुरुआत निधीश त्यागी ने देश के प्रमुख मंदिरों के उपलब्ध सार्वजनिक आंकड़ों की तुलना से की. उन्होंने राम मंदिर, माता वैष्णो देवी, तिरुमला वेंकटेश्वर, शिरडी साईं बाबा और सांवलिया सेठ मंदिर में प्रति श्रद्धालु दान और चढ़ावे के अनुमानित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग सार्वजनिक स्रोतों से जुटाए गए इन आंकड़ों के आधार पर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े होते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है. इसी संदर्भ में श्रवण गर्ग ने कहा कि असली सवाल केवल चढ़ावे की राशि का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास का है. उन्होंने पूछा कि यदि राम मंदिर में करोड़ों लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं, तो प्रति श्रद्धालु औसत चढ़ावा अन्य प्रमुख मंदिरों की तुलना में इतना कम क्यों दिखाई देता है. उनके अनुसार यदि दान और चढ़ावे को लेकर किसी तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे. श्रवण गर्ग ने कहा कि इस पूरे विवाद को केवल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए. उन्होंने बद्रीनाथ-केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, तिरुपति, सबरीमाला और अन्य बड़े धार्मिक संस्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कहीं भी दान, प्रबंधन या पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते हैं, तो वहां भी समान रूप से जवाबदेही तय होनी चाहिए. उनके अनुसार यह बहस किसी एक मंदिर की नहीं, बल्कि देशभर के धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जनता के विश्वास की है. चर्चा के दौरान श्रवण गर्ग ने राजनीतिक जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर और धार्मिक आस्था लंबे समय तक राजनीति के प्रमुख विषय रहे हैं, तो ऐसे मामलों में केवल ट्रस्ट या स्थानीय प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सत्ता से भी जवाबदेही पूछी जानी चाहिए. उनका कहना था कि लोकतंत्र में नागरिकों को सरकार और सार्वजनिक संस्थाओं दोनों से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा रखने का अधिकार है. एपिसोड के अंत में श्रवण गर्ग ने कहा कि मूल प्रश्न केवल यह नहीं है कि कितना चढ़ावा आया, बल्कि यह भी है कि श्रद्धालुओं के दान का उपयोग किस प्रकार हुआ और उसकी जवाबदेही किसके पास है. स्रोत: https://www.tirumala.org https://www.sai.org.in https://www.maavaishnodevi.org https://www.etvbharat.com https://newsarenaindia.com/states/shirdi-sai-sansthan-gets-rs-660-cr-donations-in-2025-26/80238 https://www.businesstoday.in/india/story/27-kg-gold-3424-kg-silver-massive-jump-in-pilgrim-donations-for-mata-vaishno-devi-shrine-in-5-yrs-468067-2025-03-16 https://theprint.in/india/j-k-mata-vaishno-devi-shrine-records-massive-increase-in-pilgrim-donations-in-5-years/2549894/ https://newsarenaindia.com/states/ayodhya-ram-mandir-draws-15-cr-devotees-donations-cross-500-cr/79470 https://www.ndtv.com/india-news/pm-worried-about-broken-system-ex-ias-nripendra-mishra-on-ram-temple-row-11656117 https://www.ndtv.com/india-news/1-kg-gold-biscuit-rs-23-crore-cash-rajasthans-chittorgarh-sanwaliya-seth-temple-gets-record-donations-7186219 https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/chittorgarh/shri-sanwaliya-seth-temple-mandafiya-record-cash-donation-51-crore/articleshow/125640640.cms
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में है — लेकिन जश्न कहीं दिखाई नहीं दे रहा. हरकारा डीपडाइव की इस कड़ी में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग से निधीश त्यागी की बातचीत उन सवालों पर, जो इस समय संघ को घेरे हुए हैं. इस बातचीत में: - आम नागरिक से नागरिकता के 11-12 कागज़ मांगे जाते हैं, तो 100 साल पुराने संगठन से रजिस्ट्रेशन और बैलेंस शीट क्यों नहीं? - कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के सवाल और उन पर हुआ पलटवार - राम जन्मभूमि ट्रस्ट घोटाले पर एक महीने बाद आया दत्तात्रेय होसबाले का बयान — "एंटी-हिंदू, एंटी-नेशनल कॉन्सपिरेसी" कहने के मायने क्या हैं? - 10 से 12 जुलाई तक बेलगावी में होने वाली संघ की प्रांत प्रचारक बैठक का एजेंडा - बीजेपी के 3 करोड़ से 14-18 करोड़ सदस्य कैसे हो गए, जबकि संघ की सदस्य संख्या 2013 से वहीं की वहीं है? - क्या यह पूरा घटनाक्रम बीजेपी और संघ के बीच सुप्रीमेसी के संघर्ष की अभिव्यक्ति है? श्रवण गर्ग का कहना है — संघ अपने संकट को देश का संकट, हिंदू समाज का संकट बनाना चाहता है. निष्कर्ष हम नहीं देंगे. तथ्य आपके सामने हैं — फ़ैसला आप कीजिए. हरकारा — शोर कम, रोशनी ज़्यादा. 🔔 चैनल सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएं 🌐 वेबसाइट: harkaraonline.com 📩 सहयोग और सुझाव के लिए हमसे जुड़ें चैप्टर्स: 00:00 परिचय — संघ, संविधान और खड़गे के सवाल 02:00 संघ के 100 साल और संकटों की फ़ेहरिस्त 05:45 प्रियांक खड़गे: रजिस्ट्रेशन और चंदे का हिसाब 06:53 राम जन्मभूमि घोटाला — एफ़आईआर से होसबाले के बयान तक 11:00 बीजेपी बनाम संघ: सुप्रीमेसी की लड़ाई 12:06 बेलगावी बैठक: 10-12 जुलाई का एजेंडा 16:54 आंकड़ों की पड़ताल: संघ, बीजेपी और कांग्रेस की सदस्यता 21:04 दो आरएसएस — एक सत्ता में, एक बाहर 26:02 "एंटी-हिंदू कॉन्सपिरेसी" कौन करेगा? 33:08 क्या संघ को भंग कर देना चाहिए? 34:09 समापन — ज़िम्मेदारी किसकी?
हम हरकारा.
हरकारा एक देशज शब्द है संदेशवाहक के लिए.हमारी यह एक छोटी सी कोशिश है कि वे ज़रूरी ख़बरें आप तक पहुँचाई जाएँ, जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाती हैं, छिपा दी जाती हैं, या फिर इस तरह तोड़-मरोड़ कर पेश की जाती हैं कि वे भ्रम पैदा करें.
हरकारा की छोटी सी टीम हर चौबीस घंटे में आपके लिए ऐसी ख़बरों को संजोकर एक सूची के रूप में प्रस्तुत करती है, उनके मर्म के साथ, ताकि आप मीडिया के शोर-शराबे में दब रही सच्ची ख़बरों तक पहुँच सकें.
हम अनुभवी पत्रकारों की एक छोटी टीम हैं, लेकिन एक बड़े समुदाय का हिस्सा भी, जिसमें आप भी शामिल हैं.
हमारा उद्देश्य उन मुद्दों पर संवाद और विमर्श शुरू करना है, जो अक्सर छूट जाते हैं या जानबूझकर हाशिए पर डाल दिए जाते हैं.
हरकारा तथ्यपरक पत्रकारिता, लोकतंत्र और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थक है. हम खबरों और उनके पाठकों/श्रोताओं को फिर से केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. ये गाना सुनिये. शायद आपको भी उतना ही पसंद आए, जितना टीम हरकारा को है.


हरकारा डीप डाइव के इस विशेष एपिसोड में निधीश त्यागी के साथ हिंदी और आदिवासी लोककलाओं के विशेषज्ञ नवल शुक्ल, पंडवानी की महान कलाकार तीजन बाई के जीवन, संघर्ष, कला और विरासत पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं. इस बातचीत में नवल शुक्ल बताते हैं कि वर्ष 1982-83 में पहली बार तीजन बाई से उनकी मुलाकात कैसे हुई, किस तरह उन्हें गांव से निकालकर भारत भवन, भोपाल के मंच तक लाया गया और कैसे पंडवानी को राष्ट्रीय पहचान मिली. वे पंडवानी की परंपरा, उसकी वेदमती और कापालिक शैली, महाभारत की लोक परंपरा तथा तीजन बाई की अद्भुत मंचीय प्रस्तुति पर भी विस्तार से प्रकाश डालते हैं. एपिसोड में हबीब तनवीर, भारत भवन, अशोक वाजपेयी और छत्तीसगढ़ की लोककलाओं के विकास में उनकी भूमिका पर भी चर्चा होती है. साथ ही यह भी समझने की कोशिश की गई है कि तीजन बाई के बाद पंडवानी की परंपरा किस दिशा में बढ़ रही है और इस विरासत को संरक्षित करने के लिए डिजिटल दस्तावेजीकरण कितना जरूरी है.