आज़म खान को ‘जूते साफ कराने’ वाली टिप्पणी मामले में दो साल की सज़ा, 20 हज़ार रुपये का जुर्माना
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान को 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सरकारी अधिकारियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दो साल की सज़ा सुनाई गई है. रामपुर की विशेष अदालत ने उन्हें 20 हज़ार रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है.
आज़म खान फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं. शनिवार को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी दी. विशेष लोक अभियोजक राकेश मौर्य के मुताबिक अदालत ने उन्हें आईपीसी की धारा 153-A, 153-B और 505 के तहत दोषी माना. इसके अलावा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत भी उन्हें दोषी ठहराया गया.
यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान का है, जब आज़म खान रामपुर सीट से समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-राष्ट्रीय लोक दल गठबंधन के उम्मीदवार थे. आरोप है कि चुनावी सभा में उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी समेत सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था. शिकायत तत्कालीन एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने दर्ज कराई थी. पुलिस ने 11 मई 2019 को भोजपुर थाने में केस दर्ज किया था.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान दिया गया बयान सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ था, जिसे आचार संहिता का उल्लंघन माना गया. अदालत ने इस मामले में 10 गवाहों के बयान दर्ज किए.
आज़म खान के वकील नासिर सुल्तान ने कहा है कि फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील दायर की जाएगी.
2017 के बाद बढ़े केस
उत्तर प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद आज़म खान पर मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उनके खिलाफ 81 से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से करीब 70 केस केवल 2019 में दर्ज हुए थे.
इन मामलों में जमीन कब्जाने, धोखाधड़ी, अतिक्रमण, धमकी, सांप्रदायिक बयानबाज़ी और आपराधिक अतिक्रमण जैसे आरोप शामिल हैं. मौजूदा मामले को मिलाकर अब तक उन्हें आठ मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. इनमें सात मामले रामपुर और एक मुरादाबाद का है. हालांकि कई मामलों में उन्होंने अपील दायर की है और कुछ मामलों में राहत भी मिली है.
आज़म खान लंबे समय तक समाजवादी पार्टी के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम चेहरों में गिने जाते रहे हैं. वे रामपुर सदर से 10 बार विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं.

