प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में 27,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाई गई

‘द टेलीग्राफ’ में इमरान अहमद सिद्दीकी की खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों, नागरिक अधिकार समूहों और कॉकरोच जनता पार्टी के उग्र प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में लगभग 27,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती को 20 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है.

पिछले सप्ताह, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शनों से पहले केंद्र ने राजधानी में 25,000 पुलिसकर्मियों सहित 50,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था. पिछले कुछ दिनों में, सरकार ने बड़े पैमाने पर हिरासत, भारी बैरिकेडिंग और महिलाओं सहित प्रदर्शनकारियों पर हमलों से बने सुरक्षा लॉकडाउन को सक्रिय करके सीजेपी, छात्र व विपक्षी प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुँचने से रोक दिया है.

परीक्षा पेपर लीक को लेकर जुलाई में जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की पहली लहर के बाद से दिल्ली में पहले से तैनात 12,000 जवानों के साथ शामिल करने के लिए बंगाल और संवेदनशील क्षेत्रों से लगभग 15,000 अर्धसैनिक कर्मियों को एयरलिफ्ट करके लाया गया था.

खुफिया एजेंसियों ने जंतर-मंतर, निर्वाचन आयोग मुख्यालय, संसद भवन और इंडिया गेट सहित कई संवेदनशील स्थानों पर उग्र प्रदर्शनों की संभावना की ओर इशारा किया था. भीम आर्मी, किसान यूनियनों, छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक समूहों द्वारा प्रदर्शनों की संभावना भी एजेंसियों द्वारा जताई गई चिंताओं में शामिल है.

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है. एसकेएम ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए 23 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शनों की श्रृंखला की घोषणा की है. एसकेएम ने 26 नवंबर को एक और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है.

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