अमेरिका-भारत रिश्तों में तनाव: ट्रंप की टिप्पणी, भारत की चुप्पी और उठते बड़े सवाल
हरकारा डीप डाइव के एक ऑडियो संस्करण में वरिष्ठ विश्लेषक श्रवण गर्ग के साथ भारत-अमेरिका संबंधों पर विस्तृत बातचीत की गई. इस चर्चा में मुख्य रूप से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा भारत को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी और भारत सरकार की प्रतिक्रिया या कहें, चुप्पी, पर सवाल उठाए गए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर माइकल सैवेज की एक टिप्पणी साझा की, जिसमें भारत को “नर्क” कहा गया और भारतीयों को “गैंगस्टर्स विद लैपटॉप्स” जैसे शब्दों से संबोधित किया गया.
श्रवण गर्ग ने बातचीत में कहा कि यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि एक संप्रभु देश के सम्मान से जुड़ा मामला है. उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस टिप्पणी पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि वॉशिंगटन में हुई गोलीबारी की घटना पर उन्होंने तुरंत ट्रंप के प्रति चिंता और सहानुभूति व्यक्त की. गर्ग के अनुसार, यह “चयनात्मक प्रतिक्रिया” कई सवाल खड़े करती है कि क्या सरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के सम्मान की रक्षा कर पा रही है या नहीं.
साथ में राम माधव के अमेरिका में दिए गए बयान पर भी चर्चा हुई. श्रवण गर्ग ने कहा कि राम माधव का यह कहना कि भारत ने अमेरिका के कहने पर रूस और ईरान से तेल खरीदना बंद किया और टैरिफ बढ़ने पर भी विरोध नहीं किया, एक तरह से “स्वीकारोक्ति” जैसा है. हालांकि बाद में इस बयान को वापस लेने की बात कही गई, लेकिन इससे यह संकेत मिला कि भारत की विदेश नीति पर बाहरी प्रभाव कितना है.
श्रवण गर्ग ने यह भी मुद्दा उठाया कि अमेरिका में रहने वाले लगभग 40 लाख भारतीय और दुनिया भर में बसे करोड़ों भारतीय इस पूरे घटनाक्रम को किस नज़र से देख रहे होंगे. उन्होंने कहा कि जब भारत को खुले तौर पर “नर्क” कहा जाता है और नेतृत्व की ओर से कोई सख्त प्रतिक्रिया नहीं आती, तो इससे प्रवासी भारतीयों के आत्मसम्मान पर भी असर पड़ता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से इस टिप्पणी पर न तो खेद जताया गया और न ही इसे वापस लिया गया.
चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठाया गया कि क्या यह स्थिति भारत की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है या फिर किसी तरह की मजबूरी. श्रवण गर्ग के मुताबिक, अगर देश के भीतर विपक्ष की आवाज़ को दबाया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी टिप्पणियों पर चुप्पी रहती है, तो यह एक असंतुलन को दर्शाता है.

