‘आम नागरिक नहीं, सिर्फ पढ़े-लिखे लोगों ने दिया वोट’, इसलिए हारे ; एमएलसी नतीजों पर बोले ओपी राजभर

एमएलसी (विधान परिषद) चुनावों में वाराणसी सीट पर समाजवादी पार्टी के हाथों बीजेपी की हार पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को कहा कि इन चुनावों में केवल पढ़े-लिखे लोगों ने वोट दिया, न कि आम जनता ने.

“ये पढ़े-लिखे लोगों का वोट है, आम जनता का वोट नहीं हैं.” द्विसदनीय विधायिका वाले राज्यों में उच्च सदन यानी विधान परिषद के सदस्य विभिन्न मतदाता वर्गों द्वारा चुने जाते हैं: एक-तिहाई विधायकों द्वारा, एक-तिहाई नगर निकायों और पंचायतों जैसे स्थानीय निकायों द्वारा, एक-बारहवां (1/12) स्नातकों द्वारा और एक-बारहवां शिक्षकों द्वारा चुने जाते हैं. जबकि एक-छठा (1/6) हिस्सा राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन या समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों में से नामांकित किया जाता है.

‘द टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के मुताबिक, चुनावों का यह दौर केवल शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए आयोजित किया गया था, जहां पंजीकृत शिक्षक और स्नातक मतदाता होते हैं, न कि सामान्य जनता.

विपक्षी दलों ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह नगर तथा आरएसएस मुख्यालय वाले नागपुर में एमएलसी चुनावों में मिली हार को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा.

नागपुर लंबे समय से नितिन गडकरी का प्रतिनिधित्व क्षेत्र रहा है, जो जुलाई 1990 से मई 2014 तक 24 वर्षों तक विधान परिषद सदस्य रहे.

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि बीजेपी के साथ-साथ पूरे महायुति गठबंधन को इन परिणामों के आलोक में अपने प्रदर्शन पर विचार करना होगा.

राउत ने पूछा, “आप नागपुर हार गए, आप मराठवाड़ा हार गए और आप पुणे हार गए. आप हर जगह हार गए. तो अब आपके पास क्या बचा है?” यह रेखांकित करते हुए कि ये चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से हुए थे, राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते दिन “बेहद गदगद” थे और अपनी जीत से ज्यादा इस बात से खुश थे कि कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली.

Previous
Previous

गुजरात में गोहत्या के मामले में तीन को उम्रकैद, कोर्ट ने ‘मनुस्मृति’ का हवाला दिया और कहा- ‘चारों वेदों के प्रतीक हैं गाय के पैर’

Next
Next

इजरायल चुनाव में नेतन्याहू गुट आगे, लेकिन बहुमत से चूका