सीईसी ज्ञानेश कुमार पर ‘आम आरोपी’ की तरह जांच और मुकदमा चलाया जाए: सुप्रीम कोर्ट में याचिका

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुलिस जांच, सबूत जुटाने और एक आम आरोपी की तरह नियमित मुकदमा चलाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. कृष्णदास राजागोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी द्वारा अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक खोजी समाचार पत्र (द इंडियन एक्सप्रेस) की रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताओं का सीईसी के आधिकारिक दायित्वों से कोई कानूनी संबंध नहीं है.

गंभीर आरोप और संज्ञेय अपराध याचिका के अनुसार, मतदाता सूची में हेरफेर और एकतरफा निर्णय लेने के ये आरोप लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि दुर्भावनापूर्ण या आपराधिक आचरण को किसी लोक सेवक का आधिकारिक कर्तव्य नहीं माना जा सकता. इसलिए, 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023' की धारा 16 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा इस मामले में निष्प्रभावी हो जाती है.

याचिका में उठाए गए मुख्य मुद्दे: फॉर्म 6 में बदलाव: नए युवा मतदाताओं के लिए बिना किसी विधायी संशोधन के अनिवार्य पैतृक शर्त ('अंतिम एसआईआर लिंकेज') लागू करना.

सॉफ्टवेयर विफलताएं: तकनीकी खामियों के कारण नागरिकों को मताधिकार से वंचित करना.

पश्चिम बंगाल का मामला: अन्य चुनाव आयुक्तों या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की मंजूरी के बिना, न्यायिक अधिकारियों द्वारा बहाल 16.10 लाख से अधिक नागरिकों के नाम हटाने के लिए अनधिकृत अपीलें दायर करना.

याचिका में स्पष्ट किया गया है कि संविधान के अनुच्छेद 361 के तहत केवल राष्ट्रपति और राज्यपालों को ही आपराधिक अभियोजन से पूर्ण व्यक्तिगत छूट प्राप्त है. अनुच्छेद 324 मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल कार्यकाल की सुरक्षा देता है, न कि व्यक्तिगत आपराधिक दायित्व से कोई छूट. न्यायशास्त्र के सिद्धांत "धोखाधड़ी सब कुछ खारिज कर देती है" का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि निष्पक्ष चुनाव के संवैधानिक जनादेश का उल्लंघन करने पर कोई भी अधिकारी कानूनी ढाल का दावा नहीं कर सकता. यह मामला सीधे तौर पर भारत के लोकतंत्र और निर्वाचन आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता से जुड़ा है.

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