ईरान युद्ध से रेमिटेंस और व्यापार प्रभावित; भारत के रोजगार इंजन पर बढ़ा दबाव
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी सैन्य संघर्ष ने भारतीय अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार को दोहरा झटका दिया है. एक तरफ जहां खाड़ी देशों (Gulf Countries) में काम करने वाले 90 लाख भारतीय प्रवासियों की नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी तरफ कानपुर का चमड़ा उद्योग और केरल का गल्फ रेमिटेंस मॉडल बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.

