आकार पटेल : सियासी बिसात पर फंसी गाय का पेंच
इस विशेष राजनीतिक व ऐतिहासिक विश्लेषण के अनुसार, जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गोवध पर देशव्यापी एकसमान कानून बनाने और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का समर्थन किया है ताकि 'बीफ़ लिंचिंग' की घटनाओं को रोका जा सके. लेख में भारतीय संविधान सभा की ऐतिहासिक बहसों, अनुच्छेद 48 के तहत गोवध प्रतिबंध के आर्थिक बनाम धार्मिक तर्कों, डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पत्रों और देश में समान पशु वध कानून की आवश्यकता पर गहराई से प्रकाश डाला गया है. पढ़ें पूरी वैचारिक रिपोर्ट.

