डॉ इस्तिखार अली | मुसलमानों को कानूनी नहीं, मनोवैज्ञानिक तौर पर सेकंड क्लास सिटिजन बना दिया गया है
हरकारा डीप डाइव’ के इस लाइव एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार निधीश त्यागी ने जेएनयू (JNU) के शोधकर्ता डॉ. इस्तिखार अली से उनकी 4200 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा के अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की. मुस्लिम मानसिक स्वास्थ्य (Muslim Mental Health) पर बात करते हुए डॉ. अली ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया पर नफरत, सार्वजनिक भेदभाव और असुरक्षा की भावना युवाओं व बच्चों में गहरा मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा कर रही है. उत्तर और दक्षिण भारत के सामाजिक माहौल में अंतर, संवाद की कमी और पूर्वाग्रहों के प्रभाव पर पढ़ें यह पूरी विशेष रिपोर्ट.

