महाराष्ट्र से बंगाल तक: महिलाओं के लिए तय फायदों का लाभ उठाने के लिए पुरुष बने ‘लाड़की बहन’ और ‘लक्ष्मी’
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के सरकारी ऑडिट में एक चौंकाने वाला रुझान सामने आया है. महाराष्ट्र की 'लाड़की बहन' योजना में 14,298 पुरुष और करीब 81 लाख अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं, जिससे सरकार को 21 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगा है. वहीं, पश्चिम बंगाल की 'लक्ष्मी भंडार' योजना में भी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के दावों के अनुसार 3 लाख से अधिक पुरुषों के नाम लाभार्थी सूची में दर्ज मिले हैं. दोनों राज्यों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी खजाने में लगाई गई इस सेंध और मुख्यमंत्रियों (देवेंद्र फडणवीस व सुवेंदु अधिकारी) द्वारा की गई जांच व वसूली की घोषणा पर पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.

