सावरकर ने ब्रिटिश सरकार के सामने 10 दया याचिकाएं दायर की थीं, भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने समझौता नहीं किया: परिजन ने पुणे अदालत से कहा
राहुल गांधी मानहानि मामले में सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर ने पुणे कोर्ट में बड़ा बयान दिया है. जिरह के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार के सामने 10 बार दया याचिकाएं दायर की थीं, जबकि राजगुरु और अशफाकउल्ला खान जैसे क्रांतिकारियों ने इससे इनकार किया था. जानिए कोर्ट रूम की इस बड़ी बहस का पूरा सच.
सावरकर ने 5 बार ब्रिटिश सरकार से मांगी माफ़ी, गाय को भगवान नहीं मानते थे: सावरकर के प्रपौत्र का कोर्ट में बयान
जिरह के दौरान सत्यकी सावरकर ने स्वीकार किया कि जब सावरकर सेलुलर जेल (काला पानी) में बंद थे, तब उन्होंने पाँच बार दया याचिकाएं दायर की थीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल सावरकर ही नहीं, बल्कि उस समय के कई अन्य राजनीतिक कैदियों ने भी ब्रिटिश सरकार को इसी तरह की याचिकाएं भेजी थीं.

