‘अब अभिषेक को और स्वीकार नहीं कर सकते’: बागियों को मिल जाएगा तृणमूल का चुनाव चिन्ह एकनाथ शिंदे और अजित पवार की तरह
पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के महज एक महीने के भीतर तृणमूल कांग्रेस (TMC) गंभीर राजनीतिक विभाजन की कगार पर पहुंच गई है. रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 4 मई को चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी द्वारा विधायकों से अभिषेक बनर्जी को 'स्टैंडिंग ओवेशन' देने के दबाव और पार्टी नेतृत्व के अहंकार ने इस बगावत के बीज बोए थे. उलुबेरिया पूरब के विधायक ऋतब्रत बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की दिल्ली मुलाकात के बाद अब टीएमसी के संसदीय दल में भी बड़ी फूट की आशंका जताई जा रही है. आई-पैक विवाद, कथित हस्ताक्षर जालसाजी और सीआईडी जांच के बीच तृणमूल कांग्रेस के इस बड़े संकट पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

