निधीश त्यागी, साथ में राजेश चतुर्वेदी, गौरव नौड़ियाल, फ़लक अफ़शां
नमस्कार. हरकारा पॉडकास्ट में आपका स्वागत है. आज के अंक में हम देश और दुनिया की उन खबरों का विश्लेषण करेंगे जो मुख्यधारा के शोर में अक्सर दब जाती हैं. आज सबसे पहले बात करेंगे फाइनेंशियल टाइम्स और ओसीसीआरपी के उस विस्फोटक खुलासे की जिसने अडानी समूह में तीन बिलियन डॉलर के गुप्त निवेश की परतों को खोल दिया है. इसके बाद हम आपको ले चलेंगे दिल्ली में हुए एआई शिखर सम्मेलन में जहाँ कुप्रबंधन के कारण केंद्रीय मंत्री को माफी मांगनी पड़ी और विदेशी मेहमानों के सामान चोरी हो गए. हम उस आरटीआई रिपोर्ट पर भी नज़र डालेंगे जिससे पता चला है कि मुसलमानों के नरसंहार की बात करने वाले कार्यक्रम को सरकार ने लाखों रुपये की फंडिंग दी थी. और अंत में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रथिन रॉय की उस चेतावनी को समझेंगे जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के सिकुड़ते आकार और उत्तर दक्षिण भारत के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जताई है. शोर कम रोशनी ज्यादा. चलिए शुरू करते हैं आज का सिलसिला.
अपील :
आज के लिए इतना ही. हमें बताइये अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी. मिलेंगे हरकारा के अगले अंक के साथ. हरकारा सब्सटैक पर तो है ही, आप यहाँ भी पा सकते हैं ‘हरकारा’...शोर कम, रोशनी ज्यादा. व्हाट्सएप पर, लिंक्डइन पर, इंस्टा पर, फेसबुक पर, यूट्यूब पर, स्पोटीफाई पर , ट्विटर / एक्स और ब्लू स्काई पर.












