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ह्यूमर से डरती सत्ता? सटायर, कार्टून और इंटरनेट पर कसता शिकंजा | कार्टूनिस्ट मंजुल | रोफल गांधी

‘हरकारा’ यानी हिंदी भाषियों के लिए क्यूरेटेड न्यूजलेटर. ज़रूरी ख़बरें और विश्लेषण. शोर कम, रोशनी ज़्यादा.

हरकारा डीप डाइव के इस एपिसोड में हमने देश में सटायर, कॉमेडी और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर बढ़ते दबाव को लेकर गहरी बातचीत की.

इस एपिसोड में हमने कार्टूनिस्ट मंजुल और डिजिटल सटायरिस्ट रोफल गांधी के साथ हमने समझने की कोशिश की कि क्यों आज ह्यूमर और तंज़ को सत्ता के लिए खतरे की तरह देखा जा रहा है, जबकि वही ह्यूमर समाज का आईना होता है.

हाल के मामलों में कॉमेडियन्स पर एफआईआर, सोशल मीडिया अकाउंट्स का ब्लॉक होना, और नए नियमों के जरिए कंटेंट को तेज़ी से हटाने की कोशिश की गई, इन सबके बीच यह सवाल और बड़ा हो जाता है कि क्या लोकतंत्र में सवाल पूछने और मज़ाक़ करने की जगह लगातार कम की जा रही है. बातचीत में यह भी सामने आया कि इंटरनेट आज एक ऐसा मंच बन चुका है जहां आम लोग अपनी बात रख रहे हैं और इसी वजह से उसे नियंत्रित करने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं.
क्या यह सिर्फ कंट्रोल की राजनीति है या सच में सत्ता को अपनी छवि से डर लगने लगा है? इस पूरे मुद्दे पर एक ज़रूरी और गंभीर चर्चा.

गेस्ट: रोफल गांधी (सुनील शर्मा)
इंस्टाग्राम: https://www.instagram.com/roflgandhi2.0/?hl=en
ट्विटर (एक्स): https://x.com/RoflGandhi_

गेस्ट: कार्टूनिस्ट मंजुल
इंस्टाग्राम: https://www.instagram.com/manjultoons/?hl=en
ट्विटर (एक्स): https://x.com/MANJULtoons

अपील :

आज के लिए इतना ही. हमें बताइये अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी. मिलेंगे हरकारा के अगले अंक के साथ. हरकारा सब्सटैक पर तो है ही, आप यहाँ भी पा सकते हैं ‘हरकारा’...शोर कम, रोशनी ज्यादा. व्हाट्सएप पर, लिंक्डइन पर, इंस्टा पर, फेसबुक पर, यूट्यूब पर, स्पोटीफाई पर , ट्विटर / एक्स और ब्लू स्काई पर.


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