मोदी ने तो 10 वर्ष पूर्व कहा था, किसानों की आय 2022 तक डबल कर देंगे, पर नतीजा शून्य

दिलचस्प यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब से 10 वर्ष पूर्व उत्तरप्रदेश के बरेली में वादा किया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी. मोदी ने किसानों की रैली को संबोधित करते हुए कहा था, “उत्तर प्रदेश की इस धरती से, मैं सभी राज्यों से आग्रह करता हूं कि वे कृषि को प्राथमिकता दें और फिर बदलाव देखें. रोडमैप तैयार है, आपको बस इसे लागू करना है." विडंबना यह है कि मोदी के तमाम वादों की तरह यह भी एक जुमला ही निकला और हकीकत यह है कि एमएसपी को लेकर गठित पैनल चार वर्षों में एक रिपोर्ट तक पेश नहीं कर पाई है.

मोदी ने दरअसल, देश की आज़ादी की 75वीं सालगिरह पर 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया था और उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनावों के पहले बड़ी-बड़ी बातें की थीं. वर्ष 2017 में तत्कालीन कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने भी कहा था, “किफ़ायती और आर्थिक रूप से किसानों की स्थिति में सुधार लाने के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लक्ष्य निर्धारित किया है. यह लक्ष्य 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना है. पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए देश के सामने ऐसा लक्ष्य रखा है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, कृषि मंत्रालय 2022 तक इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं. मंत्रालय हमारे प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम कर रहा है. मगर 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी नतीजा शून्य है. बल्कि महंगाई की तुलना में आय घट गई है. न तो राधा मोहन का पता है और ना ही दोगुनी आय का.   

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