अमेरिका ने लॉरेंस बिश्नोई, भगवानपुरिया समेत 37 पर लगाए आरोप. पंजाब पुलिस का अधिकारी भी जांच के घेरे में
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान.फोटो: रॉयटर्स.
अमेरिका ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और पंजाब पुलिस के एक अधिकारी समेत 37 लोगों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उगाही, लक्षित हत्याओं, गोलीबारी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य संगठित अपराधों से जुड़े मामलों में आरोप लगाए हैं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन गतिविधियों का प्रभाव दुनिया भर में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों पर भी पड़ा है.
पंजाब पुलिस के जिस अधिकारी का नाम आरोपियों में शामिल है, उनकी पहचान गुरिंदरजीत सिंह के रूप में हुई है. प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एसायली ने अमेरिका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी.
बिल एसायली ने कहा, "वह अभी हमारी हिरासत में नहीं है, लेकिन जल्द ही होगा. हमने उसके खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं और उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाएगा."
अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरिंदरजीत सिंह पर आरोप है कि वह पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के साथ मिलकर काम कर रहा था. 38 वर्षीय भगवानपुरिया भारत की जेल में बंद है और कभी लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी था, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई और उसने पंजाब में अपना अलग आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया.
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भगवानपुरिया गिरोह भारत से संचालित होने वाला एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट है, जिसके सदस्य अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड तक फैले हुए हैं. इस नेटवर्क में दुनिया भर में एक हजार से अधिक सदस्य और सहयोगी हैं, जबकि अमेरिका में ही इसके सौ से अधिक सदस्य और सहयोगी सक्रिय बताए गए हैं.
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए इस गिरोह ने भारत में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को अपने साथ मिलाया. इनकी मदद से उगाही की गई और पुलिस को कथित तौर पर झूठी सूचनाएं देकर विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए गए.
बयान में कहा गया है कि गिरोह ने इन झूठी सूचनाओं का इस्तेमाल अपने कथित प्रतिद्वंद्वियों और पुलिस के साथ सहयोग करने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए किया. इसके कारण कई मामलों में बिना पर्याप्त आधार के आपराधिक कार्रवाई शुरू हुई और भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों के माध्यम से उगाही की गई.
अमेरिकी न्याय विभाग ने गुरिंदरजीत सिंह की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया है. उसके अनुसार, अप्रैल 2026 में कैलिफोर्निया के स्टॉकटन निवासी 22 वर्षीय गुरलाल सिंह, जो भगवानपुरिया गिरोह का सदस्य और भारत से अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा व्यक्ति बताया गया है, ने एक पीड़ित को धमकाने के बाद उसका नाम पंजाब के एक कथित भ्रष्ट पुलिस अधिकारी को दिया.
इसके बाद उस पीड़ित, उसके पिता और उसकी बहन को जनवरी 2026 में भारत में हुई "बी.एस." नामक व्यक्ति की हत्या के मामले में झूठा आरोपी बना दिया गया. अमेरिकी न्याय विभाग का आरोप है कि इसी लंबित हत्या के मामले के नाम पर संबंधित पुलिस अधिकारी ने पीड़ित और उसके पिता से उगाही की.
बिल एसायली ने दावा किया कि पंजाब पुलिस के अधिकारी ने लॉस एंजिलिस में रहने वाले एक परिवार से लगभग चार लाख डॉलर की उगाही की.
मामले में भगवानपुरिया गिरोह के एक अन्य सदस्य 26 वर्षीय गुरदेव सिंह पर भी आरोप है कि उसने अमेरिकी आव्रजन एजेंसी की हिरासत में रहते हुए मिडवेस्ट में रहने वाले एक परिवार से उगाही की कोशिश की और उन्हें यह कहते हुए धमकी दी कि "तुम्हारे बच्चों को गोलियां मार देंगे."
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कुल 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग अभियोग दायर किए गए हैं. इनमें दो आरोपी ऐसे हैं, जो भारत की जेलों में बंद रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहे थे.
कार्रवाई के तहत अमेरिका में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें 11 कैलिफोर्निया, एक इंडियाना और एक जॉर्जिया से पकड़ा गया. कनाडा में तीन और स्पेन में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि सात आरोपी पहले से हिरासत में थे. इसके अलावा 10 फरार आरोपियों की तलाश जारी है, जिनमें सात अमेरिका, दो भारत और एक यूरोप में हैं.
इस जांच के दौरान एजेंसियों ने लगभग एक हजार किलोग्राम कोकीन, एक किलोग्राम हेरोइन, 40 हजार डॉलर नकद और एक दर्जन से अधिक हथियार बरामद किए हैं. सैक्रामेंटो क्षेत्र में 23 और लॉस एंजिलिस क्षेत्र में 11 तलाशी वारंट भी निष्पादित किए गए.
मामले की जांच के आदेश.
‘द हिन्दू’ के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है. पुलिस ने कहा है कि एफबीआई के "ऑपरेशन हार्डबॉल" से जुड़े उगाही मामले में इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम सामने आने संबंधी समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट का संज्ञान लिया गया है.
तथ्यों के सत्यापन तक इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा, जो वर्तमान में होशियारपुर जिले के टांडा थाने के प्रभारी थे, को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइंस, होशियारपुर भेज दिया गया है.
जालंधर रेंज के डीआईजी ने मामले की तथ्यात्मक जांच के आदेश दिए हैं. यह जांच जालंधर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (जांच) को सौंपी गई है. जांच अधिकारी को सभी आरोपों और संबंधित तथ्यों की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. पंजाब पुलिस ने कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आवश्यकता हुई तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

