अमेरिका ने ओपीटी वीजा धोखाधड़ी को लेकर भारतीयों सहित 10,000 विदेशी छात्रों की पहचान की

अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) ने 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (ओपीटी) कार्यक्रम के कथित दुरुपयोग के लिए कई भारतीयों सहित लगभग 10,000 विदेशी छात्रों की पहचान की है. अधिकारियों का दावा है कि छात्र वीजा का यह हिस्सा धोखाधड़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का एक प्रमुख स्रोत बन गया है.

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कार्यवाहक आईसीई निदेशक टॉड लियोन ने कहा कि छात्र वीजा कार्यक्रम का ओपीटी घटक "धोखाधड़ी के लिए एक चुंबकीय आकर्षण" बन गया है और होमलैंड सुरक्षा विभाग द्वारा इसकी कई जांच की जा रही हैं.

‘टेलीग्राफ वेब डेस्क और पीटीआई’ के मुताबिक, ओपीटी विदेशी नागरिकों को छात्र वीजा पर अमेरिका में पढ़ाई के दौरान 12 महीने, या कुछ विशेष मामलों में 24 महीने तक काम करने की अनुमति देता है. यह कार्यक्रम छात्रों को नियोक्ता-प्रायोजित एच-1बी  वीजा में स्थानांतरित होने में भी सक्षम बनाता है.

लियोन ने कहा, "हमने ऐसे मामले देखे हैं जिनमें जासूसी, जैविक खतरे, बौद्धिक संपदा की चोरी, वीजा और रोजगार धोखाधड़ी, और यहाँ तक कि बुजुर्ग अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले घोटाले भी शामिल हैं. ये सभी उन व्यक्तियों द्वारा किए गए हैं जिन्होंने छात्र के रूप में अपनी स्थिति (स्टेटस) का दुरुपयोग किया." उन्होंने आगे कहा, "हमारा देश विदेशी छात्र कार्यक्रम से उत्पन्न सुरक्षा खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा."

लियोन्स और अन्य संघीय अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने कार्यस्थलों का दौरा किया और कई अनियमितताओं का खुलासा किया, जिनमें ऐसे मामले भी शामिल थे, जहाँ ओपीटी लाभार्थियों को कथित तौर पर भारत में स्थित कर्मचारियों द्वारा "प्रबंधित" किया जा रहा था.  अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम के नियमों का उल्लंघन है, जो यह अनिवार्य करते हैं कि प्रशिक्षण और पर्यवेक्षण संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर से ही किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "इसके बजाय, ओपीटी एक अनियंत्रित 'गेस्ट वर्कर' पाइपलाइन बन गया है, जिसके तहत लाखों विदेशी छात्र संयुक्त राज्य अमेरिका में काम कर रहे हैं. जैसे-जैसे इस कार्यक्रम के आकार में विस्फोट हुआ है, वैसे-वैसे धोखाधड़ी भी बढ़ी है." 

Previous
Previous

तमिलनाडु विधानसभा: मुख्यमंत्री विजय की टीवीके ने 144 ‘पक्ष’ मतों के साथ विश्वास मत जीता

Next
Next

शोभन सक्सेना | अगर अमेरिका अपना हाथ खींच ले, तो इज़राइल आर्थिक और राजनीतिक तौर पर टिक नहीं पाएगा