ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट, आरबीआई ने 12 बिलियन डॉलर का सोना बेचा; लेकिन भारत सरकार ने इसे खारिज किया
ब्लूमबर्ग में प्रीति सोनी की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये को सहारा देने और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए मई के अंत में लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर का सोना बेचा हो सकता है. ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के अनुसार, 22 मई तक समाप्त हुए दो हफ्तों के दौरान, आरबीआई ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ावा देने के लिए अनुमानित 12 अरब डॉलर मूल्य के सोने का इस्तेमाल किया. इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनावों और कच्चे तेल की कीमतों के दबाव के बीच भारतीय रुपये को मज़बूती प्रदान करना था. हालांकि, भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर बिक्री की अफवाहों का खंडन किया है और कहा है कि देश का भौतिक स्वर्ण भंडार स्थिर है.
सोने की बिक्री की खबरों का खंडन करते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार (3 जून, 2026) को कहा कि सोने के भौतिक स्टॉक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, और यह 880.52 टन पर अपरिवर्तित बना हुआ है. ‘पीटीआई’ के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक का यह स्पष्टीकरण उन रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के प्रभाव से अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए आरबीआई ने लगभग 12 बिलियन डॉलर मूल्य का सोना बेचा हो सकता है.
केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, "आरबीआई इस बात पर जोर देता है कि ये रिपोर्टें सही नहीं हैं." बयान में आगे कहा गया कि इसलिए, जनता को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा प्रकाशित आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.

