अमेरिका ने फेंटेनाइल को लेकर भारतीय कंपनी से जुड़े 13 लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगाए
संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा है कि वह भारतीय ऑनलाइन फार्मेसी केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स से जुड़े 13 लोगों पर वीजा प्रतिबंध लगा रहा है. इन पर फेंटेनाइल मिश्रित नकली दवाओं की गोलियां बेचने का आरोप है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि ये 13 लोग भारत से संचालित होने वाली कंपनी 'केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स' और उसके मालिक के करीबी सहयोगी हैं. ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक, अमेरिकी सरकारी रिकॉर्ड में सूचीबद्ध इस मुंबई स्थित कंपनी की वेबसाइट तक पहुँच संभव नहीं हो सकी और न ही इसके वरिष्ठ अधिकारियों के नाम या संपर्क विवरण उपलब्ध थे.
भारत के विदेश और स्वास्थ्य मंत्रालयों ने इस पर टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. विदेश विभाग के अनुसार, केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स ने फेंटेनाइल की तस्करी के माध्यम से राजस्व अर्जित किया, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने "सामूहिक विनाश का हथियार" घोषित किया है.
फेंटेनाइल एक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसका उपयोग दर्द निवारण के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी अत्यधिक क्षमता और अवैध उपयोग से होने वाली मौतों के कारण अमेरिका में इस पर कड़े प्रतिबंध हैं.
विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस पिगोट ने एक बयान में कहा, "अवैध फेंटेनाइल बहुत सारे अमेरिकियों की जान ले रहा है. अमेरिकियों को जहर देने में शामिल लोगों को संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा."
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी सरकार ने केएस इंटरनेशनल ट्रेडर्स पर कार्रवाई की है. इस ऑनलाइन फार्मेसी के साथ-साथ दो भारतीय नागरिकों पर पिछले साल भी फेंटेनाइल मिश्रित नकली गोलियों की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबंध लगाए गए थे.
विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा कि कंपनी ने संयुक्त राज्य अमेरिका में लोगों को अवैध फेंटेनाइल वाली लाखों नकली गोलियां बेचीं, जिससे देश भर में परिवारों और समुदायों को नुकसान पहुँचा है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले साल एक नई वीजा प्रतिबंध नीति की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य देश में फेंटेनाइल और अन्य अवैध नशीली दवाओं के प्रवाह को रोकना है.

