तरबूज से दूसरी त्रासदी: मुंबई में हुई मौतों के बाद अब छत्तीसगढ़ में 15 वर्षीय किशोर की मौत, 3 अन्य बीमार
मुंबई में एक ही परिवार के सदस्यों की मौत के कुछ हफ़्तों बाद, सोमवार को छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के एक गाँव में तरबूज खाने से 15 वर्षीय एक लड़के की मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे बीमार हो गए. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
‘एनडीटीवी’ के अनुसार, यह घटना घुरकोट गांव की है, जहाँ बच्चे अपने रिश्तेदारों के साथ अपने मामा के घर आए हुए थे. मृतक का नाम अखिलेश धीवर (15 वर्ष), निवासी पोड़ी दल्हा है, जबकि बीमार बच्चों के नाम हैं-श्री धीवर (4 वर्ष), पिंटू धीवर (12 वर्ष) और हितेश धीवर (13 वर्ष).
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर ने बताया, "प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों ने रविवार शाम को घर में रखा हुआ कटा हुआ तरबूज खाया था. कुछ घंटों बाद, अखिलेश को उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ होने लगी. बाद में अन्य तीनों बच्चों में भी इसी तरह के लक्षण देखे गए."
जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ी, परिवार के सदस्य सोमवार को अलग-अलग समय पर एम्बुलेंस के जरिए उन्हें जिला अस्पताल ले गए. हालांकि, अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने अखिलेश को मृत घोषित कर दिया. अन्य तीन बच्चों को आपातकालीन वार्ड (इमरजेंसी) में भर्ती किया गया है.
डॉ. कुजूर ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, तरबूज को सुबह काटा गया था और कई घंटों बाद उसका सेवन किया गया, जिससे उसके दूषित होने की संभावना बढ़ गई.
उन्होंने आगे कहा: "प्रथम दृष्टया, ऐसा लगता है कि बच्चे दूषित तरबूज खाने के कारण फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं. किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं. घर में रखे एक अन्य तरबूज को भी खाद्य सुरक्षा विभाग के पास लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है." अधिकारियों का कहना है कि मौत और बीमारी के सटीक कारणों का पता फॉरेंसिक और खाद्य सुरक्षा रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा.

