छिंदवाड़ा में एनआईसीयू में आग लगने से एक नवजात की मौत, दो झुलसे; एक ही वॉर्मर पर 2-3 बच्चे रखे थे
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित सरकारी जिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में आग लगने से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित एक नवजात बच्ची की मौत हो गई और दो अन्य शिशु झुलस गए.
मेहुल मालपानी के मुताबिक, एनआईसीयू की रेडियंट वार्मर मशीन की फिलामेंट कॉइल में शॉर्ट सर्किट हुआ. इससे निकली चिंगारी पास से गुजर रही ऑक्सीजन ट्यूबिंग पर जा गिरी, जिससे फोम के गद्दे में आग फैल गई.
एनआईसीयू में कुल 63 नवजात शिशु थे — 30 इनबॉर्न यूनिट में और 33 आउटबॉर्न यूनिट में (जहां यह त्रासदी हुई). जबकि वहां केवल 27 वार्मर मशीनें ही उपलब्ध थीं, जिसके कारण अस्पताल प्रशासन को एक ही वार्मर पर 2-3 बच्चों को रखा गया था. अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जन न होने के कारण झुलसे बच्चों को जबलपुर रेफर करना पड़ा, जहाँ उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.
कलेक्टर हरेंद्र नारायण मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश सिविल सर्जन को दिए हैं. हालांकि अस्पताल प्रशासन इसे एक दुर्घटना बताते हुए लापरवाही से इनकार कर रहा है, परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

