आरटीआई जवाब से खुलासा: 20 जुलाई को पेलेट्स से कम से कम 10 लोग घायल हुए
सूचना का अधिकार याचिकाओं को दो अस्पतालों से मिले जवाबों के अनुसार, 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च के दौरान छर्रे (पेलेट्स) लगने से कम से कम 10 लोग घायल हुए थे.
‘द हिंदू ब्यूरो’ के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता साकेत गोखले द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में राष्ट्रीय राजधानी स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ने बताया कि छर्रे लगने से नौ लोग घायल हुए थे. सफदरजंग अस्पताल ने अपने जवाब में कहा कि छर्रे लगने से एक व्यक्ति घायल हुआ था. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया था, लेकिन 22 जुलाई को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज एक जनरल डायरी प्रविष्टि में कहा गया कि रैपिड एक्शन फोर्स ने दंगा रोधी गन से दो राउंड फायर किए थे.
छर्रों से घायल होने वालों में 25 वर्षीय कलाकार प्रशांत कुमार सिंह, 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी, 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब और एक पत्रकार शामिल हैं. वहीं, मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार 32 वर्षीय महिला नूतन "किसी भोथरे हथियार" से घायल हुई थीं.
गोखले ने आरटीआई जवाबों की तस्वीरों के साथ ‘एक्स’ पर लिखा, "अब तक 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से 5 लोगों के घायल होने की खबरें थीं. हालांकि, अस्पतालों से प्राप्त रिकॉर्ड बताते हैं कि पुष्टि की गई संख्या कम से कम दोगुनी यानी 10 व्यक्ति है."
उन्होंने कहा कि एम्स, दिल्ली और राम मनोहर लोहिया अस्पताल से रिकॉर्ड मिलना अभी बाकी है. तृणमूल प्रवक्ता ने सवाल उठाया, "भारत की राजधानी के केंद्र में निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और सरकार तथा पुलिस अब भी ब्योरा छुपा रही है. मोदी सरकार ने पेलेट गन पीड़ितों की पुष्ट संख्या जारी क्यों नहीं की है?"
महतो अस्पताल में भर्ती; पुलिस प्रदर्शनकारियों पर फिर से लाठीचार्ज किया
उधर झारखंड भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 'झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा' के नेता देवेन्द्र नाथ महतो का स्वास्थ्य बिगड़ने पर सोमवार (10 अगस्त, 2026) को रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया.
इससे पहले दिन में, झारखंड पुलिस ने पानी की बौछारें (वाटर कैनन) छोड़ीं, आंसू गैस के गोले दागे और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया, क्योंकि उन्होंने बैरिकेड्स तोड़कर राज्य विधानसभा तक पहुंचने की कोशिश की थी.

