टीएमसी के 20 बागी सांसदों में से 17 दुर्गा पूजा से पहले या बाद बीजेपी में शामिल होंगे
‘पीटीआई’ की रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी के बागी नेता और कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) के 20 में से 17 सांसद दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद बीजेपी में शामिल होंगे.
बसुनिया ने पत्रकारों से कहा कि सभी 17 सांसद एक साथ बीजेपी में शामिल होने की योजना बना चुके हैं. उनका दावा है कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के एक साथ दल बदलने के कारण वे संविधान की दलबदल विरोधी कानून की कार्रवाई से बाहर रहेंगे.
उन्होंने कहा, "हम 17 सांसद एक साथ बीजेपी में जा रहे हैं. चूंकि 20 में से दो-तिहाई से अधिक सदस्य बीजेपी में जाएंगे, इसलिए दलबदल विरोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा."
20 बागी सांसदों का एनसीपीआई में विलय
14 जून को टीएमसी के 20 असंतुष्ट सांसदों ने कम जानी-पहचानी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय की घोषणा की थी और सत्तारूढ़ एनडीए को अपना समर्थन दिया था. 20 सांसदों में से कम से कम 14 सांसदों का एक साथ दूसरी पार्टी में जाना दो-तिहाई की सीमा पूरी करने के लिए जरूरी है, जिसके आधार पर दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने का दावा किया जा रहा है.
हालांकि, बसुनिया ने कहा कि इन 20 सांसदों में अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले तीन सांसद औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने इसके पीछे अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों की राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को वजह बताया.
बसुनिया के मुताबिक अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान बीजेपी में शामिल होने के बजाय बाहर से एनडीए का समर्थन करेंगे. उन्होंने कहा, "वे एनडीए का समर्थन करेंगे और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या मंत्रालय दिए जा सकते हैं."
बसुनिया के बयान पर राजनीतिक विवाद
बसुनिया का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले वह और उनकी पत्नी तथा टीएमसी विधायक संगीता रॉय कूचबिहार के सिताई स्थित अपने पैतृक घर पहुंचे थे. इस दौरान स्थानीय लोगों और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया. बसुनिया के टीएमसी छोड़कर एनडीए के साथ जाने को लेकर भी विरोध हुआ.
इस दौरान उनके आवास के पास स्थित एक टीएमसी कार्यालय में कथित तौर पर आग लगा दी गई. घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया.
बसुनिया लगातार यह कहते रहे हैं कि वह अब टीएमसी के साथ नहीं हैं और एनडीए के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ चुके हैं. हालांकि, उनके बीजेपी में औपचारिक रूप से शामिल होने और 17 सांसदों के सामूहिक दल बदलने को लेकर आगे की राजनीतिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी.

