मोदी की बड़ी-बड़ी बातों के बावजूद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द; कहा था- हम मजबूत व्यवस्था बना रहे हैं

सत्ता में आने से पहले ‘सुशासन’ देने को लेकर अक्सर बातें तो बड़ी-बड़ी की जाती हैं, लेकिन देश में जब नीट जैसी परीक्षा रद्द की जाती है, तो पता चलता है कि हकीकत क्या है? आज मंगलवार (12 मई, 2026) को जब खबर आई कि पेपर लीक के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित की गई ‘नीट-यूजी 2026’ परीक्षा को रद्द कर दिया है, तो दो वर्ष पूर्व जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गईं “बड़ी-बड़ी 56 इंची बातें” भी याद आ गईं. मोदी ने तीसरी बार सरकार बनने के बाद संसद में कहा था, “मैं देश के हर छात्र और हर युवा से कहना चाहता हूँ कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बहुत गंभीर है और हम युद्ध स्तर पर अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं. युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा. केंद्र सरकार ने पहले ही कड़ा कानून बना दिया है. परीक्षा आयोजित करने की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं." दरअसल, तब भी नीट और नेट जैसी परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द करना पड़ी थीं, और देश भर में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी.

दो साल बाद फिर ऐसी नौबत आई है तो सवाल है कि मोदी सरकार ने क्या व्यवस्था बनाई? पेपर लीक माफिया कैसे काम कर रहा है? इस बार महाराष्ट्र का नासिक इसका केंद्र बताया जा रहा है, जहां भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है. केंद्र में मोदी जी हैं ही. डबल इंजन का मामला है, बावजूद इसके पेपर लीक की वजह से परीक्षा रद्द करना पड़ रही है. तभी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सवालों का जवाब नहीं दे सके. उन्होंने परीक्षा के मुद्दे पर मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार ही कर दिया. जाहिर है, जवाब देते भी तो किस मुंह से?

बता दें कि इस परीक्षा में लगभग 22 लाख बच्चों ने भाग लिया था. बड़ी मेहनत करके तैयारी की थी. लेकिन, सरकार की बदइंतजामी ने सब पर पानी फेर दिया. अब उन्हें दोबारा मानस बनाना होगा, तैयारी करना होगी. जैसे तैसे परीक्षा के तनाव से वे बाहर आए थे और नतीजों के इंतज़ार में थे, तभी खबर आ गई कि नीट रद्द हो गई है. सबसे बड़ी बात यह फैसला पेपर लीक के आरोपों के कारण लिया गया है, जबकि मोदी ने दो साल पहले पूरी व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन देश को दिया था. बहरहाल, इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है.

इस बीच समूचे विपक्ष ने परीक्षा रद्द होने को लेकर मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तथाकथित 'अमृत काल' देश के लिए 'विष काल' बन गया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर हिंदी में एक पोस्ट करते हुए गांधी ने लिखा: "नीट 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है. 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, कुर्बानी और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपा सरकार ने कुचल दिया है. किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने अपने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में उन्हें क्या मिला? पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार." लोकसभा में विपक्ष के नेता ने आगे कहा, "यह केवल एक विफलता नहीं है—यह युवाओं के भविष्य के खिलाफ किया गया एक अपराध है." मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के इच्छुक छात्रों के लिए यह परीक्षा अब उन तारीखों पर फिर से आयोजित की जाएगी जिन्हें बाद में अधिसूचित किया जाएगा.

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