शेयर बाजार 1.8% से अधिक टूटा, निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूबे, रुपया 95.6 पर
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदें कम होने और युद्ध के आर्थिक प्रभाव की बढ़ती चिंताओं के कारण मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट की वजह से एक ही दिन में निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक डूब गए.
‘स्क्रॉल’ के मुताबिक, सत्र के अंत में बेंचमार्क सेंसेक्स 1,450 अंक (1.9%) से अधिक टूट गया था, जबकि निफ्टी में 430 अंक (1.8%) से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. बेंचमार्क सूचकांकों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट देखी गई. मार्च की भारी गिरावट के बाद अप्रैल में बाजार में मामूली सुधार हुआ था.
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों के बीच, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.6 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक कमजोर हो गया. इससे पहले 5 मई को भारतीय मुद्रा 95.4 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुँची थी.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मंगलवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.7% बढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल हो गई. गौरतलब है कि संघर्ष शुरू होने से एक दिन पहले, 27 फरवरी को ब्रेंट की कीमत 78 डॉलर प्रति बैरल थी. इसके साथ ही बाजार में अस्थिरता मापने वाला सूचकांक 'इंडिया विक्स' भी मंगलवार को 3.9% चढ़ गया.
इस बीच ‘पीटीआई’ की खबर है कि शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स मंगलवार को लगातार चौथे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया (मध्य-पूर्व) संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2 प्रतिशत तक टूट गए.
विदेशी फंडों की निरंतर निकासी और रुपये के सर्वकालिक निचले स्तर (लाइफटाइम लो) पर पहुँचने का भी निवेशकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा. चौतरफा बिकवाली के बीच, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक यानी 1.92 प्रतिशत गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार के दौरान, यह एक समय 1,565.78 अंक या 2 प्रतिशत गोता लगाकर 74,449.50 तक पहुँच गया था.

