ये दिन आ गए..! नीट की 21 जून को होने वाली परीक्षा के लिए भारतीय वायु सेना की सेवाएं लेने पर विचार
बताइए, “अच्छे दिन” लाने वालों ने “ये दिन” ला दिए हैं कि अब नीट की पुनर्परीक्षा के लिए भारतीय वायु सेना की सेवाओं को लेने की नौबत आ गई है. सौरभ त्रिवेदी के अनुसार, सरकार 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की पुनरीक्षा के लिए रसद (लॉजिस्टिक्स) और परिवहन व्यवस्था संभालने के लिए रक्षा बलों को शामिल करने पर विचार कर रही है. यह कदम कथित प्रश्नपत्र लीक होने के बाद मूल परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद उठाया जा रहा है.
रक्षा मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों ने पुष्टि की है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल हुए थे. इस चर्चा के दौरान भारतीय वायु सेना के अधिकारी भी मौजूद थे.
अधिकारियों के अनुसार, देश भर के परीक्षा केंद्रों तक प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रूप से पहुँचाने के लिए परिवहन और रसद सहायता प्रदान करने हेतु वायु सेना को तैनात करने का एक प्रस्ताव तैयार किया गया है. अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के साथ परामर्श के बाद होने की उम्मीद है.
वर्तमान में प्रश्नपत्रों को डाक नेटवर्क (पोस्टल नेटवर्क) के माध्यम से भेजा जाता है, जिसमें कई हैंडलिंग पॉइंट और अधिकारी शामिल होते हैं. सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित वायु सेना समर्थित तंत्र का उद्देश्य लीक के जोखिम को कम करना और सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करना है.
एक अधिकारी ने कहा, "यदि मंत्रालय से मंजूरी मिल जाती है, तो वायु सेना इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए परीक्षा से जुड़े संबंधित अधिकारियों के साथ व्यावहारिक विवरणों पर चर्चा करेगी."
नीट परीक्षा, जो मूल रूप से 3 मई को 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए आयोजित की गई थी, उसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा एक संगठित पेपर लीक और आंतरिक संलिप्तता के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था.
इस मामले की जांच वर्तमान में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है, जिसने अब तक दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

