अडानी से जुड़े बिजली प्रोजेक्ट के विरोध में गुजरात के 21 किसानों पर केस, मोदी-शाह के पुतले जलाने का आरोप

'द वायर हिंदी' की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के मोरबी जिले के जेतपर गांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतले जलाने के मामले में 21 किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. किसानों ने 17 सितंबर को अडानी से जुड़े बिजली ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं के पुतले जलाए थे. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन से प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित समारोहों में बाधा पहुंची.

जेतपर और आसपास के करीब 35 गांवों के किसान पिछले चार महीनों से अपनी कृषि भूमि से होकर हाई-वोल्टेज बिजली ट्रांसमिशन लाइन बिछाए जाने का विरोध कर रहे हैं. इन लाइनों के लिए टावर लगाने का काम हलवद ट्रांसमिशन लिमिटेड कर रही है, जो अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड की विशेष प्रयोजन कंपनी है.

मोरबी पुलिस थाने के निरीक्षक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि किसानों ने पहले से साजिश रचकर सार्वजनिक सड़क पर ज्वलनशील पदार्थ डालने के बाद पुतलों में आग लगाई. पुलिस ने दावा किया है कि इससे भय का माहौल बना और सार्वजनिक शांति भंग हुई.

किसानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की आठ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इनमें आपराधिक साजिश, गलत तरीके से रोकना, गैरकानूनी सभा, दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना, सरकारी आदेश की अवज्ञा, सार्वजनिक रास्ते पर खतरा या बाधा पैदा करना, आग या ज्वलनशील पदार्थ को लेकर लापरवाही और जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने के लिए उकसाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं.

किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेहुल अमृतिया ने प्राथमिकी को पूरी तरह निराधार बताया है. 'द वायर हिंदी' के हवाले से उन्होंने कहा कि गुजरात के किसान इसका उचित जवाब देंगे और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी.

किसानों का कहना है कि बिजली ट्रांसमिशन लाइन उनकी कृषि भूमि से होकर गुजरने के कारण उनकी खेती प्रभावित होगी. दूसरी ओर, परियोजना से जुड़ी कंपनी की ओर से ट्रांसमिशन लाइन के लिए टावर लगाने का काम जारी है. इसी मुद्दे को लेकर जेतपर और आसपास के गांवों में पिछले चार महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

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