खराब सड़क; मेघालय में बीमार बच्चे को लेकर 3 घंटे पैदल चली माँ, अस्पताल पहुँचने के पहले बच्चे की मौत

मेघालय के वेस्ट खासी हिल्स जिले के अधिकारियों ने नजदीकी अस्पताल पहुँचने के लिए माता-पिता द्वारा तीन घंटे की पैदल यात्रा के दौरान एक बीमार बच्चे की मौत पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

डोमकिरकोह गांव के मुखिया बी. स्यिम के अनुसार, तीन वर्षीय मासूम की मौत उसकी मां की गोद में तब हो गई, जब वह अपने घर से मॉडेट तक पहाड़ी रास्ते पर लगभग 10 किमी की दूरी भी तय नहीं कर पाई थी, जहां से उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए वाहन मिल सकता था.

स्यिम ने बताया, "1 अक्टूबर की रात को बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसके माता-पिता ने वाहन की व्यवस्था करने की कोशिश की. लेकिन खराब सड़क की स्थिति के कारण कोई भी ड्राइवर गांव आने को तैयार नहीं हुआ."

‘द हिंदू’ ब्यूरो के मुताबिक, बच्चे के परिवार के सदस्य अगली सुबह जितना हो सके तेजी से पैदल चलकर मॉडेट पहुंचने के लिए निकले. बच्चे की मौत के लिए खराब सड़क संपर्क को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रामीणों ने राज्य सरकार से डोमकिरकोह के लिए बेहतर सड़क सुनिश्चित करके लोगों की जान बचाने का आग्रह किया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो, जिसमें कथित तौर पर परिवार को बच्चे को ले जाते हुए दिखाया गया है, ने मेघालय के दूरदराज के इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर बहस छेड़ दी है.

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