भारत का जून का वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर $30.43 अरब हुआ
मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग व्यवधानों के चलते जून में आयात की तुलना में निर्यात अधिक तेजी से गिरा, जिससे भारत का वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 30.43 अरब डॉलर हो गया.
शिवानी आचार्य ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ‘रॉयटर्स’ के एक अर्थशास्त्रियों के पोल के अनुसार, जून में व्यापार घाटा 26.63 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया गया था, जबकि पिछले महीने (मई में) यह घाटा 28.21 अरब डॉलर था.
सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि वस्तु निर्यात पिछले महीने के 45.2 अरब डॉलर से गिरकर जून में 40.41 अरब डॉलर रह गया. वहीं, आयात मई के 73.41 अरब डॉलर के मुकाबले गिरकर 70.84 अरब डॉलर पर आ गया.
यह आंकड़े भारत पर निर्यात को बनाए रखने और आयात लागत को नियंत्रित करने के दबाव को रेखांकित करते हैं, विशेष रूप से ऐसे समय में जब वह एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. दिलचस्प है कि भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भारत "अच्छी" प्रगति कर रहा है और इसमें कोई चुनौती नहीं देखता है. उन्होंने आगे जोड़ा कि इस समझौते का ढांचा तैयार है और "जब भी सही समय होगा, इस पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे."

