जम्मू-कश्मीर: पुलिस थाने पर हमले के आरोप में सेना के कर्नल, मेजर समेत 40 जवानों पर एफआईआर
‘द वायर’ के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सेना और पुलिस के बीच टकराव का एक गंभीर मामला सामने आया है. स्थानीय पुलिस ने सेना की 17 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के एक कर्नल, एक मेजर और 30-40 अन्य जवानों के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
एफआईआर के अनुसार, 24 जून को 17 आरआर के 30 से 40 सैनिकों का एक समूह अथोली पुलिस स्टेशन में जबरन घुस गया. आरोप है कि जवानों ने पुलिस थाने की दीवार और मुख्य गेट फांदकर प्रवेश किया तथा वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया. पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई का नेतृत्व मेजर विकास शर्मा और नायब सूबेदार शंकर गुरखे ने किया, जबकि यह सब 17 आरआर के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन. अरुण गांधी के निर्देश पर हुआ.
पुलिस का आरोप है कि जवान लाठियों, लोहे की रॉड और हथियारों से लैस थे. हमले में उप-मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ), अन्य पुलिसकर्मी तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) तस्लीम जावेद वानी भी घायल हुए. एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) को राइफल के बट से गर्दन पर गंभीर चोट लगने की बात भी एफआईआर में कही गई है. इसके अलावा पुलिस और एआरटीओ के वाहनों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है.
हालांकि एफआईआर में घटना की वजह का उल्लेख नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब जिला उपायुक्त के दौरे के दौरान पुलिस ने सेना के एक वाहन को रोक लिया था. बताया जा रहा है कि वाहन चालक और पुलिस के बीच बहस के बाद वाहन को सत्यापन के लिए पुलिस थाने ले जाया गया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई.
इस बीच भारतीय सेना ने कहा है कि मामला जांच के अधीन है और उचित संस्थागत प्रक्रिया के तहत इसकी पड़ताल की जा रही है. सेना ने कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है. सेना का कहना है कि संयुक्त जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जांच जारी है और दोनों पक्षों की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.

