किंग चार्ल्स मरम्मत के बाद बकिंघम पैलेस में नहीं रहेंगे, नवीनीकरण पर 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च 

किंग चार्ल्स अगले साल बकिंघम पैलेस का 10 साल का नवीनीकरण (मरम्मत) पूरा होने के बाद भी वहाँ नहीं रहेंगे. इसके साथ ही ब्रिटिश सम्राट के प्राथमिक निवास के रूप में इस लंदन लैंडमार्क की लगभग दो सदियों पुरानी भूमिका समाप्त हो जाएगी.

अधिकारियों ने यह भी खुलासा किया कि किंग (राजा) ने 2024/25 में £12.9 मिलियन ($17.0 मिलियन/ 160 करोड़ रुपये) का टैक्स चुकाया है — यह पहली बार है जब यह आंकड़ा सार्वजनिक किया गया है — जिससे वे ब्रिटेन के शीर्ष 100 करदाताओं में शामिल हो गए हैं. साल 2022 में क्वीन (रानी) एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद से बढ़ती जांच और आलोचना के बीच शाही परिवार के सदस्यों ने अपने वित्त को लेकर अधिक पारदर्शिता बरतने का वादा किया है.

‘रॉयटर्स’ के लिए माइकल होल्डन की रिपोर्ट के अनुसार, किंग चार्ल्स का बकिंघम पैलेस में न रहने और पास ही में स्थित अपने पुराने लंदन निवास 'क्लेरेंस हाउस' में ही बने रहने का फैसला, अगले साल पूरे होने वाले £369 मिलियन ($487 मिलियन/ 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) के नवीनीकरण कार्य से पहले आया है. इस मरम्मत का उद्देश्य पुरानी हो चुकी बिजली की वायरिंग, पाइपों और हीटिंग सिस्टम को बदलना है.

जब 2017 में यह काम शुरू हुआ था, तब अधिकारियों को उम्मीद थी कि यह महल सम्राट का प्राथमिक लंदन निवास बना रहेगा, जैसा कि 1837 में क्वीन विक्टोरिया के शासक बनने के बाद से होता आया था. किंग के  कोषाध्यक्ष जेम्स चाल्मर्स (जिन्हें कीपर ऑफ द प्रिवी पर्स कहा जाता है) ने कहा कि यह महल राज्य के दौरों की मेजबानी सहित औपचारिक और आधिकारिक कार्यों के लिए प्राथमिक स्थान बना रहेगा.

"यह राजशाही का 'मुख्यालय' है और हमेशा रहेगा, जो हमारी राष्ट्रीय इमारतों का मुकुट रत्न है. जब भी महामहिम लंदन में होंगे, छत पर संप्रभु का झंडा गर्व से लहराएगा," उन्होंने कहा.

किंग चार्ल्स या दिवंगत क्वीन एलिजाबेथ, दोनों में से कोई भी 2019 के बाद से महल में रात को नहीं रुका है. राजा वहाँ अपने निजी कमरे बनाए रखेंगे जिनका उपयोग ठहरने के लिए किया जा सकता है.  चाल्मर्स ने बिना विस्तृत विवरण दिए बताया कि हर साल लगभग 700,000 लोग इस इमारत को देखने आते हैं, और जनता के लिए इसकी पहुंच को और बढ़ाया जाएगा.

कानूनन, ब्रिटिश राजा आयकर, पूंजीगत लाभ (कैपिटल गेन्स) या विरासत कर चुकाने के लिए बाध्य नहीं हैं, लेकिन चार्ल्स ने अपनी इच्छा से राशि का खुलासा किए बिना ऐसा किया है, जैसा कि उनकी मां ने 1993 के बाद किया था.

1399 के बाद से सभी सम्राटों की तरह, चार्ल्स को भी विशाल 'डची ऑफ लैंकेस्टर' एस्टेट से एक निजी आय मिलती है — जो 2025/26 में £25.2 मिलियन थी — साथ ही उनकी अन्य संपत्तियों और निवेशों से भी आय होती है. चाल्मर्स ने कहा कि किंग चार्ल्स ने 2023/24 में £11.7 मिलियन टैक्स दिया था और 2022 में किंग बनने के बाद से कुल मिलाकर £30 मिलियन से अधिक का टैक्स चुकाया है.

उन्हें सरकार से भी पैसा मिलता है, जिसे 'सोवरन ग्रांट' कहा जाता है. यह क्राउन एस्टेट (एक संपत्ति पोर्टफोलियो, जिसके राजस्व को सम्राट वार्षिक भुगतान के बदले राज्य के खजाने में सौंप देते हैं) से होने वाले मुनाफे के एक प्रतिशत पर आधारित होता है, जिसका उपयोग कर्मचारियों, शाही महलों और यात्रा के खर्चों के लिए किया जाता है.

ऑफशोर विंडफार्म (तटीय पवन चक्की) लाइसेंसों की बिक्री से बढ़ते मुनाफे के कारण इस ग्रांट में भारी बढ़ोतरी हुई है. यह 2024/25 में £86 मिलियन से बढ़कर अगले वर्ष £132 मिलियन हो गया और 2026/27 में £137.9 मिलियन होगा.

लेकिन चाल्मर्स ने कहा कि "महामहिम की स्पष्ट इच्छाओं के अनुरूप" 2027/28 में इसमें पहली बार कटौती की जाएगी और इसे £100 मिलियन कर दिया जाएगा, और यह स्तर 2031/32 तक बना रहेगा. यह राशि 2016 की तुलना में लगभग £60 मिलियन अधिक है, जब बकिंघम पैलेस की मरम्मत के खर्च के लिए फंडिंग फॉर्मूले को बदला गया था. चाल्मर्स ने कहा, "यह कोई ब्लैंक चेक नहीं है," और उन्होंने जोड़ा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपाय मौजूद हैं कि यह राशि आनुपातिक हो.

साल 2024 में मीडिया में हुए इस खुलासे ने आलोचना को जन्म दिया था कि 'डची ऑफ लैंकेस्टर' और गद्दी के उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम की 'डची ऑफ कॉर्नवाल' एस्टेट ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा, सेना और स्कूलों से किराया वसूल रहे थे. इस महीने शाही संपत्ति के प्रबंधों के बारे में आए विवरणों ने भी विवाद खड़ा किया.

प्रिंस विलियम के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने 2024/25 में £7.76 मिलियन का टैक्स चुकाया है और निर्देश दिया है कि एक बंद पड़ी जेल से मिलने वाला £1.5 मिलियन का किराया स्थानीय समुदाय को दिया जाए.

हालांकि, आलोचकों का कहना है कि शाही वित्त अभी भी अपारदर्शी बना हुआ है. राजशाही विरोधी अभियान समूह 'रिपब्लिक' के मुख्य कार्यकारी ग्राहम स्मिथ ने कहा: "चार्ल्स के लिए एक और बढ़ोतरी, अधिक दिखावा और करों पर अधिक गुमराह करने वाली बातें. शाही रिपोर्टिंग का यही तरीका है: वे जितना अधिक खुलासा करते हैं, उतने ही अधिक सवाल खड़े होते हैं."

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