मणिपुर के सेनापति जिले में दो नागा नागरिकों की हत्या, दो घायल; 48 घंटे में दूसरी वारदात
म्यानमार स्थित हमलावरों द्वारा कामजोंग जिले में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के महज 48 घंटे के भीतर शनिवार (26 सितंबर, 2026) को मणिपुर के सेनापति जिले में संदिग्ध उग्रवादियों ने दो नागा नागरिकों की हत्या कर दी.
जिला अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर सके कि चौवाईनामेई गांव के रॉकी माओ और लाई शिराफी गांव के कुमार पोमई के रूप में पहचाने गए दो नागा पुरुषों की हत्या कैसे की गई या घटना का कारण क्या था.
‘द हिंदू’ ब्यूरो के मुताबिक, सेनापति एक नागा बहुल जिला है. मृतकों में से एक माओ नागा और दूसरा पोमई नागा समुदाय से है, वहीं, घायल हुए दो अन्य लोग — अशिशो सानी और अदानी मानियो — माओ नागा समुदाय से हैं.
घायलों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताओं के लिए सेनापति जिला अस्पताल भेजा गया.
जब हत्याओं की खबर आई, उस समय मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह आधिकारिक दौरे पर सेनापति जिले में ही मौजूद थे. वे नागालैंड की सीमा से लगे माओ में एक मिशनरी स्कूल के रजत जयंती (सिल्वर जुबली) समारोह में शामिल होने पहुंचे थे.
इस बीच केंद्र और राज्य सरकार के साथ शनिवार (26 सितंबर, 2026) को गुवाहाटी स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के फ्रंटियर मुख्यालय में हुई त्रिपक्षीय बैठक के बाद, नागाओं के शीर्ष सामुदायिक संगठन यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने मणिपुर के राजमार्गों पर अपनी आर्थिक नाकेबंदी को अस्थायी रूप से हटाने पर सहमति व्यक्त की.

