इम्फाल वेस्ट में नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हिंसक, 7 घायल
एक नए घटनाक्रम में, इम्फाल वेस्ट जिले में नागा नागरिकों की हत्या के विरोध में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शन के हिंसक हो जाने से गुरुवार को कम से कम 7 लोग घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले और मॉक बम का सहारा लेना पड़ा. नागा और मैतेई समुदायों के सैकड़ों प्रदर्शनकारी नमडिलोंग क्षेत्र और कांगलातोंगबी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर एकत्र हुए. एक समूह ने नमडिलोंग नागा गांव में धरना दिया, जबकि यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) के तहत एक अन्य समूह ने कांगलातोंगबी बाजार से गांव की ओर मार्च किया, नारेबाजी की और मौतों के लिए जवाबदेही की मांग की. स्थिति तब बिगड़ गई जब सुरक्षाकर्मियों ने रैली को रोकने और भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया.
मनोज आनंद की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के कई गोले दागे और मॉक बमों का इस्तेमाल किया. जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और गुलेल का इस्तेमाल किया. इस झड़प में आम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों दोनों सहित सात लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए इम्फाल के एक अस्पताल में ले जाया गया. भीड़ के तितर-बितर होने के बाद भी इलाके में तनाव बना रहा. यह विरोध प्रदर्शन इस साल की शुरुआत में नागा नागरिकों के अपहरण और बाद में हुई हत्या से जुड़ा हुआ था. मई के मध्य में संबंधित हिंसा के बाद कांगपोकपी जिले के लेइलोंन वैफेई इलाके से अपहृत लोगों में छह नागा पुरुष शामिल थे, जिनके क्षत-विक्षत शव जून में बरामद किए गए थे. नागा संगठनों ने बार-बार जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी, कुछ कुकी समूहों के साथ अभियान स्थगन समझौते को रद्द करने और पहाड़ी-घाटी सीमा पर स्थित नागा गांवों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है.
मणिपुर में जातीय तनाव, जो शुरुआत में 2023 में मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच भड़का था और बाद में इसमें नागा समूह भी शामिल हो गए, इस साल की शुरुआत में प्रमुख समुदायों के प्रतिनिधित्व के साथ बनी नई राज्य सरकार के बावजूद सुलग रहा है. शाम तक गतिरोध जारी रहने से जिले के कुछ हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा. घटना के बाद इम्फाल वेस्ट के कांगलातोंगबी और नमडिलोंग इलाकों और उनके आसपास के क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है.

