हीटवेव यूरोप के लिए लाई क्रूर गर्मियां, राहत रणनीति के लिए फ्रांस ने बुलाई संकटकालीन बैठक, शराब पर बैन

यूरोप के एक बड़े हिस्से में चल रही भीषण गर्मी (हीटवेव) के कारण फ्रांस में आपातकालीन बैठकें बुलानी पड़ी हैं, जर्मनी में देशव्यापी चेतावनी जारी की गई है और इटली में पर्यटकों व निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि तापमान रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है.

‘रॉयटर्स’ के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबस्टियन लेकोर्नू शनिवार को एक संकटकालीन बैठक करने वाले थे. इससे पहले राष्ट्रीय मौसम एजेंसी 'मेटीयो फ्रांस' ने चेतावनी दी थी कि यह गर्मी अगले सप्ताह भी जारी रहेगी. एजेंसी ने इस स्थिति की तुलना 2003 और 2019 के भीषण गर्मी के दौर से की है.

यूरोप के अधिकांश हिस्से को झुलसा रही इस भीषण गर्मी के कारण फ्रांस में शराब पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया गया है, जर्मनी में देशव्यापी चेतावनी जारी की गई है और स्पेन में एक फुटबॉल फैन जोन को बंद करना पड़ा है.

मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं का कहना है कि रविवार तक 39 से 40 डिग्री सेल्सियस तापमान दक्षिण-पश्चिम से लेकर पेरिस क्षेत्र और बरगंडी तक फैल जाएगा, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है. तापमान के सोमवार को अपने चरम पर पहुँचने की उम्मीद है, जो संभावित रूप से ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के बराबर हो सकता है. जर्मनी को भी लगभग देशव्यापी हीट अलर्ट का सामना करना पड़ा, जहाँ तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया. वहां की मौसम सेवा 'डीडब्ल्यूडी' ने चेतावनी दी है कि गर्मी और उमस का यह संयोजन गंभीर आंधी-तूफान का कारण बन सकता है.

रोमन मंदिर के नीचे ठंडक की तलाश

आल्प्स पर्वतमाला के दूसरी ओर, 36-37 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की उम्मीद वाले तापमान ने कुछ इतालवी शहरों में दैनिक जीवन और पर्यटन को पूरी तरह बदल कर रख दिया है.

रोम की तपती गर्मी ने दर्शनीय स्थलों की यात्रा को सहनशक्ति की परीक्षा में बदल दिया है, जहाँ कोलोसियम के बाहर चिलचिलाती धूप में पर्यटक कतारों में खड़े नजर आए. कुछ लोगों ने 'टेम्पल ऑफ क्लॉडियस' के आधे छिपे हुए अवशेषों के नीचे बने ठंडे भूमिगत स्थानों में जाकर राहत की तलाश की.

प्रायद्वीप के सबसे गर्म शहरों में से एक, उत्तरी शहर बोलोग्ना में लोग नेप्च्यून के केंद्रीय 16वीं शताब्दी के फव्वारे पर अपने चेहरों पर पानी की छीटें मारते और पोर्टिकोज़ (स्तंभों वाले बरामदों) की छाया में शरण लेते दिखे. इस बीच, वारसॉ में पोलैंड के नागरिक विस्तुला नदी के किनारे लोकप्रिय समर स्पॉट्स (गर्मियों के ठिकानों) पर गर्मी से राहत पाते नजर आए.

अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रही भीषण गर्मी

वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पूरे यूरोप में हीटवेव अधिक बार और अधिक तीव्र हो रही है, जिससे गर्मियों के महीनों में स्वास्थ्य आपातकाल और आर्थिक व्यवधान का खतरा बढ़ रहा है.

पेरिस के अधिकारियों ने निवासियों पर इसके प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं, जिसके तहत पार्कों को चौबीसों घंटे खुला रखने का आदेश दिया है. अत्यधिक गर्मी से होने वाले आर्थिक नुकसान पर भी ध्यान आकर्षित हो रहा है. बैंक ऑफ फ्रांस के गवर्नर इमैनुएल मौलिन ने कहा कि एक तरफ इससे उत्पादकता कम होती है तो दूसरी तरफ ऊर्जा (बिजली) की खपत बढ़ जाती है. उन्होंने चेतावनी दी कि मध्यम अवधि में ये हीटवेव आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करती हैं.

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