मणिपुर में मैतेई हत्याओं के विरोध के बीच कुकी व्यक्ति की हत्या, छह घरों में लगाई आग

'हिंदुस्तान टाइम्स' में थॉमस नगांगोम की रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को 45 वर्षीय कुकी समुदाय के व्यक्ति पाओलेन खोंगसाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी बीच, उखरुल जिले के एक कुकी गांव में करीब छह घरों को आग के हवाले कर दिया गया. ये घटनाएं इंफाल पूर्वी जिले में सोमवार को घात लगाकर किए गए हमले में तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान हुईं. बंद का सबसे अधिक असर इंफाल घाटी के पांच मैतेई बहुल जिलों में देखने को मिला.

स्थानीय लोगों के अनुसार, पाओलेन खोंगसाई एक अन्य व्यक्ति के साथ बांस की कोपलें इकट्ठा कर रहे थे, तभी हथियारबंद हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की. खोंगसाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद दूसरा व्यक्ति बाल-बाल बच गया. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. स्थानीय संगठनों तथा गांव के स्वयंसेवकों ने लोगों को जंगलों और सुनसान इलाकों में जाने से बचने की चेतावनी दी.

उखरुल में छह घरों में आगजनी

उखरुल पुलिस के अनुसार, पटलेइजांग नामक कुकी गांव में करीब छह घरों को आग लगा दी गई. पुलिस ने बताया कि आगजनी करने वाले लोग घटनास्थल से फरार हो गए और इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान, उनकी संख्या और घटना के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है. मामले में भारतीय न्याय संहिता के तहत आग या विस्फोटक पदार्थों से नुकसान पहुंचाने से संबंधित प्रावधानों में मुकदमा दर्ज किया गया है.

इंफाल को उखरुल के रास्ते नागालैंड से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-202 के आसपास रहने वाले लोगों और नागरिक संगठन नेटिव पीपुल्स कमेटी मणिपुर ने सोमवार शाम से 48 घंटे के बंद का आह्वान किया था. प्रदर्शनकारियों ने इंफाल पश्चिम के खोयाथोंग और थांगमीबंद सहित कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध कीं. बिष्णुपुर में प्रदर्शनकारियों ने तिद्दिम रोड पर टायर और मलबा जलाकर विरोध जताया.

मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन

सोमवार को तीन मैतेई लोगों की हत्या के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आवास के मुख्य द्वार के सामने दो शव रख दिए. आरोप है कि हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने जंगल में लकड़ियां इकट्ठा कर रहे लोगों पर घात लगाकर हमला किया था. हालांकि, मृतकों के परिवारों ने हमलावरों के कुकी समुदाय से होने का दावा किया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े. प्रदर्शनकारी एक ट्रक में दो शव लेकर वहां पहुंचे थे. मंगलवार सुबह बंद प्रभावित क्षेत्रों में किसी नई हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली. हालांकि, इंफाल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई. शैक्षणिक संस्थान बंद रहे, बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं निलंबित कर दी गईं.

2023 से जारी जातीय हिंसा में 306 से अधिक मौतें

मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष मई 2023 में शुरू हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक, तब से राज्य में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 66,000 लोग विस्थापित हुए हैं. हाल के महीनों में राज्य में कम से कम 50 लोगों की जान गई है, जिनमें अधिकांश मौतें नागा-कुकी संघर्ष से जुड़ी बताई गई हैं.

रिपोर्ट में 13 मई को कांगपोकपी में हुए दोहरे घातक हमले का भी उल्लेख है, जिसमें चार लोग मारे गए थे. उसी दिन कुकी और नागा समुदायों के 48 नागरिकों को बंधक बनाए जाने की खबर सामने आई थी. बाद में कुछ बंधकों को रिहा किया गया, जबकि छह नागा बंधकों के क्षत-विक्षत शव 10 जून को बरामद हुए थे. इन घटनाओं ने राज्य में तनाव और बढ़ा दिया था.

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