पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में कथित तौर पर गौरक्षकों द्वारा मुस्लिम चरवाहे की हत्या
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीतलकूची में 51 वर्षीय मुस्लिम चरवाहे (डांगोवाल) मोंटू मिया का शव रविवार, 5 जुलाई को खुतामारा नदी के पुल के नीचे से बरामद किया गया. वह शनिवार शाम को एक खरीदार के घर गाय पहुंचाने निकले थे और लापता हो गए थे.
मोंटू के परिवार का आरोप है कि गाय ले जाते समय खुद को गौरक्षक कहने वाले लोगों की भीड़ ने उनके साथ बर्बरता की. शव पर टूटे दांत और गहरे घाव सहित प्रताड़ना के निशान थे, और नदी में फेंकने से पहले चेहरे व शरीर पर तेजाब (एसिड) भी डाला गया था.
ग़ज़ाला अहमद की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामला (केस नंबर 35/26) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन घटना के दो दिन बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. परिवार का आरोप है कि पुलिस शुरुआत में मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही थी, जिसे जनता के भारी दबाव के बाद दर्ज किया गया. इसके अलावा, परिजनों को अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं सौंपी गई है.
विपक्षी पार्टी सीपीआई (एम) ने मोंटू मिया को अपना सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ता बताया है. जब मीनाक्षी मुखर्जी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था, तो कथित तौर पर भाजपा समर्थकों ने उनके काफिले को रोककर उन पर अंडे फेंके और घेराव किया.
सीपीआई(एम) नेताओं के अनुसार, मोंटू अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे. हालिया राजनीतिक बदलावों और बाजार बंद होने के कारण उनकी आजीविका पहले से प्रभावित थी, और बाजार दोबारा खुलने के पहले ही दिन उनकी जान ले ली गई.
वर्तमान में इस मामले पर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बना हुआ है, जबकि पुलिस ने लिंचिंग के आरोपों, जांच की स्थिति या प्रतिनिधिमंडल पर हुए हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है.

