इसमें कोई शक नहीं, सीमा पर उल्लंघन हुआ; क्योंकि मैकमोहन रेखा को स्वीकार नहीं करता चीन : अरुणाचल के सीएम

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा अरुणाचल प्रदेश में "कई स्थानों" पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ "आमने-सामने" (फेस-ऑफ) की बात कहे जाने के एक हफ्ते बाद, राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि सीमा पर "उल्लंघन" होते रहते हैं क्योंकि चीन मैकमोहन रेखा को स्वीकार नहीं करता है.

ब्रिटिश भारत और तिब्बत के बीच 1914 में सहमति से तय हुई मैकमोहन रेखा अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के बीच वास्तविक सीमा का काम करती है. बीजिंग इसे यह कहते हुए स्वीकार नहीं करता है कि तिब्बत के पास ऐसा समझौता करने का अधिकार नहीं था.

तवांग में खांडू ने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि उल्लंघन हुआ है. यह होता रहता है. यह कोई नई बात नहीं है क्योंकि सीमा पूरी तरह से परिभाषित नहीं है. स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और हमारे सशस्त्र बल सीमा की बहुत अच्छी तरह से रक्षा कर रहे हैं."

उन्होंने आगे कहा, "चीन अरुणाचल में मैकमोहन रेखा को नहीं मानता है और चूंकि राज्य तिब्बत (चीन) के साथ एक बहुत लंबी सीमा साझा करता है, इसलिए कभी-कभी गश्ती दल सीमा पार कर जाते हैं. हमारे सैनिक उस तरफ जाते हैं और उनके गश्ती दल भी कभी-कभी इस तरफ आ जाते हैं."

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