अडानी मामले में हिंडनबर्ग और अन्य के खिलाफ सेबी की कार्रवाई जारी
‘रॉयटर्स’ में जयश्री पी उपाध्याय की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार नियामक (सेबी) ने उन सौदों से हुए $22.25 मिलियन के अवैध लाभ की वसूली के लिए सुनवाई शुरू कर दी है, जिन्हें अडानी समूह पर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट की पूर्व जानकारी का फायदा मिला था. 2024 में सेबी ने खुलासा किया था कि अमेरिका की किंगडन कैपिटल मैनेजमेंट ने हिंडनबर्ग की 2023 की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले कोटक इंटरनेशनल से जुड़े मॉरीशस फंड के ज़रिए अदानी के शेयरों में 'शॉर्ट पोजीशन' बनाई थी.
सेबी के अनुसार यह व्यापार गैर-सार्वजनिक जानकारी के आधार पर किया गया था, जो धोखाधड़ी विरोधी नियमों का उल्लंघन है. विदेशी संस्थाएं होने के बावजूद सेबी का मानना है कि भारत में व्यापार होने के कारण उसका अधिकार क्षेत्र बनता है.
फंड की संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए सेबी ने मॉरीशस में चल रही 'के इंडिया अपॉर्चुनिटीज फंड' की दिवालियापन कार्यवाही का विरोध किया है. सेबी ने मॉरीशस अदालत द्वारा नियुक्त रिसीवर (क्वांटुमा) से कहा है कि वसूली का आदेश आने तक फंड की परिसंपत्तियों का वितरण न किया जाए. यह मामला विदेशी संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और संपत्ति वसूली का एक नया उदाहरण स्थापित कर सकता है.

