वीनेश को डबल्यूएफआई का नोटिस… कायदा या बदले की कार्रवाई?

भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट को एक 15 पन्नों का शो-कॉज नोटिस ारी किया, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, डब्ल्यूएफआई ने उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है.

नोटिस में क्या है?

डब्ल्यूएफआई ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि विनेश फोगाट ने सेवानिवृत्ति से वापसी के लिए यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी नहीं की.

महासंघ का कहना है कि विनेश के आचरण से:

नोटिस में चार प्रमुख आरोप शामिल हैं:

  1. पेरिस ओलंपिक 2024 में वजन सीमा पार करने के कारण अयोग्यता

  2. एंटी-डोपिंग नियमों के तहत व्हेरअबउट्स (ठिकाना) जानकारी न देना

  3. मार्च 2024 के चयन ट्रायल में दो अलग-अलग वजन वर्गों में भाग लेना (जो तत्कालीन आईओए-नियुक्त तदर्थ समिति द्वारा आयोजित था)

  4. समग्र अनुशासनहीनता और राष्ट्रविरोधी आचरण

ब्ल्यूएफआई ने स्पष्ट कहा है कि विनेश 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भी भाग नहीं ले सकतीं, जो उनकी नियोजित वापसी का मंच बनने वाला था। विनेश को नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है.

पृष्ठ भूमि

यह विवाद अचानक नहीं उभरा. इसकी जडें कई साल पुरानी हैं.

2023: जंतर-मंतर धरना और बृज भूषण विवाद

जनवरी 2023 में विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया. उन्होंने तत्कालीन डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए. विनेश इस आंदोलन का सबसे मुखर चेहरा बनीं.

इस आंदोलन ने देश भर में हलचल मचा दी. पहलवानों को संसद मार्ग पर पुलिस ने हिरासत में लिया, उनके मेडल गंगा में बहाने की बात हुई — यह दृश्य भारतीय खेल इतिहास का एक दर्दनाक अध्याय बन गया.

डब्ल्यूएफआई और उससे जुड़े वर्गों ने तब से विनेश को “विद्रोही” और “संस्था-विरोधी” मानना शुरू कर दिया.

2023 अंत: डब्ल्यूएफआई पर प्रतिबंध और नया चुना

केंद्र सरकार ने विवाद के बाद डब्ल्यूएफआई को निलंबित कर आईओए की तदर्थ समिति को कुश्ती का प्रबंधन सौंपा. बाद में दिसंबर 2023 में डब्ल्यूएफआई का चुनाव हुआ, जिसमें बृज भूषण के करीबी संजय सिंह नए अध्यक्ष बने. विनेश और उनके साथियों ने इस चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए.

अगस्त 2024: पेरिस ओलंपिक की त्रासद

विनेश पेरिस ओलंपिक 2024 में 50 किग्रा फ्रीस्टाइल में फाइनल तक पहुंचीं — यह अपने आप में ऐतिहासिक था. लेकिन फाइनल से कुछ घंटे पहले वे महज 100 ग्राम अधिक वजन के कारण अयोग्य घोषित कर दी गईं। स्वर्ण और रजत, दोनों पदकों से वंचित.

इस हृदयविदारक घटना के बाद विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी.

2024 अंत: राजनीति में प्रवेश

विनेश ने सेवानिवृत्ति के बाद कांगरेस पार्टी का दामन थामा और हरियाणा विधानसभा चुनाव में जुलाना सीट से चुनाव लड़ा. उन्होंने यह सीट जीती और विधायक बन गईं.

यह कदम डब्ल्यूएफआई और उससे जुड़े राजनीतिक हलकों को और नागवार गुजरा, क्योंकि विनेश ने सत्तारूढ़ दल के विरोध में जाकर कांग्रेस का साथ दिया था.

2025-26: वापसी की कोशिश और नया टकराव

हाल ही में विनेश ने कुश्ती में अंतरराष्ट्रीय वापसी का ऐलान किया। लेकिन डब्ल्यूएफआई ने अब यह नोटिस जारी करके उनकी राह में रोड़ा अटका दिया है.

विनेश के समर्थकों का कहना है कि यह नोटिस नियमों की आड़ में राजनीतिक प्रतिशोध है. बृज भूषण और उनके साथियों के खिलाफ आवाज उठाने वाली विनेश को व्यवस्था बार-बार निशाना बना रही है.

दूसरी ओर, डब्ल्यूएफआई का तर्क है कि नियम सबके लिए समान हैं — यूडब्ल्यूडब्ल्यू के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत सेवानिवृत्ति से वापसी पर छह महीने की पूर्व सूचना अनिवार्य है, और विनेश ने यह नहीं दी.

विनेश फोगाट के पास अब 14 दिन हैं न केवल नोटिस का जवाब देने के लिए, बल्कि एक बार फिर यह साबित करने के लिए कि जो अखाड़े में नहीं हार सकती, उसे कागज़ों से भी नहीं हराया जा सकता.

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