अशोक पांडे | विनेश को भूल तो नहीं गए न!
लेखक अशोक पांडे के फेसबुक आलेख के अनुसार, भारतीय कुश्ती की सबसे जुझारू खिलाड़ी विनेश फोगाट आज भी खेल प्रशासन के दमनकारी रवैये और माफिया तंत्र के खिलाफ मजबूती से डटी हुई हैं. पेरिस ओलंपिक में महज 100 ग्राम वजन के कारण डिस्क्वालीफाई होने के दर्द, बीबीसी की 100 प्रभावशाली महिलाओं में शामिल होने, और मां बनने के बाद 32 साल की उम्र में लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 को लक्ष्य बनाकर मैट पर लौटने के विनेश के अद्भुत मानवीय जज्बे और सुप्रीम कोर्ट से लेकर दिल्ली हाई कोर्ट तक की कानूनी लड़ाई पर पढ़ें यह विशेष विश्लेषण.
वीनेश को डबल्यूएफआई का नोटिस… कायदा या बदले की कार्रवाई?
भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने शनिवार को ओलंपिक पहलवान विनेश फोगाट को एक 15 पन्नों का शो-कॉज नोटिस जारी किया, जिसमें उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं. साथ ही, डब्ल्यूएफआई ने उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है.

