फिरोजाबाद में दलित छात्र की मौत, जातिगत अपमान और पिटाई के बाद आत्महत्या का आरोप
‘मकतूब मीडिया’ के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक दलित छात्र ने सार्वजनिक रूप से जातिसूचक अपमान और बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली.
मृतक की पहचान अतीन कुमार के रूप में हुई है, जो शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नगला बिलौतिया गांव का रहने वाला था और बीएससी का छात्र था. अतीन का शव रविवार को उसके घर में मिला. इससे एक दिन पहले स्थानीय लाइब्रेरी में कुछ लोगों ने उस पर एक लड़की को परेशान करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद कथित तौर पर भीड़ ने उसकी पिटाई की.
पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीन के कमरे से एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लाइब्रेरी में हुई मारपीट और अपमान का जिक्र किया है. ग्रामीणों का कहना है कि उसके शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी एक उंगली भी टूटी हुई दिखाई दे रही थी.
बताया जा रहा है कि अतीन कॉलेज के बाद नियमित रूप से आरएम लाइब्रेरी जाता था. शनिवार शाम कुछ लोगों ने उस पर एक लड़की को परेशान करने का आरोप लगाया. आरोप है कि मामला तब और बिगड़ गया जब वहां मौजूद लोगों ने उससे उसकी जाति पूछी और इसके बाद उसकी सार्वजनिक रूप से पिटाई की गई.
अतीन के पिता अजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उनका बेटा घायल और मानसिक रूप से टूट चुका घर लौटा था, लेकिन उसने घटना के बारे में कुछ नहीं बताया. अगले ही दिन उसका शव मिला.
परिवार की शिकायत पर दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें हत्या, दंगा, शांति भंग करने की नीयत से अपमान और मारपीट की धाराएं शामिल हैं. साथ ही एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर में लाइब्रेरी संचालक अतुल सिकेरा और ध्रुव यादव समेत छह लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस ने सोमवार को अतुल सिकेरा, ध्रुव यादव और रितिक यादव को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
अतीन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. दोनों माता-पिता दिव्यांग बताए जा रहे हैं. वह पढ़ाई के साथ-साथ एक छोटी किराने की दुकान चलाकर परिवार का खर्च भी उठाता था. अब उसकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है.

