निठारी धारावाहिक हत्या कांड में बरी हुआ सुरेंद्र कोली हरिद्वार में फांसी पर लटका मिला
‘पीटीआई और टेलीग्राफ वेब डेस्क’ के अनुसार, नोएडा के निठारी हत्याकांड से जुड़े आखिरी बचे मामले में नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरी किए गए सुरेंद्र कोली शुक्रवार को हरिद्वार में अपनी चाय की दुकान के अंदर मृत पाया गया.
उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि कुछ दिन पहले ही चाय की दुकान शुरू करने वाले कोली संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिला. पुलिस अधिकारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और उसकी मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
राणा ने कहा कि अल्मोड़ा के मंगरूखाल गांव का रहने वाले कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था. चाय की दुकान किराए पर लेने से पहले उसने सुरक्षा गार्ड के रूप में काम किया था. अधिकारी ने बताया कि अल्मोड़ा में उसके परिवार को सूचित कर दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में नोएडा के निठारी हत्याकांड से संबंधित अंतिम शेष मामले में कोली को बरी करते हुए कहा था कि 2011 में मिली उसकी सजा बरकरार नहीं रह सकती, क्योंकि उसी साक्ष्य, इकबालिया बयान और जांच के आधार पर उसे 12 अन्य मामलों में बरी कर दिया गया था.
कोली जब 2006 में गिरफ्तार हुआ था, तब उसकी उम्र करीब 30 वर्ष थी और निठारी मामलों के संबंध में उसे कई बार मौत की सजा सुनाई गई थी. निठारी मामला दिसंबर 2006 में तब प्रकाश में आया था, जब नोएडा के सेक्टर 31 में व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंधेर के बंगला डी-5 के पीछे बने अहाते और नालियों में कंकाल के अवशेष, खोपड़ियां और हड्डियां मिली थीं.
इन खोजों ने कई बच्चों और महिलाओं के लापता होने और उनकी हत्या का पर्दाफाश किया, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया था. कोली पंधेर के घर में घरेलू नौकर के रूप में काम करता था. पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर लाता था, उनकी हत्या करता था और कुछ मामलों में नरभक्षण भी करता था. पंधेर पर मिलीभगत और शोषण का आरोप था.
पंधेर, जो इस मामले में आरोपी था, बरी होने से पहले वर्षों तक जेल में रहा. उसे 20 अक्टूबर 2023 को रिहा कर दिया गया था.

