वकीलों के साथ हुई झड़प के बाद सोमवार (2 नवंबर 2026) को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ को "अनुशासन के उल्लंघन" के लिए निलंबित कर दिया गया है.
लवप्रीत कौर के अनुसार, शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ हाल ही में हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात की मांग करते हुए, वशिष्ठ सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस मुख्यालय के गेट नंबर 1 के बाहर एकत्र हुए लगभग 100 पुलिसकर्मियों के साथ शामिल हुए थे.
असल में एक अधिवक्ता के साथ मारपीट के मामले में वकीलों द्वारा बुलाई गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद एसीपी वशिष्ठ और शाहदरा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था. इसके विरोध में पुलिसकर्मी सड़क पर आ गए. पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर उन्होंने प्रदर्शन किया. पुलिसकर्मी तख्तियां और पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखाई पड़े. वे पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात करने और दोनों अधिकारियों को बहाल करने की मांग कर रहे थे. यह नजारा अभूतपूर्व था. आमतौर पर वर्दीधारी पुलिसकर्मी प्रदर्शन, आंदोलन या नारेबाजी नहीं करते.
वशिष्ठ ने सोमवार को 'भारत माता की जय' और 'पुलिस एकता ज़िंदाबाद' के नारों के बीच कहा था, "हमारी मांगें स्पष्ट हैं. हमें पुलिस कमिश्नर साहब से मिलना है. ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) होनी चाहिए. अगर हमारे साथ ऐसा होता है, तो हम शहर के लोगों की सुरक्षा के लिए कैसे लड़ेंगे?"

